जादूगर पीसी सरकार के घर CBI की रेड, देश विदेश में दिखा चुके है जादू…. जानें क्या है पूरा मामला….

कोलकाता 29 जनवरी 2021. सीबीआइ ने टावर ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े चिटफंड घोटाले में शुक्रवार को मशहूर जादूगर पीसी सरकार जूनियर के घर में छापामारी की। सीबीआइ की तकरीबन 10 सदस्यीय टीम शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जादूगर के दक्षिण कोलकाता के मुकुंदपुर इलाके मे स्थित घर पर पहुंची। सीबीआइ के अफसरों ने उनके घर में कई कागजात की जांच की. बताया जा रहा है कि राज्य में कई चिट फंड घोटालों की जांच के तार सीबीआइ की इस कार्रवाई से जुड़े हैं.

हालांकि, न तो सीबीआइ ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान दिया है, न ही पीसी सरकार जूनियर के परिवार के सदस्यों ने मीडिया को इस बारे में कोई जानकारी दी है. इस बीच, पुख्ता खबर है कि पीसी सरकार जूनियर के मुकुंदपुर स्थित आवास पर सीबीआइ ने तलाशी अभियान चलाया.
बांग्ला समाचार माध्यमों ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि चिट फंड घोटालों की जांच के सिलसिले में सीबीआइ ने 4 जगह तलाशी अभियान चलाया. इसमें एक मकान पीसी सरकार जूनियर का भी था. बताया जा रहा है कि टावर ग्रुप के साथ एक रेस्तरां को लेकर पीसी सरकार जूनियर ने एक बिजनेस डील की थी.

डील के समय पीसी सरकार ने टावर ग्रुप से कुछ रुपये लिये थे. ग्रुप के साथ हुए डील के अलावा भी किसी तरह से पीसी सरकार जूनियर ने कंपनी से पैसे लिये थे या नहीं, इस बारे में सीबीआइ जानकारी हासिल करना चाहती है. सूत्र बता रहे हैं कि इस संबंध में पीसी सरकार जूनियर के परिवार के सदस्य मीडिया को कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं.

बताया जा रहा है कि सुबह साढ़े 11 बजे से पीसी सरकार जूनियर के मुकुंदपुर स्थित आवास पर तलाशी अभियान चल रहा है. सीबीआइ पता करने में जुटी है कि टावर ग्रुप के साथ सरकार ने क्या करार किया था. ज्ञात हो कि बंगाल में सारधा, रोजवैली समेत कई चिट फंड घोटाले हुए हैं, जिससे बड़े-बड़े लोगों के तार जुड़े हैं.

गौरतलब है कि सीबीआइ ने 2014 में इस चिटफंड घोटाले की जांच शुरू की थी। टावर गु्रप के कई कार्यालयों में छापामारी से बरामद हुए दस्तावेजों से पीसी सरकार जूनियर का नाम सामने आया था। गौरतलब है कि विभिन्न चिटफंड घोटालों में तृणमूल कांग्रेस के कई मंत्री, नेताओं व सांसदों के नाम सामने आ चुके हैं। चूंकि पीसी सरकार जूनियर भाजपा के टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं इसलिए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तृणमूल के हाथ भी भाजपा के खिलाफ एक मुद्दा लग गया है।

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