हैदराबाद में आयोजित हुआ कार्टून फेस्टीवल 6 कार्टूनिस्टों का हुआ सम्मान, कार्टूनिस्ट समाज को आईना दिखाते हैं और साथ ही चेहरे पर मुस्कुराहट भी लाते हैं – एन.बैजेन्द्र कुमार

हैदराबाद, 11 फरवरी 2020। कार्टून वाॅच पत्रिका अपने 24 वें प्रकाशन वर्ष पर हैदरा बाद में कार्टून उत्सव का आयोजन किया. मुख्य अतिथि के रूप में एनएमडीसी के सीएमडी एन.बैजेन्द्र कुमार ने कार्टून वाॅच की ओर से 6 कार्टूनिस्टों को जीवन गौरव पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया. 2019 का सम्मान हैदराबाद के वरिष्ठ कार्टूनिस्टों को प्रदान किया गया जिनमें सर्वप्रथम स्व. मोहन हैं, दूसरे जयदेव बाबू हैं और तीसरे एम.एस.रामाकृष्णा हैं. वहीं 2020 का सम्मान नवा तेलंगाना के कार्टूनिस्ट नरसिम , साक्षी दैनिक के कार्टूनिस्ट शंकर और नमस्ते तेलंगाना के कार्टूनिस्ट मृत्युंजय को प्रदान किया गया. इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुये श्री कुमार ने कार्टून वाॅच पत्रिका के 24वें वर्ष में प्रवेश करने पर अपनी शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल करने के लिये आभार व्यक्त किया. श्री कुमार ने कहा कि कार्टूनिस्ट सच कहने के लिये जाने जाते हैं और एक कार्टून एक हजार शब्द के बराबर होता है.
कार्यक्रम की शुरूआत सभी अतिथियों द्वारा सांकेतिक रूप से कार्टून बनाकर की गई. बैजेंद्र कुमार ने तेज़ी से कार्टून बनाकर सबको चौंका दिया. यही कार्टून फेस्टीवल की परंपरा रही है. ए.पी.जे. अब्दुल

ने भी दिल्ली के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कार्टून बनाकर इसका प्रारंभ किया था. इस मौके पर विशेष अतिथि के रूप में तेलंगाना प्रेस अकादमी के अध्यक्ष अल्लम नारायणा, तेलंगाना सरकार के संस्कृति विभाग के संचालक मामिदी हरिकृष्णा, तेलंगाना टुडे के संपादक के. श्रीनिवास रेड्डी, नमस्ते तेलंगाना समाचार पत्र के सम्पादक कट्टा शेखर रेड्डी ने

भी संबोधित किया. यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग, एनएमडीसी, द पार्क होटल और तेलंगानाा कार्टूनिस्ट ऐसोसियेशन सहयोग से आयोजित किया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये सभी पुरस्कृत कार्टूनिस्टों ने कार्टून वाॅच के इस समारोह की तारीफ की और आश्चर्य व्यक्त किया कि इसके सम्पादक त्रयम्बक शर्मा छत्तीसगढ़ से आकर तेलुगु कार्टूनिस्टों का सम्मान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि श्री शर्मा का यह प्रयास अनुकरणीय है, आज जहां हम अपने अपने भाषा और प्रांत में सिमटे हुये हैं वहीं त्रयम्बक शर्मा देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी जाकर कार्टूनिस्टों का सम्मान कर रहे हैं. इस अवसर पर तेलंगाना कार्टूनिस्ट ऐसोसियेशन के सैकड़ों कार्टूनिस्ट उपस्थित थे.
उल्लेखनीय हे कि कार्टून उत्सव की शुरूआत 2003 में हुई थी और कार्टून वाॅच का पहला जीवन गौरव पुरस्कार प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट आर.के.लक्ष्मण को तत्कालीन और प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के हाथों प्रदान किया गया था. उसके बाद हर साल कार्टून वाॅच अपने उत्सव में देश के अनेक कार्टूनिस्टों को जीवन गौरव पुरस्कार प्रदान करने लगी. 2003 में आर.के.लक्ष्मण, 2004 में सुधीर तैलंग, 2005 में आबिद सुरती, 2006 में कार्टूनिस्ट प्राण, 2007 में राजेन्द्र धोड़पकर, 2008 में एच.एम.सूदन, 2009 में सुरेश सावंत, 2010 में श्याम जगोता. 2011 से कार्टून वाॅच ने प्रदेश के बाहर भी यह कार्टून उत्सव करना प्रारंभ किया. 2011 में दिल्ली में हुये आयोजन में पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम मुख्य अतिथि हुये और इस कार्यक्रम में 5 कार्टूनिस्टों का सम्मान उनके हाथों किया गया. 2011 में अजीत नैनन, बी.वी. पाण्डुरंगा राव, काक, जगजीत राणा एवं हुसैन जामिन को जीवन गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया. दिल्ली के बाद 2012 में यह आयोजन मुंबई में किया गया जिसमें कार्टूनिस्ट बाला साहेब ठाकरे को जीवन गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया. इंडिया टुडे ने लिखा कि यह पहला सम्मान था जो बाला साहेब ठाकरे ने स्वीकार किया था. स्वास्थ्यगत कारणों से यह आयोजन मातोश्री में उनके निवास में ही किया गया था. इस आयोजन के सात महीने बाद ही श्री ठाकरे का निधन हो गया. 2013 में यह आयोजन पुनः रायपुर में किया गया जिसमें द हिन्दु के कार्टूनिस्टस सुरेन्द्रा को यह सम्मान प्रदान किया गया. 2014 में कार्टून उत्सव पुणे में किया गया जिसमें 90 वर्षीय कार्टूनिस्ट शिव दत्तात्रेय फणनीस को जीवन गौरव पुरस्कार दिया गया. इस आयोजन के मुख्य अतिथि सिम्बियोसिस के संस्थापक एस.बी. मजूमदार थे. 2015 में यह आयोजन चेन्नई में किया गया जिसके मुख्य अतिथि द हिन्दु के संस्थापक एन. राम थे. इस आयोजन में तीन कार्टूनिस्ट सम्मानित किये गये जिनमें चंदामामा के 90 वर्षीय कार्टूनिस्ट शंकर, द हिन्दु के श्री मदन एव ंकेशव शामिल थे. 2016 में यह आयोजन पुनः रायपुर में किया गया जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने हैदराबाद के कार्टूनिस्ट शेख शुभानी को यह सम्मान प्रदान किया. 2017 का सम्मान नागपुर के कार्टूनिस्ट विष्णु आकुलवार को और 2018 का सम्मान दिल्ली के कार्टूनिस्ट मनोज कुरील को प्रदान किया गया.
कार्टून वाॅच के सम्पादक एवं कार्टूनिस्ट त्रयम्बक शर्मा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि कार्टून वाॅच का यह 24 वां प्रकाशन वर्ष है और यह पत्रिका पहले ही लिम्का बुक आॅफ रिकार्ड और इण्डिया बुक आॅफ रिकार्ड में शामिल हो चुकी है. श्री शर्मा ने बताया कि 2019 से इस पत्रिका ने फ्रांस में अपने अंतर्राष्टी्रय सम्मान की शुरूआत भी कर चुकी है. अब यह सम्मान देश के कार्टूनिस्टों के साथा साथ अन्य देशों के कार्टूनिस्टों को भी प्रदान किया जायेगा. ज्ञातव्य है कि श्री शर्मा ने पिछले ही वर्ष आॅन लाइन कार्टून म्यूजियम भी बनाया है जिसे यू-ट्यूब पर देखा जा सकता है. इसके अलावा कार्टून वाॅच एनीमेशन के क्षेत्र में भी सक्रिय है और समय समय पर साॅरी सर नाम से एनीमेटेड कंटेट तैयार करती रही है. —

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