Gold Rate Today 6 Feb 2026: लगातार दूसरे दिन टूटा सोना, खरीदारी से पहले जान लें ताज़ा भाव
Gold Rate Today 6 Feb 2026: सोने के भाव में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार 6 फरवरी की सुबह देश के प्रमुख शहरों में गोल्ड के दाम और नीचे आ गए।

नई दिल्ली 6 फरवरी 2026: सोने के भाव में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार 6 फरवरी की सुबह देश के प्रमुख शहरों में गोल्ड के दाम और नीचे आ गए। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना गिरकर 1,54,560 प्रति 10 ग्राम रह गया है, जबकि मुंबई में इसका भाव 1,54,410 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक ग्लोबल लेवल पर बिकवाली और अमेरिकी डॉलर की मज़बूती के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में हाजिर सोना गिरकर 4,826.99 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर दिख रहा है।
दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में आज का गोल्ड रेट
दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,54,560 और 22 कैरेट सोना 1,41,690 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,54,410, जबकि 22 कैरेट का भाव 1,41,540 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों में आज सोने का भाव (₹ प्रति 10 ग्राम)
शहर 22 कैरेट 24 कैरेट
- दिल्ली 1,41,690 1,54,560
- मुंबई 1,41,540 1,54,410
- अहमदाबाद 1,47,240 1,60,620
- चेन्नई 1,41,540 1,54,410
- कोलकाता 1,41,540 1,54,410
- हैदराबाद 1,41,540 1,54,410
- जयपुर 1,41,690 1,54,560
- भोपाल 1,47,240 1,60,620
- लखनऊ 1,41,690 1,54,560
- चंडीगढ़ 1,41,690 1,54,560
आगे क्या कहते हैं संकेत?
जहां मौजूदा समय में सोने पर दबाव बना हुआ है वहीं निवेशकों के लिए लंबी अवधि के संकेत अब भी सकारात्मक बताए जा रहे हैं। ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अनुमान जताया है कि साल के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल बैंकों और निवेशकों की मज़बूत मांग इसकी बड़ी वजह होगी। अनुमान है कि 2026 में सेंट्रल बैंकों की सोने की खरीद करीब 800 टन रह सकती है।
खरीदारों के लिए क्या मतलब?
शादी-ब्याह और निवेश के लिहाज़ से सोना खरीदने वालों के लिए मौजूदा गिरावट राहत का मौका हो सकती है। हालांकि जानकार सलाह देते हैं कि कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एकमुश्त खरीद की बजाय चरणबद्ध निवेश ज़्यादा सुरक्षित रणनीति हो सकती है।
