CAA पर बोली उर्मिला मातोंडकर – अंग्रेजों के रॉलेट एक्‍ट जैसा है , दोनों काले कानून

मुंबई 31 जनवरी 2020  नागरिकता संशोधन कानून (CAA), नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्ट्रेशन (NPR) के विरोध में पुणे में एक सभा आयोजित की गई. इस सभा में अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.

गांधीजी पूरी दुनिया के नेता थे

उर्मिला ने कहा, “गांधीजी किसी देश के नहीं गांधीजी पूरी दुनिया के नेता थे. मेरे हिसाब से सबसे ज़्यादा हिन्दू धर्म का पालन यदि किसी ने किया है तो वो गांधीजी हैं.”

सभा को संबधित करते हुए एक्ट्रेस ने कहा, “एक बात मुझे लगती है जो कि आपको बतानी चाहिए कि जिस इंसान ने गांधीजी पर गोलियां चलाई थीं वो इंसान कौन था, क्या वो इंसान मुसलमान था, क्या वो सिख या ईसाई था? वो इंसान एक हिन्दू था अब इसके अलावा इस बारे में मैं यहां क्या कहूं, क्योंकि ये बात हम सबके लिए इतनी भयानक है. इस बात को हर दिन सुबह उठकर दिमाग में रखना इतना भयानक है की इस बात में कई चीज़ें शामिल हैं.”

इसके बाद उर्मिला ने कहा कि साल 1919 में दूसरा महायुद्ध ख़त्म होने के बाद ब्रिटिशों को पता था की हिंदुस्तान में असंतोष फैल रहा हैं और ये असंतोष बाहर आने वाला हैं. इसलिए वो एक कानून लेकर आये उस कानून का नाम काफी लंबा हैं, लेकिन वो रॉलेट एक्ट के नाम से मशहूर हुआ क्योंकि वो कानून रॉलेट के डेलिगेशन द्वारा लाया गया था.

इतिहास में काले कानून के नाम से होगा दर्ज

आगे उन्होंने कहा कि उस कानून के मुताबिक किसी भी शख्स को देश विरोधी गतिविधियां करने के लिए बिना किसी पूछताछ और सबूत के जेल में डालने की अनुमति सरकार को थी. ये कानून काफी खतरनाक था. वो 1919 का कानून और आज 2019 का CAA का कानून ये दोनों कानून इतिहास में काले कानून के नाम से दर्ज होंगे.

उर्मिला ने कहा कि आज जिस तरह लोग रास्ते पर उतर रहे हैं वो उस वक्त जिस तरह से लोग रास्ते पर उतरे थे मैंने वो वक्त देखा तो नहीं, लेकिन जिस तरह से मैंने पढ़ा है यह उसकी याद दिलाता है.

आखिर में उर्मिला ने कहा कि ये कानून गरीबों के खिलाफ है और वो गरीब कोई भी गरीब शख़्स हो सकता है. ऐसा अहसास दिलाया जाता है कि ये कानून मुसलमानों के खिलाफ है जो तो ये है ही, लेकिन उसके अलावा आज कहीं न कहीं 15 प्रतिशत मुसलमानों का डर 85 प्रतिशत हिंदुओं को बताकर उनपर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है.

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