CAF के धोबी ने साहब की चड्डी धोने से किया इंकार तो साहब ने भेजा शो कॉज..जवाब में धोबी ने लिखा – “मेरा काम वर्दी धुलाई और प्रेस.. चड्डी धोना काम नही..मेरे कार्य क्या हैं यह लिखित में दीजिए”

जगदलपुर,18 जनवरी 2021। सीएएफ में धोबी ट्रेड पर भर्ती एक प्रधान आरक्षक का पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस पत्र के साथ ही डिप्टी कमांडेट का शो कॉज भी साथ साथ वायरल हो रहा है।मसला यह है कि, धोबी ट्रेड पर पदस्थ प्रधान आरक्षक को डिप्टी कमांडेट ने सिविल ड्रेस के साथ साथ चड्डी भी धोने को दे दी, और धोबी ट्रेड के प्रधान आरक्षक ने चड्डी धोने से इंकार कर दिया तो इस पर डिप्टी साहेब ने शो कॉज जारी कर दिया तो पलट कर धोबी ने भी पत्र लिख कर दो टूक जवाब दिया –
“चड्डी नही धो सकता, मेरे आत्मसम्मान को चोट लगती है..मेरा काम वर्दी धोना है.. बतौर धोबी मेरा कार्यक्षेत्र यदि और भी है तो मुझे लिखित रुप में स्पष्ट कर दें”
अब यह मसला जब वायरल हुआ तो डीजी डी एम अवस्थी ने जाँच के आदेश जारी कर दिए, मसला कैसा तूल पकड़ा है उसे यूँ समझिए कि पहले बटालियन कमांडेट ने इस लेटर वार को सामान्य घटना बताया था।
वाकया जगदलपुर के करनपुर में तैनात CAF की 19वीं पोखरण वाहिनी का है। जहाँ डिप्टी कमांडेट जेम्स एक्का ने धोबी ट्रेड के प्रधान आरक्षक रामचरण निर्मलकर से स्पष्टीकरण माँगा कि आपने अंडर गारमेन्ट्स धोने से इंकार किया ऐसा क्यों ? इसके जवाब में धोबी ट्रेड के प्रधान आरक्षक रामचरण ने सीधे कमांडेट को ही पत्र लिख कर बताया –
“मेरा काम वर्दी धोना है,सिविल कपड़ा और अंडर गारमेन्ट्स धोने के बारे में स्पष्ट लेख नही है.अंडर गारमेन्ट्स धोने से मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुँच रही थी इसलिए धोने से इंकार कर दिया। मुझे मेरे धोबी पद के कार्यक्षेत्र की जानकारी लिखित रुप से दे दीजिए”
जानकारों का कहना है कि नियम में यह स्पष्ट नही है कि धोबी ट्रेड या जनरल ड्यूटी को छोड ट्रेड पर भर्ती होने वाले को यह विशेषाधिकार है कि वो क्या धोएगा या क्या नही यह तय करे, लेकिन यह जरुर सही है कि ट्रेड पर भर्ती विभाग के लिए होती है ना कि किसी पदीय व्यक्ति के लिए, इसलिए उसकी ड्यूटी का क्षेत्र उसकी बटालियन या कि पुलिस लाईन है ना कि किसी अधिकारी का घर, और चुंकि भर्ती विभाग के लिए होती है इसलिए सामान्यतः उसका काम ड्रेस धोना प्रेस करना है।

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