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पूर्व सेवा की गणना ही मुख्य मांग, क्रमोन्नति, पदोन्नति मिलेगी, वेतन विसंगति दूर होगी… 2 अक्टूबर को सत्याग्रह आंदोलन

रायपुर 15 सितम्बर 2021. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि संविलियन के पूर्व तत्कालीन प्रमुख सचिव शिक्षा ने कहा कि संविलियन तिथि से विभाग के शिक्षा व आ जा क विभाग की सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता की सूची में संविलियन होने वाले शिक्षको को वरिष्ठता दी जाएगी, इस बात […]

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पूर्व सेवा की गणना ही मुख्य मांग,  क्रमोन्नति, पदोन्नति मिलेगी, वेतन विसंगति दूर होगी… 2 अक्टूबर को सत्याग्रह आंदोलन
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रायपुर 15 सितम्बर 2021. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि संविलियन के पूर्व तत्कालीन प्रमुख सचिव शिक्षा ने कहा कि संविलियन तिथि से विभाग के शिक्षा व आ जा क विभाग की सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता की सूची में संविलियन होने वाले शिक्षको को वरिष्ठता दी जाएगी, इस बात का छ पं/ननि शिक्षक संघ ने पुरजोर विरोध करते हुए प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता देने का पक्ष रखा, जिसमे संघ ने कहा था कि नियुक्ति की कोई प्रक्रिया नही अपनाई गई है, दिधे संविलियन किया जा रहा है तो प्रथम नियुक्ति को ही मान्य किया जावे, सेवा पुस्तिका पूर्व का ही है इसीलिए प्रथम नियुक्ति को ही मान्य किया जावे, एल पी सी पुरानी है इसीलिए प्रथम सेवा को वरिष्ठता मान्य करना होगा, किन्तु कतिपय शिक्षक संघो के विरोध के कारण प्रथम नियुक्ति को वरिष्ठता न देकर एक पृथक एल बी संवर्ग बना दिया गया।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, डॉ कोमल वैष्णव, प्रांतीय सचिव मनोज सनाढ्य प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि प्रदेश के समस्त शिक्षक अगर पूर्व सेवा के लिए एकजुट होंगे तो निश्चित ही शासन को नियुक्ति प्रक्रिया, संविलियन, सेवा पुस्तिका, एल पी सी मुद्दे के कारण पूर्व सेवा का लाभ देना पड़ेगा, संविलियन को शिक्षको ने एकजुटता की लड़ाई से प्राप्त किया है, तब भी कुछ तथाकथित संघ संघर्ष से अलग थे, परन्तु मुख्य लोगो की एकजुटता व सही नेतृत्व से संविलियन मिला, पूर्व सेवा की गणना की मांग सर्वोपरि है, इससे क्रमोन्नति, पदोन्नति मिलेगी, वेतन विसंगति दूर होगी, पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा, प्रचलित नियम पर कमेटी की क्या जरूरत है?

प्रदेश के एल बी संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता का हित पूर्व सेवा अवधि की गणना करने से ही है, संविलियन के पूर्व सेवा की गणना करने से एक ही पद में 10 वर्ष पूर्ण करने वाले सहायक शिक्षको को क्रमोन्नत वेतनमान मिलेगा, प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के 22 हजार पदों पर पदोन्नति मिलेगी, क्रमोन्नति और पदोन्नति से सहायक शिक्षको को सीधे उच्च वर्ग शिक्षक का 4200 ग्रेड पे का उच्चतर वेतनमान मिलेगा, अतः छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन इसी आधार पर मुख्य मांगपत्र शासन को सौंपेगा। शिक्षक व व्याख्याता को भी पूर्व सेवा जोडने से क्रमोन्नत/समयमान व पदोन्नति का लाभ मिलेगा।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ शासन वित्त एवं योजना विभाग मंत्रालय रायपुर के आदेश क्रमांक 233 / वित्त / नियम / चार / 09 रायपुर दिनांक 10 अगस्त 2009 के बिंदु क्रमांक 03 में उल्लेखित है कि राज्य शासन के एक विभाग से दूसरे विभाग में समान वेतनमान के सीधी भर्ती के पद पर संविलियन होने पर पूर्व पद की सेवा अवधि उक्त संविलियन के पद पर समयमान/ क्रमिनन्त वेतनमान की गणना हेतु शामिल करने का प्रावधान है।

सहायक शिक्षको का व्याख्याता व शिक्षक की तुलना में वेतन कम है, प्राथमिक शिक्षा को विशेष शिक्षकीय सेवा मानकर व्याख्याता व शिक्षक के वेतनमान के अंतर के अनुपात में शिक्षक व सहायक शिक्षक के वेतनमान में सुधार किया जावे तथा शिक्षक पं/ननि संवर्ग को 01/05/2013 से दिए गए पुनरीक्षित (समतुल्य) वेतनमान में भूतलक्षी प्रभाव से 1.86 के गुणांक पर निर्धारण करने का आदेश जारी किया जावे व 2 वर्ष में एक वेटेज का लाभ दिया गया है उसे 1 वर्ष में 1 वेटेज देने का आदेश देते हुए रिवाइज एलपीसी जारी किया जावे।

प्रचलित नियम पर क्यो कमेटी बनेगा, समझ से परे है, शासन को कमेटी बनाना ही है तो बंद किया जा चुका पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए कमेटी बनाये, क्योकि राज्य में यह नए सिरे से लागू होगा।

पूर्व प्रचलित नियम के लिए किसी भी प्रकार की कमेटी की जरूरत नही है, क्योकि शिक्षा विभाग में 10 वर्ष की सेवा में क्रमोन्नति व 5 वर्ष की सेवा में पदोन्नति देने का नियम है, इसी प्रकार वेतन गणना का भी नियम है, समयमान प्राप्त करने वाले शिक्षको को उनके समयमान वेतन के आधार पर वेतन निर्धारित किया जाता है, छत्तीसगढ़ में 2013 में प्रदान किया गया शिक्षक समतुल्य वेतनमान की गणना 6 वें वेतन के न्यूनतम स्तर पर किया गया, यही शिक्षको को हजारों रुपये का वैतनिक नुकसान निर्धारण किया गया, तात्कालिक प्राप्त समयमान के आधार पर 1.86 के गुणांक में वेतन निर्धारण कर रिवाइज़ एल पी सी जारी करने मांग किया जाएगा, यह भी प्रचलित नियमानुसार ही है, अतः किसी कमेटी के आधार पर मामला को खिसकाने का प्रयास ठीक नही है।

निम्न विषयों पर भी मांग रखा जाएगा, जिसमे पुरानी पेंशन के लिए दायर की गई याचिका का जवाब माननीय उच्च न्यायालय में शासन स्तर से शीघ्र प्रस्तुत किया जावे।

नव नियुक्त ई/टी संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता को परिवीक्षा अवधि में भी पूरा वेतन दिया जावे।

2 वर्ष से अधिक सेवा के लिए वेटेज का प्रावधान किया जावे।

दिवंगत पं/ननि शिक्षक संवर्ग के आश्रित को तकनीकी संविलियन मानते हुए प्रावधान बनाकर अनुकम्पा नियुक्ति दिया जावे।

एल बी संवर्ग को ग्रेज्युटी व अर्जित अवकाश के नकदीकरण का लाभ दिया जावे।

महंगाई के इस दौर में वर्तमान घोषित 5% महंगाई भत्ता को अपूर्ण बताते हुए छत्तीसगढ़ के समस्त कर्मचारियों के शेष लंबित 11% महंगाई भत्ता के लिए भी मांगपत्र दिया जाएगा।

एल बी शिक्षक संवर्ग के क्रमोन्नति, पदोन्नति व वेतन विसंगति की मांग का हल पूर्व सेवा गणना से ही होगा अतः संविलियन के पूर्व सेवा की गणना करने के लिए शासन स्तर पर मांग / दबाव बनाए जाने का निर्णय लिया गया।

जनघोषणा पत्र को आधार मानकर शासन कर्मचारी हित मे क्रमोन्नति, पदोन्नति देवे, वेतन विसंगति को दूर करे और नई पेंशन के स्थान पर पुरानी पेंशन लागू करने की कार्यवाही करे, जनघोषणा पत्र में किए वादे को पूरा कराने योजना बद्ध रणनीति बनाया गया है।

एल बी संवर्ग के शिक्षको की मांग को शासन ने अब तक टालमटोल किया है, जनघोषणा पत्र में किये गए वादे पर सरकार गंभीरता से निर्णय ले, इसके लिए 2 अक्टूबर को सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा। तैयारी हेतु सभी जिले में 18/19 सितम्बर को व ब्लाक में 25/ 26 सितम्बर को बैठक आयोजित किया गया है।

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