सिंधिया प्रकरण पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन प्रभारी पुनिया का ट्वीट – “पूरी तरह से आत्मनिरीक्षण की जरुरत है कि क्या सिंधिया अकेले ज़िम्मेदार हैं”

रायपुर,11 मार्च 2020। मध्यप्रदेश के ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रकरण ने सोशल मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर कुछ ऐसी जगह घेरी है कि कोरेना वायरस की खबरें कहीं पीछे छूट गई हैं। किस्सागोई से लेकर तीखे तंज से लबरेज़ बातें जो जवाबदेह चेहरों के ज़रिए सामने आ रही हैं वो हैरत में डालती हैं। मध्य प्रदेश के इस प्रकरण के पीछे सिंधिया समर्थक जिन पर उंगली उठा रहे हैं वो नाम दिग्विजय सिंह हैं, वे दिग्विजय जिन्हे दिग्विजय के समर्थक चाणक्य के रुप में प्रचारित करते हैं। दिग्विजय सिंह का ट्विटर हैंडल कल बल्कि आज सुबह छ बजे से बेहद सक्रिय हैं और इस मसले पर श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया की आलोचना या प्रश्नांकित करने वाले ट्विट को रिट्विट करते दिखे रहा है।
सिंधिया के समर्थक श्रीमंत के इस फ़ैसले को लगातार अपमान और उपेक्षा और षड्यंत्र का परिणाम बताते हैं, लेकिन कांग्रेस के चर्चित चेहरे जो कि मध्यप्रदेश से हैं जिनकी स्वाभाविक तौर पर निष्ठा या तो दिग्विजय या फिर कमलनाथ के प्रति है वे इसे लेकर सिंधिया के फ़ैसले को शक्ति पद का लालच बताकर सिंधिया की लानत मलामत कर रहे हैं।
लेकिन क्या मसला श्रीमंत के लिए शक्ति और पद का था, इसे लेकर संक्षिप्त शब्दों से मगर गंभीर स्वरों से भरापूरा ट्विट छत्तीसगढ़ प्रदेश संगठन प्रभारी पीएल पुनिया का है। समृद्ध प्रशासनिक अनुभव रखने वाले और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस क
पी एल पुनिया ने ट्विट कर लिखा है –

“बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे वरिष्ठ नेता को खो दिया। यह पूरी तरह से आत्मनिरीक्षण की जरूरत है कि क्या श्री सिंधिया अकेले जिम्मेदार हैं। 15 साल के बीजेपी के कुशासन के बाद हम सत्ता में आए और हम इसे 15 महीने तक भी बरकरार नहीं रख पाए”

बीते 48 घंटों में शायद यह पहला ऐसा ट्विट है जिसने बहुत स्पष्ट तौर पर श्रीमंत के जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इसी ट्विट में महत्वपूर्ण सवाल है कि आत्मनिरीक्षण की जरुरत है।

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