Digital Currency Ration: कैश नहीं, बैंक ट्रांसफर नहीं… अब डिजिटल करेंसी से मिलेगा राशन! इस राज्य से शुरू हो रहा नया सिस्टम, जानें सब कुछ
Digital Currency Ration: लोगों को अब राशन लेने के लिए लाइन में खड़ा रहना नहीं पड़ेगा और न ही उन्हें फिंगरप्रिंट (अंगूठा) लगाने के लिए संघर्ष करना होगा। क्योंकि....

सोर्स- इंटरनेट, एडिट- npg.news
Digital Currency Ration: लोगों को अब राशन लेने के लिए लाइन में खड़ा रहना नहीं पड़ेगा और न ही उन्हें फिंगरप्रिंट (अंगूठा) लगाने के लिए संघर्ष करना होगा। क्योंकि अब राशन लेने का तरीका पूरी तरह से डिजीटल होने जा रहा है, जी हां भारत सरकार जल्द ही सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) या डिजिटल फूड करेंसी सिस्टम लागू करने जा रही है, तो चलिए जानते हैं कि डिजिटल फूड कूपन से राशन कैसे और किस राज्य में मिलेगा।
RBI की डिजिटल करेंसी पर आधारित है सिस्टम
भारत सरकार दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को हाई टेक बनाने की तैयारी में है। जल्द ही सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) या डिजिटल फूड करेंसी सिस्टम लागू होने वाली है, जो कि आपके मोबाइल से काम करेगी। यह सिस्टम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की डिजिटल करेंसी (e-Rupee) पर आधारित है।
कैसे मिलेगा राशन?
जानकारी के मुताबिक, लाभार्थियों को हर महीने RBI इनेबल्ड डिजिटल वॉलेट में डिजिटल फूड कूपन भेजे जाएंगे। इसके बाद लाभार्थियों को राशन की दुकान में जाना होगा और कूपन रिडीम करने के लिए राशन दुकान मालिकों का QR कोड स्कैन करना होगा। जिसके बाद उन्हें उनके हक का मुफ्त राशन मिल जाएगा।
इन राज्यों में शुरु हो रहा सिस्टम
बताया जा रहा है कि अगले महीने गुजरात, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) या डिजिटल फूड करेंसी सिस्टम लागू होने जा रही है। जानकारी ये भी मिली है कि गुजरात के अहमदाबाद में 25 लाभार्थियों के साथ इसकी सॉफ्ट लॉन्चिग भी हो चुकी है, जहां अब तक 2000 सफल ट्रांजेक्शन भी हो चुके हैं।
जल्द पूरे देश में लागू हो सकती है सिस्टम
वहीं जिन लाभार्थियों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए भी विकल्प खोजे जा रहे हैं। डिजिटल फूड करेंसी का प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (POC) अगर सफल रहा, तो जल्द पूरे देश में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) या डिजिटल फूड करेंसी सिस्टम लागू हो सकती है।
क्या है मुख्य उद्देश्य
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) या डिजिटल फूड करेंसी सिस्टम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है। इतना ही नहीं सिस्टम के लागू होने के बाद लोगों को राशन लेने के लिए लाइन में खड़ा रहना नहीं पड़ेगा और न ही फिंगरप्रिंट (अंगूठा) लगाने के लिए संघर्ष करना होगा।
