दो रुपये में चपाती, पांच में दाल, 50 में चिकन करी…अब सांसदों को नहीं मिलेगा सस्ता खाना…..सभी MP ने जतायी सहमति… पढ़िये कितने करोड़ की होगी बचत

नयी दिल्ली 5 दिसंबर 2019। संसद भवन की कैंटीन में अब सांसदों को सस्ता भोजन  नहीं मिलेगा. कैंटीन में खाने के दाम उसकी लागत के हिसाब से तय होंगे, क्योंकि संसद भवन  की कैंटीन को दी जाने वाली सब्सिडी  खत्म करने का फैसला लिया गया है. अगर संसद की कैंटिन से सब्सिडी हटा दिया गया तो सालाना 17 करोड़ रूपये की बचत होगी। दरअसल पिछली लोकसभा में कैंटिन में खाने का दाम बढ़ाया गया था और सब्सिडी का बिल कम कर दिया गया था। लेकिन अब इसे पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी है।

 

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Parliament canteen

मीडिया मेें जारी खबरों के मुताबिक लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में सभी दलों के सदस्यों ने एक राय बनाते हुए इसे खत्म करने पर सहमति जताई है। अब कैंटीन में मिलने वाला खाना तय दाम पर ही मिलेगा। सांसद अब खाने की लागत के हिसाब से ही भुगतान करेंगे। स्पीकर ओम बिरला के सुझाव के बाद इस पर चर्चा की गई।

गौरतलब है कि संसद की कैंटीन में खाने की कीमतें समय-समय पर मीडिया में चर्चा का विषय रही है। हाल में जवाहार लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हॉस्टल और कैंटीन में फीस बढ़ोतरी के बाद स्टूडेंट्स ने संसद की कैंटीन में मिलने वाली सब्सिडी की आलोचना की थी जिसके बाद इस सब्सिडी को खत्म किए जाने की चर्चा थी। संसद की कैंटीन के खाने की रेट लिस्ट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी।

अब तक सब्सिडी पर कितना हुआ खर्च

सूचना के अधिकार के अंतर्गत दिए गए ब्योरे के अनुसार, साल 2012-13 से साल 2016-17 तक संसद कैंटीनों को कुल 73,85,62,474 रुपये बतौर सब्सिडी दिए गए थे. सांसदों के सस्ते भोजन पर साल 2012-13 में 12,52,01867 रुपये की सब्सिडी दिए गए थे. साल 2013-14 में 14,09,69082 रुपये सब्सिडी के तौर पर दिए गए थे.

इसी तरह साल 2014-15 में 15,85,46612 रुपये की सब्सिडी दिए गए थे. साल 2015-16 में 15,97,91259 रुपये की सब्सिडी दिए गए थे. वहीँ, साल 2016-17 में सांसदों को सस्ता भोजन मुहैया कराने पर 15,40,53365 रुपये की सब्सिडी दी गई थी.

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