IND–USA Trade Deal Explained: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर लेटेस्ट अपडेट, व्हाइट हाउस ने जारी की फैक्ट शीट, जानिए समझौते की प्रमुख शर्तें!
व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर एक फैक्ट शीट जारी की है। इसमें टैरिफ कटौती, डिजिटल टैक्स, सप्लाई चेन और निवेश से जुड़ी अहम शर्तों का ज़िक्र किया गया है।

नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) को लेकर एक फैक्ट शीट जारी की है। इसमें बताया गया है कि दोनों देश आने वाले हफ्तों में Mutually Beneficial द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने के लिए काम करेंगे। फैक्ट शीट के अनुसार भारत और अमेरिका सर्विसेज, निवेश, श्रम, सरकारी खरीद, डिजिटल ट्रेड और सप्लाई चेन जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत जारी रखेंगे।
किन शर्तों पर बनी है सहमति?
व्हाइट हाउस द्वारा जारी दस्तावेज़ में समझौते की कुछ प्रमुख शर्तों का जिक्र किया गया है:
- भारत, अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रेणी पर टैरिफ खत्म करेगा या घटाएगा
- इसमें रेड सोरघम, ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, ट्री नट्स, ताजे व प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं
- भारत ने ऊर्जा, आईटी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पादों की खरीद की प्रतिबद्धता जताई है
टैरिफ और गैर-शुल्क बाधाओं पर अमेरिका का रुख
फैक्ट शीट के ‘समृद्ध भविष्य की राह’ सेक्शन में कहा गया है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ऊंचे टैरिफ लगाता रहा है। कृषि उत्पादों पर औसत टैरिफ 37% तक और कुछ वाहनों पर 100% से अधिक रहा है। अमेरिका का आरोप है कि भारत ने लंबे समय तक संरक्षणवादी गैर-शुल्क बाधाएं भी लगाई हैं, जिससे अमेरिकी निर्यात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
डिजिटल टैक्स और टेक्नोलॉजी ट्रेड पर बड़ा संकेत
दस्तावेज़ के अनुसार भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देश मजबूत डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क न लगाने की नीति को बनाए रखने पर सहमति बनी है। प्रौद्योगिकी उत्पादों में द्विपक्षीय व्यापार और संयुक्त टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जायेगा।
सप्लाई चेन और आर्थिक सुरक्षा पर सहयोग
फैक्ट शीट में कहा गया है कि भारत और अमेरिका सप्लाई चेन की मजबूती और नवाचार के लिए आर्थिक सुरक्षा समन्वय बढ़ाएंगे। तीसरे पक्ष की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए संयुक्त कदम उठाए जाएंगे। निवेश समीक्षा और निर्यात नियंत्रण पर सहयोग किया जाएगा।
कब होगा औपचारिक ऐलान?
व्हाइट हाउस के मुताबिक आने वाले हफ्तों में भारत और अमेरिका अंतरिम समझौते को लागू करने और द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। यह फैक्ट शीट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई बातचीत के बाद जारी की गई है।
रूसी तेल और 25% अतिरिक्त शुल्क का मामला
दस्तावेज़ में यह भी उल्लेख किया गया है कि:
- भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद रोकने की प्रतिबद्धता के बाद
- अमेरिका ने भारतीय आयात पर लगाया गया अतिरिक्त 25% शुल्क हटाने पर सहमति दी
- राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं
क्यों अहम है यह समझौता?
- भारत के लिए: अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच
- अमेरिका के लिए: 140 करोड़ आबादी वाले बाजार में विस्तार
- वैश्विक स्तर पर: सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी सहयोग को मजबूती
