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Amit Shah CG Visit: बस्तर ओलंपिक का आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि बस्तर की संस्कृति, उत्साह, और प्रतिभा का उत्सव: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Amit Shah CG Visit: रायपुर 15 दिसम्बर 2024/ केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज बस्तर जिले के जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक आने वाले दिनों में बस्तर के विकास की यशोगाथा बनेगा और शांति, सुरक्षा, विकास और नई उम्मीद की नींव डालने का काम करेगा।

Amit Shah CG Visit: बस्तर ओलंपिक का आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि बस्तर की संस्कृति, उत्साह, और प्रतिभा का उत्सव: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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By Ragib Asim

Amit Shah CG Visit: रायपुर 15 दिसम्बर 2024/ केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज बस्तर जिले के जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक आने वाले दिनों में बस्तर के विकास की यशोगाथा बनेगा और शांति, सुरक्षा, विकास और नई उम्मीद की नींव डालने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि हम देश से नक्सलवाद को पूर्ण रूप से 31 मार्च 2026 तक समाप्त करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद समाप्त होने पर यहां कश्मीर से ज्यादा पर्यटक आएंगे। मां दंतेश्वरी की कृपा से बस्तर को प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का वरदान मिला है। हम यहां पर पर्यटन को आगे बढ़ाएंगे। हम यहां पर छोटे-छोटे उद्योगों को आगे बढ़ाकर रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे। उन्होंने बस्तर के युवाओं से कहा कि हार मानने वाला कभी नहीं जीतता। जीतता वह है जो कभी हार नहीं मानता। बस्तर के अंदर अनेक संभावनाएं हैं। यहां जो 3000 बच्चे मेरे सामने बैठे हैं उसमें से कोई बच्चा अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आएगा तो पूरा भारत इस पर गर्व करेगा।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमने दोनों मोर्चे पर काम किया है। एक ओर वह नक्सली जो सरेंडर नहीं हुए और जो हिंसा करते थे उनके खिलाफ सुरक्षा बलों को खड़ा करके उनको मार गिराने का काम किया। जो सरेंडर हुए उनको बसाने का काम किया और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जो विकास से पिछड़ गए थे, उनको विकसित करने का अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आशीर्वाद से राज्य में डबल इंजन की सरकार बनी और नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान तेज हुआ और नक्सल उन्मूलन की दिशा में हमें लगातार सफलता मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तरवासियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी ने पूरे उत्साह के साथ बस्तर ओलंपिक में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया है। इस आयोजन में 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लिए प्रबंधन करना एक चुनौती थी, बस्तर संभाग के सातों जिलों की पूरी टीम ने इसे बखूबी पूरा किया, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से हम सभी बस्तर अंचल के युवाओं की ऊर्जा को खेल के माध्यम से एक सकारात्मक दिशा देने में सफल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का यह आयोजन केवल खेल नहीं है, बल्कि बस्तर की संस्कृति, उत्साह, और प्रतिभा का उत्सव है। यह आयोजन एक संदेश देता है कि बस्तर का असली चेहरा इसकी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता है, न कि माओवाद की हिंसा।

इस आयोजन के माध्यम से हमने युवाओं को शासन-प्रशासन से जोड़कर विकास के कार्याें में सहभागी बनने की ओर उन्मुख किया है। आज जब लाखों युवा इस ओलंपिक में भाग लेते हैं और अपनी ऊर्जा को खेलों में लगाते हैं, तो यह हमारे लिए एक सुखद संकेत है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक का सफल आयोजन हमें विश्वास दिलाता है कि बस्तर के युवाओं की क्षमता और उनकी शक्ति को अगर सही दिशा में प्रेरित किया जाए, तो विकास और खुशहाली का रास्ता कोई नही रोक सकता है। ओलंपिक में शामिल खिलाड़ियोें ने यह संदेश भी दिया कि बस्तर में बदलाव की बयार चल पड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से हमने न केवल बस्तर के युवाओं की छुपी प्रतिभा को देखा, बल्कि उन आत्मसमर्पित भाइयों और बहनों की प्रतिभा को भी देखा, जिन्होंने हिंसा की माओवादी विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की। नक्सलवाद का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक अवसर प्रदान करने से होगा और बस्तर ओलंपिक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आज आपके चेहरों पर जो मुस्कान है, वह एक खुशहाल और शांतिपूर्ण बस्तर का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों ने भी इन खेलों में हिस्सा लिया। उनकी हिम्मत और जज्बा ने दिखा दिया है कि बस्तर के लोग कभी हार नहीं मानते। बस्तर ने लम्बे समय से माओवाद के दंश को झेला है। लेकिन आज, बस्तर शांति और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि हमारे केंद्रीय गृह मंत्री जी के सतत मार्गदर्शन और हर संभव सहयोग के कारण संभव हो पाई है। उनके बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और निरंतर प्रोत्साहन से हम माओवाद को जड़ से समाप्त करने की ओर अग्रसर हैं। बस्तर ओलंपिक में बच्चों-युवाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया, और बुजुर्गों ने भी इन खेलों का आनंद लेकर अपने बचपन और स्कूली जीवन की यादें ताजा कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद की जड़ें कमजोर हुई हैं, और यह सब हमारे सुरक्षा बलों की बहादुरी, बेहतर रणनीति, और आप सभी की लोकतांत्रिक आस्था के कारण संभव हुआ है। पिछले एक साल में माओवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान 220 से अधिक माओवादियों को ढेर किया गया है, 937 माओवादी गिरफ्तार हुए तथा 812 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अभी हाल ही मैंने बस्तर के सुरक्षा कैंप में जवानों के साथ रात गुजारी। यह मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव था। जवानों का बढ़ा हुआ हौसला और आत्मविश्वास देखकर मैंने भी अपने भीतर नयी ऊर्जा का महसूस की है।

हमारे नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजन भी इस मौके पर यहां मौजूद हैं। मैं उनके साहस की भी प्रशंसा करना चाहूंगा। उन्होंने रायपुर से दिल्ली तक आज हर फोरम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इनके माध्यम से दुनिया को पता चला कि माओवाद का वास्तविक चेहरा कितना क्रूर है।

हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम ’नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रहे हैं। वर्षाें से बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। वनवासी भाईयों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए हमने किया है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की भी बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। उनको मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विविध कौशल विकास का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें एक सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने 15,000 पक्के आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण में निर्धारित किया है।

नई औद्योगिक नीति में भी हमने बस्तर के विकास के साथ ही नक्सल पीड़ित तथा आत्म समर्पित लोगों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। आज डबल इंजन की सरकार में बस्तर सहित पूरे प्रदेश में सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी में तेजी से विस्तार हुआ है। नगरनार स्टील प्लांट और रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे से बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिलेगी। पूरे अंचल में वाणिज्य और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नये मौके भी सृजित होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कांगेर घाटी में स्थित गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के अपने अपग्रेड प्रोग्राम फॉर बेस्ट टूरिज्म विलेज के अंतर्गत पर्यटन के विकास के लिए चुन लिया है। हमारे लिए गौरव की बात यह है कि भारत का यह एकमात्र गांव है, जिसे 60 देशों के 20 गांवों की सूची में स्थान मिला है। इसके साथ ही विश्व पर्यटन के नक्शे में छत्तीसगढ़ और बस्तर का स्थान सुनिश्चित हो गया है।

आने वाले दिनों में पर्यटन भी बस्तर की बड़ी ताकत बनेगा। रोजगार के नये मौके खुलेंगे। लोगों की आय में बढ़ोतरी होगी। हम यहां पर्यटन के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूँ और कहना चाहूंगा कि आपकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी में जो साहस, सामर्थ्य और जज्बा है, वह इस क्षेत्र को विकास और शांति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। नक्सलवाद का अंत सुनिश्चित है, और बस्तर की यह जीत खेलों के माध्यम से एक नए युग का आगाज है।

बस्तर ओलंपिक की सबसे खास बात ये रही कि इसमें 300 से अधिक नुवा बाट (आत्म समर्पित माओवादी) ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही 18 से अधिक माओवादी हिंसा में प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी शामिल हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में आम नागरिक और खेल प्रेमी उपस्थित थे।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

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