India-EU FTA Deal: भारत-EU के बीच ऐतिहासिक FTA का ऐलान, 27 देशों के साथ बनेगा फ्री ट्रेड ज़ोन, टैरिफ खत्म करेगा भारत, PM बोले– साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट
India EU Free Trade Agreement: भारत और यूरोपीय संघ के 27 देशों के बीच ऐतिहासिक FTA की घोषणा हो गई है। समझौते के तहत भारत EU से आने वाले 96.6 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ कम या खत्म करेगा।

नई दिल्ली | मंगलवार: भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से लंबित ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) की मंगलवार को राजधानी दिल्ली में औपचारिक घोषणा कर दी गई। यह ऐलान 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में हुआ।
सम्मेलन की सह-अध्यक्षता यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा-कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने की। शिखर सम्मेलन से पहले EU प्रतिनिधिमंडल ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद हैदराबाद हाउस में PM नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया।
भारत EU से 96.6 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ करेगा खत्म
प्रेस ब्रीफिंग में EU प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारत ने EU से निर्यात होने वाले 96.6 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ कम करने या पूरी तरह खत्म करने पर सहमति जताई है। EU के अनुसार इस FTA से वह भारत को अपना निर्यात दोगुना करेगा और भारत के सर्विस मार्केट तक पहुंच बढ़ाएगा खासतौर पर फाइनेंशियल सर्विस, समुद्री सेवाओं और अन्य प्रमुख सेक्टर्स में। EU ने यह भी कहा कि टैरिफ में कटौती से यूरोप के एग्री-फूड सेक्टर को सीधा फायदा होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि EU के 27 देशों के साथ यह केवल एक व्यापार समझौता नहीं बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है। उन्होंने कहा कि यह समझौता छोटे किसानों और उद्योगों की बाजार तक पहुंच बढ़ाएगा मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करेगा और भारत-EU के बीच निवेश को नई गति देगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-EU व्यापार समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताया।
2007 से चली बातचीत अब पूरी
भारत-EU FTA को लेकर बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन टैरिफ, बाजार पहुंच और नियामक मानकों पर मतभेदों के कारण 2013 में यह प्रक्रिया रुक गई। अंतराष्ट्रीय व्यापार तनाव बढ़ने के बाद 2022 में फिर बातचीत शुरू हुई और पिछले साल इसमें तेजी आई।
भारत और EU वर्ल्ड GDP का लगभग एक-चौथाई हिस्सा रखते हैं और दोनों का संयुक्त बाजार करीब दो अरब उपभोक्ताओं का है। यह समझौता दोनों पक्षों के रिश्तों को और व्यापक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
उर्सुला और कोस्टा का संदेश
उर्सुला वॉन डेर-लेयेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले एक्स पर लिखा आज यूरोप और भारत इतिहास रच रहे हैं। हमने अब तक की सबसे बड़ी डील पक्की की है। दो अरब लोगों का मुक्त व्यापार जोन बना है। यह तो बस शुरुआत है।
वहीं, कोस्टा ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता बताते हुए कहा कि यह सिर्फ वाणिज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे कहीं अधिक व्यापक है।
