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Strait of Hormuz Crisis: ईरान ने ब्लॉक किया समंदर का रास्ता, क्या 100 डॉलर के पार जाएगा क्रूड आयल के दाम? भारत में बढ़ेंगे दाम?

अमेरिका (US) और इजरायल (Israel) के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत के बाद मिडिल ईस्ट का तनाव अब ग्लोबल ऑयल मार्केट पर भारी पड़ रहा है।

Strait of Hormuz Crisis: ईरान ने ब्लॉक किया समंदर का रास्ता, क्या 100 डॉलर के पार जाएगा क्रूड आयल के दाम? भारत में बढ़ेंगे दाम?
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By Ragib Asim

नई दिल्ली 1 मार्च 2026: अमेरिका (US) और इजरायल (Israel) के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत के बाद मिडिल ईस्ट का तनाव अब ग्लोबल ऑयल मार्केट पर भारी पड़ रहा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों के लिए बंद करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस फैसले से ग्लोबल सप्लाई चेन (Supply Chain) के बाधित होने और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि भारत के पास फिलहाल 10 दिन का क्रूड ऑयल बैकअप मौजूद है जिससे पेट्रोल-डीजल के दामों में तत्काल बढ़ोतरी की आशंका नहीं है।

क्रूड ऑयल में उछाल: 100 डॉलर प्रति बैरल का खतरा

जंग की इन रिपोर्ट्स ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में भारी खलबली मचा दी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 2.87 प्रतिशत की तेजी के साथ 73 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।

सेंटर फॉर स्ट्रैटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) ने चेतावनी दी है कि अगर ऑयल टैंकरों का रास्ता पूरी तरह रोका गया, तो ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल को पार कर सकता है। वहीं ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म जेपी मॉर्गन चेज (JPMorgan Chase) के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगर मिडिल ईस्ट में सप्लाई लंबे समय तक बाधित रही, तो कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा भी आसानी से पार कर लेगा।

होर्मुज स्ट्रेट: ग्लोबल ऑयल सप्लाई की 'लाइफलाइन'

इस पूरे जियो-पॉलिटिकल क्राइसिस का सबसे संवेदनशील सेंटर होर्मुज जलडमरूमध्य है। यह वह संकरा समुद्री मार्ग है जिससे दुनिया की कुल तेल सप्लाई का लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा होकर गुजरता है।

सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों का क्रूड ऑयल इसी समुद्री रास्ते से भारत, चीन और जापान जैसे बड़े एशियाई बाजारों तक पहुंचता है। ईरान द्वारा इस अहम चोकपॉइंट (Chokepoint) को ब्लॉक करने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों और लॉजिस्टिक्स पर पड़ना तय है।

ऑयल मार्केट में ईरान का दबदबा

कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद ईरान वैश्विक तेल बाजार का एक अहम खिलाड़ी बना हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक ईरान के पास करीब 208 से 209 अरब बैरल का सुरक्षित तेल भंडार (Oil Reserves) है जो दुनिया के कुल रिजर्व का लगभग 12 प्रतिशत है।

ईरान रोजाना 3.1 से 3.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है। इसमें से 1.3 से 1.5 मिलियन बैरल तेल वह हर दिन एक्सपोर्ट करता है। इस एक्सपोर्ट का 85-90 प्रतिशत हिस्सा अकेले चीन (China) खरीदता है। अगर ईरान की सप्लाई रुकती है तो चीन के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में भी भारी किल्लत और अस्थिरता पैदा होगी।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत अपनी कुल तेल जरूरत का 88 प्रतिशत हिस्सा आयात (Import) करता है और इस आयात का 50 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही भारत पहुंचता है। इसके बावजूद, भारतीय उपभोक्ताओं और मार्केट को फिलहाल पैनिक (Panic) करने की आवश्यकता नहीं है।

आंकड़ों के मुताबि भारत सरकार के पास 10 दिनों की जरूरत का कच्चा तेल और 5 से 7 दिनों का अतिरिक्त फ्यूल स्टॉक (Fuel Stock) रिजर्व में मौजूद है। यदि यह समुद्री रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है तो भारत रूस (Russia) जैसे अन्य सप्लायर देशों से अपनी तेल खरीद बढ़ाकर घरेलू मांग को पूरा कर सकता है। घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के रेट (Petrol-Diesel Rates) सरकारी टैक्स नीतियों और ग्लोबल सप्लाई के सेटलमेंट पर निर्भर करेंगे।

FAQ: होर्मुज संकट और क्रूड ऑयल से जुड़े मुख्य सवाल

Q: होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) क्यों अहम है?

A: यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया की कुल तेल सप्लाई का 20-30 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। मिडिल ईस्ट के बड़े देशों का तेल इसी रास्ते से एशिया पहुंचता है।

Q: ईरान के इस कदम से क्रूड ऑयल की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?

A: जेपी मॉर्गन चेज (JPMorgan Chase) और CSIS की रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑयल टैंकरों के रुकने से क्रूड ऑयल की कीमत 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है।

Q: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल तुरंत महंगे होंगे?

A: नहीं। भारत के पास 10 दिनों का क्रूड ऑयल बैकअप और 5-7 दिनों का अतिरिक्त फ्यूल रिजर्व मौजूद है, इसलिए घरेलू फ्यूल रेट्स में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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