Petrol-Diesel Price Update: ईरान-इजराइल जंग से क्रूड आयल में लगी आग, जानें भारत में कब तक नहीं बढ़ेंगे दाम?
Petrol-Diesel Price Update: मिडिल-ईस्ट की जंग ने बढ़ाई कच्चे तेल की कीमत! अमेरिका में महंगा हुआ पेट्रोल, लेकिन भारत के पास है 8 हफ्ते का फुल-प्रूफ बैकअप। पढ़ें पूरा एनालिसिस।

फोटो: AI जेनरेटेड
Petrol Diesel Rate War Impact: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े रीजनल युद्ध ने पूरी दुनिया की इकॉनमी को हिलाकर रख दिया है। ग्लोबल स्टॉक मार्केट क्रैश हो रहे हैं और सबसे बड़ा डर कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई को लेकर पैदा हो गया है। इस युद्ध के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल और एलएनजी (LNG) की शिपमेंट लगभग ठप हो गई है। इसका सीधा असर ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर पड़ा है जो पिछले दो दिनों में 12 परसेंट तक उछलकर 82.5 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। अमेरिका जैसे देशों में तो पेट्रोल की कीमतों में रातों-रात आग लग गई है। ऐसे में हर भारतीय के मन में इस वक्त एक ही सवाल है कि क्या हमारे देश में भी पेट्रोल-डीजल फिर से 100 डॉलर के पार जाने वाला है?
अमेरिका में हाहाकार, भारत में क्यों है शांति?
भारत के आम कंज्यूमर के लिए फिलहाल एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। ग्लोबल मार्केट में मचे इस पैनिक के बीच हमारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने फ्यूल प्राइसेस में कोई बदलाव नहीं किया है। देश की राजधानी दिल्ली में आज भी इंडियन ऑयल के पंपों पर पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर के पुराने रेट पर ही मिल रहा है।
इसके उलट अगर हम अमेरिका का डेटा देखें तो वहां रातों-रात एक गैलन पेट्रोल की कीमत 11 सेंट बढ़कर 3.11 डॉलर हो गई है। ईरान के जवाबी हमलों और सप्लाई चेन टूटने की वजह से अमेरिकी मार्केट में कच्चा तेल पिछले एक साल के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
6 से 8 हफ्ते का बैकअप: सरकार का 'मास्टरप्लान'
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत इस वैश्विक तेल संकट से कैसे बच रहा है? पेट्रोलियम मंत्रालय के टॉप सोर्सेज से जो इनसाइड डिटेल्स निकलकर आई हैं वह बताती हैं कि आपको पैनिक बाइंग करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारत सरकार ने इस क्राइसिस को मैनेज करने के लिए तगड़ा बैकअप तैयार रखा है।
देश के पास फिलहाल अपनी पूरी डोमेस्टिक डिमांड को पूरा करने के लिए 6 से 8 हफ्ते का पेट्रोल-डीजल रिजर्व मौजूद है। हमारे पास 25 दिन का कच्चा तेल और लगभग इतने ही दिन का रिफाइंड फ्यूल सुरक्षित रखा है।
महंगाई का खतरा अभी टला नहीं है
भले ही आज पेट्रोल पंप पर आपको पुरानी कीमत चुकानी पड़ रही हो लेकिन आगे का रास्ता इतना आसान नहीं है। आंकड़े इशारा कर रहे है कि भारत का लगभग आधा कच्चा तेल और एलपीजी (LPG) इसी 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होकर गुजरता है। अगर यह समंदर का रास्ता लंबे समय तक ब्लॉक रहा, तो लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बेतहाशा बढ़ जाएगी।
सरकार लगातार स्थिति को मॉनिटर कर रही है लेकिन युद्ध लंबा खिंचने की हालत में देश के इंपोर्ट बिल में भारी इजाफा होगा,जिसका सीधा असर आने वाले महीनों में आपकी जेब और बाजार की महंगाई (Inflation) पर पड़ना तय है।
