Bhupesh Baghel ED Raid: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर ED का छापा, घोटाले से जुड़े मामले में चल रही जाँच
Bhupesh Baghel ED Raid: छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल(Chief Minister Bhupesh Baghel) के घर पर ईडी ने छापेमारी की है. उनके भिलाई स्थित घर पर ईडी ने छापा मारा है.

Bhupesh Baghel ED Raid: छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल(Chief Minister Bhupesh Baghel) के घर पर ईडी ने छापेमारी की है. उनके भिलाई स्थित घर पर ईडी ने छापा मारा है.
जानकारी के मुताबिक़, आज, सोमवार 10 मार्च की सुबह प्रवर्तन निदेशालय ईडी की टीम छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के घर पर छापा मारा. उनके भिलाई-3 पदुम नगर स्थित आवास पर यह रेड मारी गई है. 4 गाड़िया में सवार होकर ईडी के अधिकारी पहुंचे हैं.
बताया जा रहा है टीम कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच कर रही है. हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह छापेमारी किस विशेष मामले से जुड़ी हुई है. कांग्रेस नेता के घर सहित कुल 14 लोकेशंस पर ईडी ने रेड मारी है. खबर है भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के यहां भी छापा मारा है. टीम सभी दस्तावेज खंगाल रही है. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम के ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई से राजनीति में हलचल मच गई है.
ED की रेड पर क्या बोले भूपेश बघेल
ईडी की कार्रवाई के बाद भूपेश बघेल के कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ट्वीट किया गया है. उन्होंने लिखा, "सात वर्षों से चले आ रहे झूठे केस को जब अदालत में बर्खास्त कर दिया गया तो आज ED के मेहमानों ने पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल के भिलाई निवास में आज सुबह प्रवेश किया है. अगर इस षड्यंत्र से कोई पंजाब में कांग्रेस को रोकने का प्रयास कर रहा है, तो यह गलतफहमी है."
क्या है मामला
भूपेश बघेल पर मुख्यमंत्री रहते हुए बड़ा शराब घोटाला होने का आरोप है. छत्तीसगढ़ को शराब घोटाले मामले में ED लम्बे समय से जाँच कर रही है. एजेंसी के अनुसार शराब घोटाले मामले से राज्य को भारी नुकसान हुआ है. कथित तौर पर 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ हैं. इस मामले में अब तक कई नेता और अफसर गिरफ्तार हो चुके हैं. तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में हुए करीब दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस घोटाला में ईडी पूर्व मंत्री, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, निरंजनदास, अरुणपति त्रिपाठी, अरविंद सिंह, विदु गुप्ता, त्रिलोक सिंह ढिल्लों समेत कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
मामले में छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा से कांग्रेस विधायक कवासी लखमा भी गिरफ्तार हो चुके हैं. मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोप में 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसी के सूत्र की मानें तो पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा पर इस शराब घोटाले में करीब 72 करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप है. इसी को लेकर भूपेश बघेल के ठिकानो पर ED ने छापेमारी की है.
बता दें, अनिल टुटेजा आईएएस अफसर हैं, जब यह घोटाला हुआ तब वे वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव थे. दूरसंचार सेवा से प्रतिनियुक्ति पर आए त्रिपाठी आबकारी विभाग के विशेष सचिव और छत्तीसगढ़ मार्केटिंग कार्पोरेशन के एमडी थे. वहीं, पूर्व मेयर ऐजाज ढेबर कारोबारी हैं.
भूपेश बघेल पर है दो और आरोप
भूपेश बघेल पर अपने कार्यकाल के दौरान दो और भी बड़े आरोप लगे हैं. भूपेश बघेल पर महादेव सट्टा ऐप और कोल लेवी स्कैम में भी धांधली के आरोप हैं. बता दें कि भूपेश बघेल साल 2018 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे.वह छत्तीसगढ़ राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री थे. वर्तमान में वह कांग्रेस महासचिव हैं. 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
जानिए भूपेश बघेल के के बारे में..
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को दुर्ग के मनवा परिवार में हुआ. वे किसान परिवार में पैदा हुए. भूपेश बघेल के पिता का नाम नन्द कुमार बघेल और माता का नाम बिंदेश्वरी देवी था.भूपेश बघेल का विवाह 3 फरवरी, 1982 को मुक्तेश्वरी के साथ हुई. उनकी पत्नी मुक्तेश्वरी साहित्यिक लेखक डॉ नरेंद्र देव की बेटी है. भूपेश बघेल के एक बेटा और तीन बेटियां है. भूपेश बघेल के बेटे का नाम चैतैन्य बिट्टू हैं और बेटियों के नाम स्मृता, दीप्ती और दिव्या हैं. उन्होंने भूपेश बघेल ने हाई स्कूल की शिक्षा एच एस स्कूल मरार, पाटन, दुर्ग से की. वहीं भूपेश बघेल ने रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से एमए किया है.
भूपेश बघेल का राजनीतिक करियर
भूपेश बघेल ने भारतीय युवा कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. वर्ष 1985 में वह भारतीय युवक कांग्रेस में शामिल हुए. वर्ष 1990 में वह भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने और 1994 तक इस पद पर रहें. वर्ष 1993 में वह पाटन निर्वाचन क्षेत्र से मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए. 1993 से वह छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी समाज के संरक्षक हैं. 1993 से लेकर वर्ष 2001 तक मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के निर्देशक के रूप में काम किया. वर्ष 1994 में भूपेश बघेल को मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया और एक वर्ष तक उन्होंने इस पद पर कार्य किया. वर्ष 1998 में मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में वह दोबारा से पाटन से चुने गए और दिग्विजय सिंह की सरकार में राज्य मंत्री (लोक शिकायत विभाग में) नियुक्त किए गए. उसी सरकार में उन्हें दिसंबर 1999 में परिवहन मंत्री के रूप में पदोन्नत किया गया. वह 1993 पाटन सीट से पांच बार चुने गए. वे 1993, 1998, 2003, 2008, व 2018 में विधायक चुने गए.
जनवरी 2000 में उन्हें मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त गया और जब छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया, तो बघेल राजस्व, लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग और राहत कार्य के पहले मंत्री बने और 2003 तक इस पद पर बने रहे. वर्ष 2003 में पाटन निर्वाचन क्षेत्र से छत्तीसगढ़ विधान सभा के सदस्य बने और 2008 तक विपक्ष के उपनेता रहे. वर्ष 2014 में भूपेश बघेल को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया. उनके नेतृत्व में 2018 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने लड़ा और भारी बहुमत से सरकार बनाई. 17 दिसंबर 2018 को उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. उनके पास सामान्य प्रशासन,वित्त,खनिज, जनसंपर्क, विमानन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग था.
भूपेश बघेल साल 2018 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे. लेकिन 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था. भाजपा के विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने.