Begin typing your search above and press return to search.

मोदी 3.0 का रिपोर्ट कार्ड: मोदी सरकार के मंत्रियों की इस हफ्ते होगी अग्निपरीक्षा, देना होगा हिसाब, जानें मोदी 3.0 के अब तक के सबसे बड़े फैसले

Modi 3.0 Reforms: पीएम मोदी ने मंत्रियों से मांगा 8 महीने का हिसाब! कैबिनेट बैठक में दिखाना होगा रिपोर्ट कार्ड। जानें किन 3 बड़े सुधारों पर टिकी है प्रधानमंत्री की नजर।

मोदी 3.0 का रिपोर्ट कार्ड: मोदी सरकार के मंत्रियों की इस हफ्ते होगी अग्निपरीक्षा, देना होगा हिसाब, जानें मोदी 3.0 के अब तक के सबसे बड़े फैसले
X
By Ragib Asim

Modi 3.0 Reforms: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के तीसरे कार्यकाल (Modi 3.0) को मापने के लिए मंत्रियों की क्लास लगानी शुरू कर दी है। जून 2024 में सत्ता संभालने के बाद से अब तक किस मंत्रालय ने जनता के लिए क्या ठोस काम किया है इसका पूरा हिसाब-किताब इसी हफ्ते देना होगा। सूत्रों की मानें तो अगली कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को केवल जुबानी दावों से काम नहीं चलाना होगा बल्कि उन्हें बाकायदा प्रेजेंटेशन देकर अपने टॉप-3 सुधारों और उनके जमीन पर पड़े असर को साबित करना होगा।

2 पन्नों में देना होगा पूरा रिपोर्ट कार्ड

पीएम मोदी ने कहा है कि वह 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के मोर्चे पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे। कैबिनेट सचिव की ओर से सभी विभागों को एक खास फॉर्मेट भेजा गया है। हर मंत्री को सिर्फ दो पन्नों में यह बताना है कि पिछले 8-9 महीनों में उन्होंने ऐसे कौन से 3 बड़े बदलाव किए हैं जिनसे आम आदमी की जिंदगी आसान हुई है। सेवा तीर्थ में हुई बैठक के बाद अब सभी मंत्रालयों में इस रिपोर्ट कार्ड को तैयार करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।

डिफेंस से लेकर डिजिटल टोल तक: इन बड़े बदलावों पर रहेगी नजर

इस समीक्षा बैठक में कई मंत्रालयों के बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय 'लीगल मेट्रोलॉजी' और क्वालिटी कंट्रोल में किए गए सुधारों को पेश करेगा वहीं सड़क परिवहन मंत्रालय सैटेलाइट आधारित टोल सिस्टम (Satellite-based Toll) और फास्टैग के नए नियमों की कामयाबी का डेटा रखेगा। रक्षा मंत्रालय की ओर से 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत एआई (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी में हुई प्रगति की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रदूषण कानूनों को डिक्रिमिनलाइज (Decriminalize) करने के फैसले को 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की बड़ी जीत के रूप में दिखाया जा सकता है।

जवाबदेही और एक्शन का दौर

मोदी 3.0 का यह कदम इशारा देता है कि सरकार अब केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि उनके क्रियान्वयन (Implementation) पर भी पैनी नजर रख रही है। नक्सलवाद के खिलाफ गृह मंत्रालय की सफलताएं और पुलिस आधुनिकीकरण जैसे मुद्दे भी इस प्रेजेंटेशन का हिस्सा होंगे। इस कवायद का मकसद सरकार के कामकाज में पारदर्शिता लाना और मंत्रियों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करना है ताकि 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को समय से पहले हासिल किया जा सके।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

Read MoreRead Less

Next Story