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India-US Trade Deal Explained: भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील पर लगी मुहर! किसे होगा फायदा, किसका नुकसान? जानिए समझौते की बड़ी बातें

India-US Trade Deal Explained: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Agreement) का ऐलान किया है। भारत सरकार की ओर से जारी संयुक्त बयान के मुताबिक

India-US Trade Deal Explained: भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील पर लगी मुहर! किसे होगा फायदा, किसका नुकसान? जानिए समझौते की 10 बड़ी बातें
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फोटो: NPG News Desk 

By Ragib Asim

नई दिल्ली 7 फरवरी 2026: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने एक अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Interim Trade Agreement) का ऐलान किया है। भारत सरकार की ओर से जारी संयुक्त बयान के मुताबिक इस समझौते का ऑब्जेक्टिव दोनों देशों के बीच व्यापार को संतुलित, पारदर्शी और आपसी लाभ वाला बनाना है। इसे भविष्य में होने वाले व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की मजबूत नींव माना जा रहा है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दर्शाता है। उनके अनुसार मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।

भारत किन उत्पादों पर देगा रियायत?

अंतरिम समझौते के तहत भारत ने अमेरिका से आने वाले लगभग सभी औद्योगिक उत्पादों और कई खाद्य व कृषि वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाने या खत्म करने पर सहमति जताई है। इनमें पशु चारे के अनाज, ड्राय फ्रूट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और शराब जैसे उत्पाद शामिल हैं। इससे इन अमेरिकी उत्पादों की भारतीय बाजार में उपलब्धता बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है।

अमेरिका लगाएगा 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ?

समझौते के अनुसार अमेरिका भारत से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर 18 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा। यह टैरिफ कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी उत्पादों पर लागू होगा। हालांकि अगर अंतरिम समझौता सफल रहता है तो अमेरिका आगे चलकर जेनेरिक दवाइयों, हीरे-जवाहरात और विमान के पुर्जों पर टैरिफ हटाने पर भी विचार कर सकता है।

पांच साल में 500 अरब डॉलर के आयात करेगा भारत?

समझौते की एक अहम कड़ी यह भी है कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल आयात करेगा। इसके साथ ही डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले GPU और अन्य हाई-टेक उपकरणों के व्यापार को बढ़ाने तथा तकनीकी सहयोग मजबूत करने पर भी सहमति बनी है।

विमान, ऑटो पार्ट्स और दवाइयों पर राहत के संकेत

अमेरिका भारत से आने वाले विमान और विमान के पुर्जों पर पहले लगाए गए सुरक्षा संबंधी टैरिफ हटाएगा। वहीं ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए भारत को रियायती टैरिफ कोटा देने पर भी सहमति बनी है। दवाइयों के मामले में कहा गया है कि अगर अमेरिकी जांच में जेनेरिक दवाइयों और उनके कच्चे माल से कोई सुरक्षा जोखिम नहीं पाया जाता तो इस सेक्टर में बेहतर शर्तों पर बातचीत की जाएगी।

डिजिटल ट्रेड और नियमों पर सहमति

दोनों देशों ने डिजिटल व्यापार से जुड़े भेदभावपूर्ण नियमों को हटाने, रूल्स ऑफ ओरिजिन लागू रखने और गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा मेडिकल डिवाइसेज, आईटी और कम्युनिकेशन उत्पादों के लिए नियमों को सरल बनाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाने पर भी बातचीत आगे बढ़ेगी।

सरकार का कहना है कि इस अंतरिम समझौते को जल्द लागू किया जाएगा और इसके आधार पर एक पूर्ण, आधुनिक और आपसी फायदे वाला भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप देने की दिशा में दोनों देश तेजी से आगे बढ़ेंगे।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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