Amit Jogi Biography in Hindi: अमित जोगी का जीवन परिचय, अमेरिका में जन्म से लेकर आजीवन कारावास तक, जानें पूर्व सीएम के बेटे का राजनीतिक सफर
Amit Jogi Biography: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अमेरिका में जन्म से लेकर उम्रकैद तक का सफर पढ़ें।

Amit Jogi Biography in Hindi: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्पेशल डिविजनल बेंच ने बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले के बाद अमित जोगी का राजनीतिक सफर और उनका जीवन परिचय (Amit Jogi Biography) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। आइए जानते हैं अमेरिका में जन्म से लेकर उम्रकैद की सजा तक का उनका सफर।
अमेरिका में जन्म और शिक्षा (Early Life and Education)
अमित जोगी का जन्म 7 अगस्त 1977 को अमेरिका के डलास में हुआ था। शुरुआत में उनकी नागरिकता और जन्मस्थान को लेकर विवाद हुए थे। बाद में खुद अमित जोगी ने पब्लिक्ली क्लियर किया था कि साल 2002 में तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की गई थी। शिक्षा की बात करें तो उन्होंने 1998 में दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन कम्प्लीट किया। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से एमए (MA) और 2009 में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की।
मरवाही से हिस्टोरिकल जीत और राजनीतिक सफर (Political Career)
अमित जोगी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। साल 2013 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने परिवार की पारंपरिक मरवाही सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार को 46,250 वोटों के भारी अंतर से हराया था। हालांकि उनका कांग्रेस का सफर ज्यादा लंबा नहीं चल सका। अंतागढ़ उपचुनाव में कथित गड़बड़ी और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 7 जनवरी 2017 को उन्हें कांग्रेस से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद उनके पिता अजीत जोगी ने 'छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस' (JCC-J) की स्थापना की जिसमें अमित जोगी ने रणनीतिकार की अहम भूमिका निभाई।
रामावतार जग्गी हत्याकांड और उम्रकैद की सजा (Jaggi Murder Case Update)
करियर की शुरुआत से ही अमित जोगी का नाम विवादों में रहा लेकिन सबसे बड़ा मामला रामावतार जग्गी हत्याकांड का साबित हुआ। 4 जून 2003 को रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच के बाद सीबीआई (CBI) ने अमित जोगी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया था। 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने अमित जोगी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। मृतक के बेटे सतीश जग्गी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से मामला वापस छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजा गया।
हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी और फैसला
अब चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविन्द वर्मा की बेंच ने विशेष अदालत का फैसला पलटते हुए अमित जोगी को आईपीसी (IPC) की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा और 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जब सभी आरोपियों के खिलाफ एक जैसे सबूत मौजूद हों तो किसी एक को जानबूझकर अलग व्यवहार देते हुए बरी नहीं किया जा सकता। इस हत्याकांड में पहले ही 28 अन्य लोगों को सजा मिल चुकी है।
