Bastar Loksabha Chunav 2024: 18 किमी पैदल चल कर ग्रामीणों को जाना होगा वोट डालने क्योंकि, नक्सलियों के गढ़ में पोलिंग बूथ संभव नहीं, बस्तर में 234 बूथों को किया गया शिफ्ट

Bastar Loksabha Chunav 2024: रायपुर/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में चुनाव कराना सुरक्षा बलों के लिए किसी युद्ध से कम नहीं है। देश का सर्वाधित नक्सल हिंसा ग्रस्त इलाका बस्तर संभाग में दो लोकसभा सीटें आती है। बस्तर और कांकेर। इसमें कांकेतर आंशिक नक्सल प्रभावित है। अलबत्ता, बस्तर लोकसभा सीट बारुदी सुरंगों से पटा हुआ है। बस्तर लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को वोटिंग होगी।
सुरक्षा की दृष्टि से बस्तर लोकसभा इलाके की 234 मतदान केंद्रों को सुरक्षा की दृष्टि से चुनाव आयोग ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्थ कर दिया है। क्योंकि, पारंपरिक मतदान केंद्रों पर वोटिंग कराना संभव नहीं। न वहां मतदान कर्मी जा सकते और न ही सुरक्षा बल। वे इलाके नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। उन इलाकों में भैरमगढ़, चिंतलनार, एर्राबोर, जगरगुंडा जैसे विकासखंडों को रोड बनाकर कनेक्टिविटी ठीक कर दी गई है। नक्सल प्रभावित कई इलाकों में पक्की सड़कें बन गई हैं। मगर किस सड़क के निर्माण के दौरान नक्सलियों न कहां पर बारुदी सुरंगे लगा दी है, ये किसी को पता नहीं। जाहिर है, माओवादियों ने नए बने पक्की सड़कों को बारुदी सुरंगों के विस्फोट के जरिये कई दफा सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचा चुके हैं। सो, चुनाव आयोग कोई रिस्क लेना नहीं चाह रहा है।
पैदल चलना होगा
बस्तर में सुरक्षा की दृष्टि से 234 मतदान केंद्रों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्थ किया गया है, इससे सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा के मतदान केंद्र 196 के वोटरों को 18 किलोमीटर पैदल चलकर मुर्लिगुदा मतदान केंद्र के कक्ष क्रमांक-2 जाना होगा। ये इलाके बारुदी सुरंगों से इस कदर पटे हुए हैं कि न चुनाव आयोग और न ही राजनीतिक पार्टियों वहां के वोटरों के लिए कोई वाहन का इंतजाम कर सकते। क्योंकि, नक्सली हमेशा वोटिंग का विरोध करते हैं। वे नहीं चाहेंगे कि कोई ग्रामीण उन बूथों पर आसानी से पहुंच जाएं।
196 मतदान केंद्र क्रीटिकल
निर्वाचन आयोग ने बस्तर संभाग के छह जिलों के 196 मतदान केंदों को बेहद क्रीटिकल बूथ के तौर पर चिन्हित किया है। इन सभी केंद्रों में केंंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा। इन बूथों पर निगरानी के लिए माईक्रो आब्जर्बर नियुक्त किए जाएंगे। वेबकास्टिंग के जरिये भी इन बूथों की मानिटरिंग की जाएंगी।
156 केंद्रों पर हेलिकाप्टर से पोलिंग पार्टी
बस्तर के छह जिलों के 156 मतदान केंद्रों तक पहुंचने का रास्ता नक्सलियों के गढ से होकर जाता है। उन सड़कों पर माओवादियों ने अनगिनत बारुदी सुरंगे बिछा रखी है। नक्सली उन सड़कों पर कई बड़े वारदातों को अंजाम देकर 300 से अधिक सुरक्षा बलों के जवानों की जान ले चुके हैं। इसलिए चुनाव आयोग इन इलाकों में हेलिकाप्टर से मतदान दल भेजेगा। इसके लिए 10 एमआई हेलिकाप्टरों की सेवाएं ली जाएंगी। अफसरों ने बताया कि हेलिकाप्टरों की लैंडिंग के लिए 44 बेस बनाए गए हैं।
234 मतदान केंद्र शिफ्ट
निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा की दृष्टि से बस्तर संभाग के आठ में से पांच जिलों के 234 मतदान केंद्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्थ किया है। ये 234 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां बिना रोड ओपनिंग के सुरक्षा बलों की टुकड़िया भी नहीं जा सकती। इनमें से कई स्थानों पर सुरक्षा बलों के कैंपों में तैनात जवानों के लिए हेलिकाप्टर से जरूरी सामान भेजे जाते हैं। या फिर रोड ओपनिंग के बाद गाड़ियों का काफिल रवाना होता है।
2 एयर एंबुलेंस तैयार
बस्तर में आपात स्थिति में मतदान कर्मी या जवानों को बेहतर इलाज के लिए शिफ्थ करने दो एयर एंबुलेंस तैयार रहेंगे। इनमें एक हेलिकाप्टर और एक चार्टर प्लेन शामिल हैं। दोनों जगदलपुर पहुंच चुके हैं। और 21 अप्रैल तक यहीं रहेंगे। किसी हादसे में जख्मी मतदान कर्मी या जवानों को रायपुर से बाहर मेट्रो सिटी में शिफ्थ करना होगा, तो उसके लिए एयर एंबुलेंस के रूप में एयरफोर्स का चार्टर प्लेन 24 घंटे अलर्ट मोड में रहेगा।

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
Tags
-
Home
-
Menu
