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इंडिया-US ट्रेड डील का असर: कौन-कौन से अमेरिकी सामान होंगे सस्ते? इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर ड्राय फ्रूट्स तक, देखें पूरी लिस्ट

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही बातचीत के बाद अंतरिम India-US ट्रेड डील पर मुहर लग गई है। शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई।

इंडिया-US ट्रेड डील का असर: कौन-कौन से अमेरिकी सामान होंगे सस्ते? इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर ड्राय फ्रूट्स तक, देखें पूरी लिस्ट
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By Ragib Asim

नई दिल्ली 7 फरवरी 2026: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही बातचीत के बाद अंतरिम India-US ट्रेड डील पर मुहर लग गई है। शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया है जबकि भारत भी कई अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा या खत्म करेगा।

इस डील का असर दो स्तरों पर दिखेगा एक तरफ भारतीय उपभोक्ताओं को कई अमेरिकी सामान कम कीमत पर मिलेंगे तो दूसरी तरफ भारतीय निर्यातकों को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी।

ट्रेड डील के मुख्य बिंदु क्या हैं?

भारत और अमेरिका इस बात पर सहमत हुए हैं कि अगले 5 साल में भारत अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के सामान खरीदेगा। इसमें कच्चा तेल, गैस, कोकिंग कोल, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं और AI व डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले हाई-टेक प्रोडक्ट शामिल हैं।

इसके साथ ही भारत अमेरिका के कई औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करेगा या खत्म करेगा। लक्ष्य है कि इस अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाकर एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) पूरा किया जाए।

भारत में कौन-कौन से अमेरिकी सामान सस्ते हो सकते हैं?

टैरिफ घटने के बाद जिन अमेरिकी उत्पादों की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक गैजेट्स जैसे लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिवाइस।
  • फल और फूड आइटम जैसे सेब, प्रोसेस्ड फूड, ड्राई फ्रूट्स (बादाम, अखरोट)।
  • सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स (शराब)।
  • सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट, मेडिकल डिवाइसेज और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स।
  • क्रूड ऑयल और LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस)।
  • एयरक्राफ्ट पार्ट्स, डिफेंस टेक्नोलॉजी और प्लास्टिक पॉलिमर (पॉलीथीन, पीवीसी आदि)।

इन उत्पादों पर टैक्स कम होने से आयात सस्ता होगा और इसका सीधा फायदा भारतीय ग्राहकों को मिलेगा।

भारतीय निर्यातकों को क्या फायदा होगा?

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। अब 18 फीसदी टैरिफ लागू होने से कई सेक्टरों को राहत मिलेगी।

  • कपड़ा और परिधान: अमेरिका भारत के कुल टेक्सटाइल निर्यात का करीब 28 फीसदी हिस्सा है। नया टैरिफ बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों से कम है, जिससे ऑर्डर भारत की ओर लौट सकते हैं।
  • रत्न और आभूषण: टैरिफ घटने से अमेरिकी रिटेलर्स की लागत कम होगी और भारतीय हीरा-ज्वेलरी निर्यातकों को फायदा मिलेगा।
  • सी-फूड और चमड़ा: झींगा और समुद्री उत्पादों के निर्यात पर दबाव कम होगा, जिससे इस सेक्टर में फिर से रफ्तार आने की उम्मीद है।
  • इसके अलावा ऑटो पार्ट्स को रियायती टैरिफ कोटा मिलेगा और कुछ विमान व उनके पुर्जों पर भी राहत दी जाएगी।

किन सेक्टरों को अभी राहत नहीं?

अमेरिकी कानून की धारा 232 के तहत स्टील, एल्युमिनियम और तांबा जैसे उत्पादों पर 50 फीसदी का ऊंचा टैरिफ फिलहाल बना रहेगा। ये भारत के अहम निर्यात क्षेत्र हैं, इसलिए इन्हें इस डील से तुरंत राहत नहीं मिली है।

अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ट्रेड डील भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में बड़ा मोड़ है। कम टैरिफ, आसान अप्रूवल और तेज कस्टम क्लियरेंस से IT, सर्विसेज, टेक्सटाइल, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। छोटे और मझोले निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार तक पहुंच आसान होगी और ऑर्डर साइज बढ़ने की संभावना है।

इस समझौते से जहां भारतीय उपभोक्ताओं को अमेरिकी सामान कम कीमत पर मिल सकते हैं, वहीं भारतीय निर्यातकों को अमेरिका में कारोबार बढ़ाने का बड़ा मौका मिलेगा।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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