महिला कलेक्टर और दो महिला पुलिस अधीक्षकों के खिलाफ सीबीआई ने की सरकार से कार्रवाई का सिफारिश

लखनउ, 8 सितंबर 2020। उन्नाव दुष्कर्म केस में सीबीआई ने तत्कालीन महिला कलेक्टर समेत जांच में लापरवाही बरतने वाली दो महिला पुलिस अधीक्षकों के खिलाफ सरकार से कार्रवाई की सिफारिश की है। सीबीआई ने कहा है तीनों महिलाएं जिम्मेदार पदों पर रहीं, इसके बाद भी एक महिला को न्याय दिलाने का प्रयास नहीं किया। इस मामले में उनके खिलाफ विभागीय जांच की जाए।
इनमें उन्नाव की डीएम रहीं अदिति सिंह और दो आईपीएस अधिकारी नेहा पांडेय व पुष्पांजलि सिंह शामिल हैं। सीबीआई ने इनके अलावा तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक अष्टभुजा सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई करने कहा है।
ज्ञातव्य है, सीबीआई ने दुष्कर्म के आरोप सिद्ध होने पर कुलदीप सिंह सेंगर को जेल भेजा था। इस केस में सीबीआई ने पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का भी खुलासा किया था। इसी साल 31 जनवरी को सीबीआई सफीपुर के सीओ कुंवर बहादुर सिंह, एसएचओ माखी धर्म प्रकाश शुक्ला और एसआई दिग्विजय सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। सीबीआई ने प्रदेश सरकार को बताया कि इस मामले में तत्कालीन डीएम अदिति सिंह, एसपी नेहा पांडेय और पुष्पांजलि व अपर पुलिस अधीक्षक रहे अष्टभुजा प्रसाद सिंह की ओर से भी लापरवाही बरती गई। इसे देखते हुए सीबीआई ने सरकार से कहा, इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

हापुड़ की डीएम हैं अदिति

2009 बैच की आईएएस अदिति सिंह वर्तमान में हापुड़ की डीएम हैं। वह 24 जनवरी 2017 से 26 अक्तूबर 2017 तक उन्नाव में डीएम रहीं। इसी दौरान युवती ने विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वहीं 2006 बैच की आईपीएस पुष्पांजलि सिंह 27 अक्तूबर 2017 से 30 अप्रैल 2018 तक उन्नाव में एसपी रहीं। 2013 में वह प्रतिनियुक्ति पर मणिपुर से यूपी आईं थीं। अभी पुष्पांजलि पुलिस अधीक्षक, रेलवे गोरखपुर के पद पर तैनात हैं। गत 1 जुलाई को उन्हें डीआईजी के पद पर प्रमोशन मिला है। नेहा पांडेय 2009 बैच की आईपीएस हैं और वर्तमान में आईबी में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। नेहा 2 फरवरी 2016 से 26 अक्तूबर 2017 तक उन्नाव की एसपी रहीं थीं।

 

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