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Satta King Disawar Chart Result: क्या है दिसावर सट्टा किंग गेम और क्यों है भारत में बैन

Satta King Disawar Chart Result: उत्तर भारत में सट्टा किंग और दिसावर जैसे नंबर गेम्स लोकप्रिय हैं। जानिए क्या है इनका इतिहास, कैसे चलते हैं ये खेल, क्यों हैं खतरनाक और भारत में बैन।

Satta King Disawar Chart Result: क्या है दिसावर सट्टा किंग गेम और क्यों है भारत में बैन
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By Ragib Asim

Satta King Disawar Chart Result: उत्तर भारत में सट्टा किंग (Satta King) और दिसावर (Disawar) जैसे खेलों की चर्चा आज भी आम है। दिखने में ये एक नंबर गेम लगते हैं, लेकिन असल में यह एक अवैध जुआ प्रणाली है जो लोगों को जल्दी पैसे के लालच में खींच लेती है। आइए समझते हैं कि आखिर दिसावर सट्टा किंग क्या है, कैसे चलता है, और क्यों इसे भारत में खतरनाक और गैरकानूनी माना गया है।

सट्टा किंग और दिसावर क्या हैं?
सट्टा किंग मूल रूप से एक नंबर आधारित जुआ है। इसमें खिलाड़ी 0 से 99 तक के किसी भी नंबर पर दांव लगाते हैं। अगर वही नंबर निकल आए तो खिलाड़ी को भारी रकम मिलती है। लेकिन यह खेल पूरी तरह किस्मत पर निर्भर होता है, इसमें कोई गणित या तर्क काम नहीं करता। दिसावर (Disawar), गली (Gali), गाज़ियाबाद और फरीदाबाद जैसे नाम अलग-अलग सट्टा ज़ोन के रूप में प्रसिद्ध हैं, जहां रोज़ नए “रिजल्ट नंबर” घोषित किए जाते हैं।
दिसावर चार्ट रिजल्ट क्या होता है?
“दिसावर चार्ट रिजल्ट” दरअसल एक लिस्ट होती है जिसमें हर दिन निकले हुए विजेता नंबर दर्ज रहते हैं। कई वेबसाइट्स और ऐप्स इन रिजल्ट्स को अपडेट करती हैं ताकि खिलाड़ी अपने लगाए गए नंबर की जांच कर सकें। लेकिन ये प्लेटफॉर्म पूरी तरह अनऑफिशियल होते हैं, जिनकी सटीकता और पारदर्शिता की कोई गारंटी नहीं होती। कई लोग पुराने चार्ट्स देखकर अगला नंबर निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसमें कोई निश्चित तरीका नहीं होता सबकुछ किस्मत पर आधारित होता है।
कब और कहां जारी होते हैं रिजल्ट?
दिसावर और गली सट्टा के रिजल्ट रोज़ाना तय समय पर जारी किए जाते हैं। इनकी जानकारी सोशल मीडिया या निजी वेबसाइट्स पर मिल जाती है, लेकिन ये सब कानूनी रूप से मान्य नहीं हैं। असल में यह पूरा सिस्टम ऑफलाइन नेटवर्क्स, बिचौलियों और एजेंट्स के ज़रिए चलता है, जिसमें पारदर्शिता का कोई मानक नहीं होता।
सट्टा किंग का इतिहास?
सट्टा किंग की शुरुआत पुराने उत्तर भारतीय कस्बों और मेलों में हुई थी। पहले इसे मनोरंजन के रूप में खेला जाता था, लेकिन धीरे-धीरे यह जुए के बड़े नेटवर्क में तब्दील हो गया। डिजिटल युग में आते-आते यह खेल इंटरनेट और मोबाइल ऐप्स के जरिए फैल गया और लाखों लोग रोज़ाना “Satta King Disawar Result” या “Gali Result” सर्च करने लगे।
क्यों खतरनाक है सट्टा किंग?
यह खेल जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही नुकसानदेह और खतरनाक है।
यह एक अवैध जुआ प्रणाली है जो लत लगाने वाली होती है।
जीत की कोई गारंटी नहीं होती खिलाड़ी लगातार हारने पर कर्ज़ और तनाव में फँस जाते हैं।
कई परिवार आर्थिक संकट में पहुँच जाते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ता है।
भारतीय कानून के अनुसार, सट्टेबाजी और जुए में शामिल होना अपराध है। कई राज्यों में इसके लिए जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।
अगर कोई इसमें फँस गया है तो क्या करें
तुरंत आर्थिक सीमा तय करें और किसी भी रूप में पैसा लगाना बंद करें।
परिवार या भरोसेमंद दोस्तों से बात करें और मदद लें।
मनोवैज्ञानिक या हेल्पलाइन से पेशेवर सलाह लें।
अपनी ऊर्जा निवेश, बचत या किसी नई स्किल सीखने में लगाएं।
दिसावर सट्टा देखने में भले “जल्दी अमीर बनने का रास्ता” लगे लेकिन इसके पीछे कानूनी जोखिम, मानसिक तनाव और आर्थिक बर्बादी छिपी है।
क्यों भारत में बैन है
भारत में सट्टा और जुए को पब्लिक गैंबलिंग एक्ट 1867 के तहत अपराध माना गया है। इस कानून के मुताबिक किसी भी प्रकार का जुआ चलाना, उसमें भाग लेना या उसका प्रचार करना गैरकानूनी है। राज्यों को इसमें अपनी-अपनी नीतियां लागू करने का अधिकार है, लेकिन लगभग सभी राज्यों में इसे प्रतिबंधित किया गया है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। NPG.News किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी, जुए या अवैध गतिविधियों को प्रोत्साहित नहीं करता। सट्टेबाजी में शामिल होना कानूनन अपराध है।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

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