केंद्रीय कर्मचारियों को आज मिल सकती है GOOD न्यूज़: हट सकती है DA पर लगी रोक, कैबिनेट की बैठक में फैसला संभव

नईदिल्ली 14 जुलाई 2021. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में आज बड़ा फैसला हो सकता है. केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनधारियों के लिए DA (महंगाई भत्ता) बढ़ाने के प्रस्ताव को आज मंजूरी मिल सकती है. महंगाई भत्ता ऐसा पैसा है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनके रहने-खाने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. ये पैसा इसलिए दिया जाता है, ताकि महंगाई बढ़ने के बाद भी कर्मचारी के रहन-सहन के स्तर में कोई फर्क न पड़े. ये पैसा सरकारी कर्मचारियों, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को दिया जाता है. डियरनेस अलाउंस कर्मचारियों के रहने-खाने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. यह भत्ता सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारकों और पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों को दिया जाता है.
आज शाम को पांच बजे मंत्रि परिषद की भी बैठक होगी. आज होने वाली यह बैठक कई मायनों में खास है. कोरोना काल के चलते करीब एक साल बाद प्रधानमंत्री वर्चुअल के बजाए फिजिकल तौर पर बैठक कर रहे हैं. इस बार मंत्रियों के उनके मंत्रालय के कामकाज के वितरण को लेकर भी बातचीत होगी. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ये दूसरी कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक है.
इसके साथ ही आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आज अच्छी ख़बर आ सकती है. कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते पर लगी रोक हटाने का फैसला लिया जा सकता है. इसके साथ ही महंगाई भत्ते में 3 फ़ीसदी की बढोत्तरी का भी प्रस्ताव है.
दरअसल कोरोना शुरू होने के बाद से महंगाई भत्ते की बढोत्तरी पर रोक लगी हुई है. पिछले साल कोरोना महामारी शुरू होने के बाद अप्रैल के महीने में केंद्रीय कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते की दो किस्तों को जारी करने पर रोक लगा दी थी. चूंकि महंगाई भत्ते की क़िस्त हर छह महीने पर जारी की जाती है. एक बार 1 जनवरी से जबकि दूसरी बार 1 जुलाई से. लिहाज़ा ये रोक खत्म हो गई है, लेकिन इस पर आज कैबिनेट में मुहर लग सकती है.
क्या है महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance
दरअसल बढ़ती महंगाई से वस्तुओं के दाम बढ़ते जाते हैं और लोगों के पास मौजूद पैसे की क्रय क्षमता को कम करने लगते हैं. इसका सामना करने के लिए सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है ताकि लोग बढ़ते हुए खर्चों का सामना कर सकें और अपनी जरूरत की चीजों को दाम बढ़ने के बावजूद भी खरीद पाएं.
