comscore

“पढ़ई तुंहर द्वार” के लिए छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग को मिला अवार्ड….. CM योगी आदित्यनाथ व मंत्री की मौजूदगी में DPI जितेंद्र शुक्ला हुए सम्मानित…अवार्ड के बाद जितेंद्र शुक्ला बोले….

रायपुर 12 फरवरी 2021। छत्तीसगढ़ में शुरू किये गये पढ़ाई के नये मॉडल “पढ़ई तुंहर द्वार” को देशव्यापी सराहना मिली है। कोरोना संकट के बावजूद शिक्षा विभाग ने पढ़ाई के इस अनूठे प्रयोग से ना सिर्फ बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखा, बल्कि नवाचार की एक नयी राह भी देश को दिखायी। उल्लेखनीय और अनूठे नवाचार माध्यम “पढ़ई तुंहर द्वार” के लिए छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग आज उत्तरप्रदेश में अवार्ड दिया गया है। ये अवार्ड कंप्युटर के जरिये नवाचार व नये प्रयोगों के लिए कंप्युटर सोसायटी ऑफ इंडिया की तरफ से दिया गया, जिसे DPI जितेंद्र शुक्ला ने शिक्षा विभाग की तरफ से लिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मंत्री रविंद्र जायसवाल की मौजूदगी में जितेंद्र शुक्ला ने अवार्ड लिया। आपको बता दें कि लॉकडाउन में जब पूरा देश बंद था, 11 मार्च से ही स्कूलों में ताला लटका था, बच्चे पढ़ाई से पूरी तरह से दूर हो गये थे, उस संकटकाल में छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने पढ़ई तुंहर द्वार प्रोग्राम शुरू किया था। ऑनलाइन माध्यम से बच्चों ने इसके जरिये ना सिर्फ स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराये गये, बल्कि उनके ही शिक्षकों की आनलाइन क्लास भी शुरू की गयी। देश भर में छत्तीसगढ़ में पहला ऐसा राज्य था, जिसने इस तरह की शुरुआत की, जिसके बाद छत्तीसगढ़ के इस मॉडल को कई राज्यों ने भी अपनाया था।

इस तरह हुआ पढ़ई तुंहर द्वार का चयन

कंप्युटर सोसायटी आफ इंडिया की तरफ से हर साल कंप्युटर व नवाचार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिया जाता है। अवार्ड के लिए ये सोसायटी अलग-अलग क्षेत्रों में कंप्युटर के क्षेत्र में नवाचार का चयन करती थी। कमेटी कंप्युटर से जुडे नवाचार का अध्ययन करती है और फिर कमेटी स्क्रूटनी कर एक्स्पर्ट्स के पास भेज देती है, जिसके बाद एक राउंड इंटरव्यू का दौर चलता है और फिर अवार्ड के लिए सेलेक्शन होता है।

इस बार पढ़ई तुंहर द्वार का हुआ चयन

कोरोना संकट के बावजूद देश में पढ़ाई के अनूठे प्रयोग पढ़ई तुंहर द्वार का इस बार कंप्युटर सोसायटी आफ इंडिया की तरफ से अवार्ड के लिए चुना गया था। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में डीपीआई जितेंद्र शुक्ला को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल की मौजूदगी में सम्मानित किया गया।

पूरी टीम ने मेहनत कर पढ़ई तुंहर द्वार को बनाया कामयाब

अवार्ड लेने के बाद जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि पढ़ई तुंहर द्वार कार्यक्रम की कामयाबी एक सामूहिक प्रयास था। इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का बेहतर निर्देशन मिला। पढ़ई तुंहर द्वार के लिए प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला, डीपीआई जितेंद्र शुक्ला और एनआईसी के सोमशेखर के नेतृत्व वाली टीम ने शानदार काम किया। सामूहिक प्रयास से ये कार्यक्रम देश भर में चर्चित भी हुआ और कामयाब भी बना। डीपीआई जितेंद्र शुक्ला ने अवार्ड के लिए सभी शिक्षक, बच्चों व पालकों को भी शुभकामनाएं दी है।

Spread the love