Commercial Gas Cylinder Price : नए साल पर महंगाई का धमाका : 28 महीनों की सबसे बड़ी वृद्धि के साथ इतना पार पहुंचा गैस सिलेंडर, आपकी जेब पर सीधा असर
Commercial Gas Cylinder Price : साल 2026 का पहला दिन देश के मध्यम वर्ग और व्यापारियों के लिए महंगाई की एक नई चुनौती लेकर आया है।

Commercial Gas Cylinder Price : नए साल पर महंगाई का धमाका : 28 महीनों की सबसे बड़ी वृद्धि के साथ इतना पार पहुंचा गैस सिलेंडर, आपकी जेब पर सीधा असर
LPG Price Hike : नई दिल्ली : साल 2026 का पहला दिन देश के मध्यम वर्ग और व्यापारियों के लिए महंगाई की एक नई चुनौती लेकर आया है। जहां लोग नए साल के जश्न में डूबे थे, वहीं सुबह-सुबह सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर सबको चौंका दिया। यह इजाफा कोई मामूली बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि पिछले 28 महीनों की सबसे बड़ी तेजी के रूप में दर्ज की गई है। इस फैसले ने न केवल रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से आम आदमी की थाली पर भी संकट के बादल मंडरा दिए हैं।
LPG Price Hike : महानगरों में मची हलचल : 111 का तगड़ा झटका
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के चार प्रमुख महानगरों में से तीन, दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में सीधे 111 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में कीमतों में 110 रुपये का इजाफा हुआ है।
इस भारी बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत अब 1,691.50 रुपये हो गई है। गौरतलब है कि यह कीमत जून 2025 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर है। वहीं कोलकाता में यह आंकड़ा 1,795 रुपये और मुंबई में 1,642.50 रुपये तक जा पहुंचा है। देश के कुछ हिस्सों में तो कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें 1,850 रुपये के स्तर के करीब पहुंच गई हैं, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से एक बड़ा चिंता का विषय है।
2023 के बाद पहली बार इतनी बड़ी तेजी
विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ोतरी आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि आखिरी बार इतनी बड़ी वृद्धि अक्टूबर 2023 में देखी गई थी। नवंबर 2023 के बाद यह पहला मौका है जब तेल कंपनियों ने एक झटके में कीमतों को 100 रुपये से ज्यादा बढ़ा दिया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, हालांकि घरेलू स्तर पर इसे नए साल के आर्थिक समायोजन के रूप में देखा जा रहा है।
घरेलू रसोई गैस: क्या आपको भी चिंता करने की जरूरत है?
इस खबर का एक सकारात्मक पहलू यह है कि सरकार ने आम गृहिणियों और घरेलू बजट को फिलहाल इस महंगाई की आग से बचाए रखा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह अभी भी 853 पर स्थिर है। याद दिला दें कि घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार मार्च 2024 में बड़ी कटौती की गई थी, जब लोकसभा चुनावों से ठीक पहले सरकार ने 100 की राहत दी थी। इसके बाद अप्रैल 2025 में 50 की मामूली वृद्धि देखी गई थी, लेकिन तब से अब तक कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
PNG के दाम गिरे
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां सिलेंडर के दाम बढ़े हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार ने पाइप नेचुरल कुकिंग गैस PNG की कीमतों में कुछ कमी की है। इसे सरकार की एक संतुलित रणनीति माना जा रहा है ताकि उन शहरी क्षेत्रों में राहत दी जा सके जहां पाइपलाइन से गैस सप्लाई होती है। हालांकि, देश का एक बड़ा हिस्सा अभी भी सिलेंडर पर निर्भर है, इसलिए PNG की कटौती का लाभ सीमित दायरे तक ही सिमट कर रह गया है।
आम जनता और व्यापार पर क्या होगा असर?
कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने का सीधा मतलब है कि अब बाहर खाना खाना महंगा हो सकता है। ढाबे, रेस्टोरेंट, होटल और कैंटीन संचालक इस बढ़े हुए बोझ को ग्राहकों पर डालेंगे। चाय की दुकान से लेकर बड़े डाइनिंग हॉल्स तक, हर जगह मेनू कार्ड के रेट बढ़ सकते हैं। चूंकि कमर्शियल गैस का इस्तेमाल खाद प्रसंस्करण और लघु उद्योगों में भी होता है, इसलिए इसका असर अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ना तय है।
नए साल के पहले ही दिन इस तरह की घोषणा ने महंगाई के प्रति सरकार की भविष्य की नीतियों की ओर इशारा कर दिया है। जहां एक तरफ कच्चा तेल और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का हवाला दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिक यह उम्मीद कर रहा है कि आने वाले दिनों में घरेलू सिलेंडर पर भी कोई बोझ न बढ़े। फिलहाल, व्यापारियों के लिए यह साल एक महंगी चुनौती के साथ शुरू हुआ है।
