CG ब्रेकिंग : महंगाई भत्ता को लेकर कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन….. 3 सितंबर को एकदिनी हड़ताल और प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन ….DA को लेकर 30 अगस्त तक का सरकार को दिया अल्टीमेटम

रायपुर 17 अगस्त 2021। छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ता को लेकर कर्मचारी संगठन अब आक्रामक हो गये हैं। प्रदेश भर में अलग-अलग कर्मचारी व शिक्षक संगठन डीए की मांग कर रहे हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने महंगाई भत्ता को लेकर बड़े आंदोलन आंदोलन का ऐलान कर दिया है। फेडरेशन ने दो टूक कहा है कि 30 अगस्त तक अगर महंगाई भत्ता का ऐलान नहीं किया गया तो 3 सितंबर को पूरे प्रदेश में शासकीय कर्मचारी, शिक्षक व अर्धशासकीय कर्मचारी एक दिवसीय अवकाश पर चले जायेंगे। फेडरेशन ने विरोध में समस्त शासकीय कार्यालय, शालाएं अर्ध शासकीय संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारी अधिकारी अवकाश लेकर प्रदेश के समस्त जिला, तहसील, विकासखण्ड मुख्यालयों में धरना देगें। 20 अगस्त को दोपहर 1.00 बजे इस मामले को लेकर मैराथन बैठक आयोजित की गई है, जिसमें समस्त संभागों के संयोजक, समस्त मान्यता प्राप्त गैरमान्यता प्राप्त संघों के प्रांताध्यक्ष महामंत्री भाग लेगें।
छग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोाजक कमल वर्मा, प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा, ने बताया है कि ''कलम रख मसाल उठा आंदोलन'' के पांचवे चरण में आयोजित बूढ़ातालाब धरना स्थल पर 8 अगस्त को न्याय सभा में निर्णय लिया गया है, कि 30 अगस्त तक मंहगाई भत्ता के संबंध में सरकार यदि अनिर्णय की स्थिति में रहती है, तो प्रदेश के समस्त लोक सेवक 3 सितंबर को सामूहिक अवकाश लेकर जिला, तहसील, विकास खण्ड मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन करेगें। धरना पश्चात् मुख्यमंत्री को 1 जुलाई 2021 को प्रेषित मांग पत्र के संबंध में कलेक्टरों के माध्यम से पुनः मुख्यमंत्री भूपेश बधेल को संबोधित स्मरण पत्र प्रेषित् करेगें। इस संबंध में 16 अगस्त को ही मुख्य सचिव को विधिवत् 14 सूत्रीय मांगों की ओर ध्यानाकर्षण करने हेतु सामूहिक अवकाश आंदोलन की सूचना दे दी गई है। प्रदेश की सीमा में कार्यरत् केन्द्रीय कर्मचारियों व विद्युत मण्डल के कर्मचारियों को 28 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता देनऐ व राज्य कर्मचारियों को 1 जुलाई 2019 से मात्र 12 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता दिए जाने से कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटने लगा है। दूसरी तरफ डीजल, पेट्रोल, गैस सिलेण्डर के बाद विद्युत दरों में बेतहाशा वृद्वि से शासकीय सेवकों में आक्रोश है।
प्रदेश के सभी लोगों के लिए न्याय योजना बनाने वाली सरकार ''कर्मचारी न्याय योजना'' कब बनाएगी यह प्रश्न उपस्थित हो रहा है। प्रदेश के कर्मचारी सरकार के जनधोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा कराने लगातार आंदोलन कर रहे है, किंतु राज्य सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा कर रही है। ऐसी स्थिति में 14 सूत्रीय मांगों की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए, दिनांक 1 जुलाई 2019 से लंबित मंहगाई भत्ता के भुगतान का 30 अगस्त तक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी आगामी 3 सितंबर 2021 शुक्रवार को पूरे प्रांत के कर्मचारी अधिकारी सामूहिक अवकाश लेकर जिलों में कलम बंद आंदोलन करेगें। इस छठवें चरण के कलम बंद हड़ताल को सफल बनााने की अपील राजेश चटर्जी, आर.के.रिछारिया, संजय सिंह, प्रवक्ता बी.पी.शर्मा, पंकज पाण्डेय, ओंकार सिंह, चन्द्रशेखर तिवारी, बिन्देश्वर राम रौतिया, मूलचंद शर्मा, डाॅ. लक्ष्मण भारती, राकेश शर्मा, अश्वनी चेलक, प्रशांत दुबे, सत्येन्द्र देवांगन, नीरज प्रतापसिंह, डी.एस.भारद्वाज, आर.एन.ध्रुव, दिदेश रायकवार, सत्यदेव वर्मा, हरिमोहन सिंह, होरीलाल छेद्इया, एन.एच. खाॅन, अजय तिवारी, दिलीप झा, रामसागर कोसले, बी.पी.सोनी, कैलाश चैहान, वीरेन्द्र नामदेव, रमेश ठाकुर, जिला संयोजक इदरीश खाॅन, विजय लहरे, अश्वनी बैनर्जी, डाॅ. विष्णु पैगवार, प्रदीप वर्मा, श्रीमती चन्द्रसेन, एस.के.दास, प्रमोद तिवारी, आर.डी.तिवारी, मुकेश पाण्डेय, शैलेन्द्र भदौरिया, मधुकांत यदु, डाॅ. आई.पी.यादव, डाॅ. एल.एस.ध्रुव, जे.पी.उपाध्याय, एम.एल.चन्द्राकर आदि नेताओं ने करते हुए, इसकी अंतिम तैयारी हेतु 20 अगस्त 2021 शुक्रवार को दोपहर 1.00 बजे आयोजित प्रदेश राजपत्रित अधिकारी के कार्यालय में मैराथन बैठक में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
