Bilaspur High Court: कर्मचारियो की खबर: हाई कोर्ट ने रिटायर लेक्चरर के खिलाफ जारी वसूली आदेश को किया रद्द,कहा-....
Bilaspur High Court: जस्टिस सचिन सिंह राजपूत के सिंगल बेंच का यह फैसला कर्मचारियों के लिए राहत वाली है। एक लेक्चरर की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा,....

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7 February 2026| बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट जस्टिस सचिन सिंह राजपूत के सिंगल बेंच का यह फैसला कर्मचारियों के लिए राहत वाली है। एक लेक्चरर की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा, कर्मचारी के रिटायरमेंट तिथि से छह महीने बाद जीपीएफ से वसूली नहीं कर सकते। रिटायर लेक्चरर को राहत देते हुए जारी वसूली आदेश को रद्द कर दिया है।
छत्तीसगढ़ जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ निवासी लक्ष्मीनारायण तिवारी शासकीय उ.मा.शा. ससहा में व्याख्याता के पद पर पदस्थ थे। 31 जनवरी 2011 को 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया। सेवानिवृत्ति के 12 साल बाद कार्यालय महालेखाकार, रायपुर ने उनके सामान्य भविष्य निधि GPF में ऋणात्मक शेष दर्शाते हुए उनके विरूद्ध वसूली आदेश जारी कर दिया।
इस आदेश को चुनौती देते हुए रिटायर लेक्चरर ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई जस्टिस सचिन सिंह राजपूत के सिंगल बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने जबलपुर हाई कोर्ट के फैसले के अलावा छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट बिलासपुर द्वारा डीआर. मण्डावी विरूद्ध छ.ग. शासन एवं अन्य एवं हृदयनारायण शुक्ला विरूद्ध छ.ग. शासन एवं अन्य में पारित न्याय दृष्टांत का हवाला दिया।
अधिवक्ता पांडेय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के नियम 65 का हवाला दिया, जिसमें प्रावधान है कि किसी भी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी के सामान्य भविष्य निधि GPF में यदि ऋणात्मक शेष है, ऐसी स्थिति में सेवानिवृत्ति दिनांक से 06 माह के भीतर वसूली की जा सकती है, निर्धारित 06 माह की अवधि के बाद जी.पी.एफ. राशि से किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जा सकती। याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कार्यालय महालेखाकर, रायपुर द्वारा याचिकाकर्ता रिटायर लेक्चरर के खिलाफ जारी वसूली आदेश को रद्द कर दिया है।
