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Budget 2026 Explained: कैसे बनता है देश का बजट? जानिए तैयारी से लेकर पेश होने तक का पूरा प्रोसेस

Budget 2026 कैसे बनता है? जानिए तैयारी की शुरुआत, हलवा सेरेमनी, ब्लू शीट और संसद में पेश होने तक का पूरा प्रोसेस आसान भाषा में।

Budget 2026 Explained: कैसे बनता है देश का बजट? जानिए तैयारी से लेकर पेश होने तक का पूरा प्रोसेस
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By Ragib Asim

Budget 2026 Explained: नए साल की शुरुआत के साथ ही पूरे देश की नजरें आने वाले बजट पर टिक जाती हैं। जेब, जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा यह दस्तावेज सिर्फ आंकड़ों का पुलिंदा नहीं होता बल्कि इसके पीछे महीनों की तैयारी और सख्त गोपनीय प्रक्रिया काम करती है। Budget 2026 भी इसी लंबे और नियंत्रित सिस्टम से गुजरकर सामने आएगा।

कब शुरू होती है बजट की तैयारी?
बजट भले ही 1 फरवरी को पेश किया जाता है लेकिन इसकी तैयारी अगस्त–सितंबर से ही शुरू हो जाती है। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाला डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स सभी मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सर्कुलर भेजता है। इसमें अगले वित्त वर्ष के लिए खर्च और योजनाओं की जरूरत का पूरा ब्योरा मांगा जाता है।
बजट का असली मास्टरमाइंड कौन?
बजट बनाने की केंद्रीय जिम्मेदारी डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स के पास होती है। इस प्रक्रिया में वित्त मंत्री, वित्त सचिव, राजस्व सचिव और व्यय सचिव की कोर टीम शामिल रहती है। इसके साथ नीति आयोग और अलग-अलग मंत्रालयों के विशेषज्ञ आर्थिक आंकड़ों, टैक्स कलेक्शन और ग्रोथ अनुमान पर काम करते हैं।
हलवा सेरेमनी और गोपनीय लॉकडाउन?
बजट की छपाई से पहले वित्त मंत्रालय में एक पारंपरिक रस्म निभाई जाती है जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है। इसके बाद बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में सीमित हो जाते हैं। मोबाइल, इंटरनेट और बाहरी संपर्क पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं ताकि बजट से जुड़ी कोई जानकारी लीक न हो। यह गोपनीयता देश की आर्थिक स्थिरता के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है।
ब्लू शीट क्यों होती है सबसे अहम?
ब्लू शीट बजट का सबसे संवेदनशील दस्तावेज होती है। इसमें टैक्स, खर्च और राजकोषीय घाटे जैसे मुख्य आंकड़े दर्ज रहते हैं। इसे वित्त मंत्रालय के बाहर ले जाने की अनुमति किसी को नहीं होती और इसकी एक्सेस भी तय सीमाओं में ही रहती है।
कब और कहां पेश होता है बजट?
आमतौर पर केंद्रीय बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाता है। पहले बजट फरवरी के आखिरी दिन आता था, लेकिन 2017 से तारीख बदलकर 1 फरवरी कर दी गई, ताकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से पहले सभी नीतिगत फैसले लागू किए जा सकें। यह प्रेजेंटेशन भारतीय संसद में होती है।
आम आदमी के लिए बजट क्यों जरूरी?
बजट सिर्फ सरकार का हिसाब-किताब नहीं है। इसी से तय होता है कि आपकी इनकम पर कितना टैक्स लगेगा, जरूरी चीजें सस्ती होंगी या महंगी, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना खर्च होगा और सामाजिक योजनाओं में कितनी रकम जाएगी। सीधे शब्दों में कहें तो बजट आपकी जेब और भविष्य दोनों को दिशा देता है।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

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