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Disawar Satta King: क्या है दिसावर सट्टा किंग? क्या आप भी खेल रहे हैं ये अवैध खेल? जानिए कैसे जेल जाने तक की आ सकती है नौबत

Disawar Satta King: दिसावर सट्टा किंग क्या है और क्यों है इतना लोकप्रिय? जानिए इस खेल के नियम, इतिहास, और इससे जुड़े जोखिम। सट्टा भारत में गैरकानूनी है, पढ़ें पूरी जानकारी।

Disawar Satta King: क्या है दिसावर सट्टा किंग? क्या आप भी खेल रहे हैं ये अवैध खेल? जानिए कैसे जेल जाने तक की आ सकती है नौबत
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By Ragib Asim

नई दिल्ली। भारत में जब भी सट्टेबाजी या जुए की बात होती है, तो सबसे पहले दिसावर सट्टा किंग (Disawar Satta King) और गली सट्टा (Gali Satta) का नाम सामने आता है। यह एक नंबर-आधारित अवैध खेल है, जिसमें खिलाड़ी 0 से 99 तक की किसी भी संख्या पर दांव लगाते हैं। अगर उनका चुना हुआ नंबर निकल आता है, तो उन्हें कुछ ही मिनटों में भारी रकम मिल सकती है। लेकिन यह खेल जितना रोमांचक दिखता है, उतना ही जोखिम भरा और खतरनाक है।

क्या है दिसावर सट्टा चार्ट रिजल्ट?
दिसावर सट्टा किंग में हर दिन के नतीजे एक चार्ट (Disawar Satta Chart Result) में दर्ज किए जाते हैं। इस चार्ट में रोज़ाना के विजेता नंबर के साथ पुराने परिणाम भी दर्ज रहते हैं। कई खिलाड़ी इन पुराने चार्ट्स को देखकर अगले दिन का नंबर “अनुमान” लगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन असल में यह पूरी तरह किस्मत पर निर्भर खेल है इसमें कोई फॉर्मूला या गणित काम नहीं करता।
गली और दिसावर के रिजल्ट कब जारी होते हैं?
गली और दिसावर सट्टा के रिजल्ट हर दिन तय समय पर घोषित किए जाते हैं। अब यह खेल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और मोबाइल ऐप्स के ज़रिए भी फैल गया है। खिलाड़ी ऑनलाइन वेबसाइट्स पर जाकर अपने चुने हुए नंबर की जांच करते हैं कि वे “जीते” हैं या नहीं। लेकिन ये सारे प्लेटफॉर्म गैरकानूनी और अनधिकृत होते हैं, जिनकी पारदर्शिता पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
सट्टा किंग का इतिहास क्या है?
गली और दिसावर सट्टा की शुरुआत उत्तर भारत के मेलों और कस्बों में मनोरंजन के रूप में हुई थी। धीरे-धीरे यह खेल एक बड़े जुआ नेटवर्क में तब्दील हो गया। इंटरनेट आने के बाद यह ऑनलाइन रूप में तेजी से फैला और लाखों लोग रोज़ “Disawar Satta Result” या “Gali Result” सर्च करने लगे। हालांकि तकनीक के साथ बढ़ते प्रसार के बावजूद यह खेल आज भी भारतीय कानून के तहत पूरी तरह अवैध है।
क्यों खतरनाक है दिसावर सट्टा किंग?
यह एक अवैध और लत लगाने वाला जुआ है।
जीत की कोई गारंटी नहीं होती हारने पर खिलाड़ी कर्ज़ और मानसिक तनाव में डूब जाते हैं।
कई लोग अपनी जमा पूंजी खो देते हैं।
भारतीय कानून के मुताबिक, सट्टेबाजी में शामिल होना अपराध है।
पकड़े जाने पर जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
अगर कोई इसमें फँस गया है तो क्या करें?
तुरंत पैसा लगाना बंद करें और आर्थिक सीमा तय करें।
परिवार या भरोसेमंद दोस्तों से बात करें और सहायता मांगें।
किसी पेशेवर काउंसलर या एडिक्शन हेल्पलाइन से मदद लें।
अपनी ऊर्जा सकारात्मक कामों में लगाएं निवेश, स्किल सीखने या बचत में।
क्यों है भारत में बैन?
भारत में सट्टा किंग जैसे खेल Public Gambling Act 1867 के तहत प्रतिबंधित हैं। इस कानून के अनुसार किसी भी तरह की जुएबाजी, उसके आयोजन या प्रचार में शामिल होना अपराध है। अधिकांश राज्यों में इसके लिए जुर्माना और जेल की सज़ा दोनों का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि ऐसे खेल न केवल आर्थिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी नुकसानदेह हैं।
दिसावर सट्टा किंग और गली सट्टा जैसे खेल शुरुआत में आसान और आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन असल में यह किस्मत और बर्बादी का खेल है। कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं। समझदारी इसी में है कि इनसे दूरी बनाएं और मेहनत से कमाई हुई राशि को सुरक्षित रखें।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। NPG News किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी, जुए या अवैध गतिविधियों को प्रोत्साहित नहीं करता। भारत में सट्टेबाजी कानूनन अपराध है। इसमें शामिल पाए जाने पर जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

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