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8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! कब लागू होगा नया वेतन आयोग? लेवल-1 कर्मचारी को कितना मिलेगा एरियर? समझिए पूरा कैलकुलेशन!

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अगर इसे 1 जनवरी 2026 से पिछली तारीख से लागू किया गया, तो लेवल-1 कर्मचारियों को 24 महीने का एरियर मिल सकता है। पूरा कैलकुलेशन समझिए।

8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! कब लागू होगा नया वेतन आयोग? लेवल-1 कर्मचारी को कितना मिलेगा एरियर? समझिए पूरा कैलकुलेशन!
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By Ragib Asim

नई दिल्ली, 15 जनवरी 2026: सरकारी कर्मचारियों के बीच इन दिनों एक ही सवाल सबसे ज्यादा गूंज रहा है 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) कब लागू होगा और एरियर कितना मिलेगा? 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा हो चुका है। ऐसे में नेचुरल है कि कर्मचारियों की निगाहें अब अगले वेतन संशोधन पर टिकी हैं। खासतौर पर लेवल-1 कर्मचारियों के लिए यह चर्चा इसलिए अहम है क्योंकि अगर नया वेतन आयोग पिछली तारीख से लागू हुआ तो एरियर की रकम लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। फिलहाल सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है। लेकिन पिछले वेतन आयोगों का ट्रेंड कुछ इशारा जरूर देता है। वेतन आयोगों के इतिहास पर नजर डालें तो एक पैटर्न साफ दिखता है।

  • 6वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2006 से लागू माना गया
  • 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ

हालांकि दोनों मामलों में सिफारिशें लागू होने में वक्त लगा था लेकिन कर्मचारियों को फायदा पिछली तारीख (retrospective effect) से मिला। इसी वजह से कर्मचारी संगठनों और जानकारों का मानना है कि 8वां वेतन आयोग भी 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा सकता है भले ही इसकी घोषणा और क्रियान्वयन बाद में हो। यही वजह है कि इस तारीख को लेकर इतनी चर्चा हो रही है।

अगर देरी हुई तो एरियर कितना बनेगा?

मान लीजिए कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 18 से 24 महीने का समय लगता है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को उतने ही महीनों का एरियर मिलेगा। यानी जितनी देर उतना बड़ा एरियर और यहीं से असली गणित शुरू होता है।

6वें वेतन आयोग में लेवल-1 की सैलरी कैसी थी?

6वें वेतन आयोग के दौर में सैलरी पे-बैंड और ग्रेड पे सिस्टम पर आधारित थी। लेवल-1 के बराबर कर्मचारी का:

  • बेसिक पे: करीब ₹7,000
  • डीए: लगभग 125%

HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस अलग से इन सबको जोड़ने पर मासिक ग्रॉस सैलरी लगभग:

  • X शहर: ₹19,200
  • Y शहर: ₹18,050
  • Z शहर: ₹17,350

7वें वेतन आयोग ने क्या बदल दिया?

7वें वेतन आयोग में सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ कि ग्रेड पे सिस्टम खत्म कर दिया गया और पे मैट्रिक्स लागू की गई। लेवल-1 के लिए बेसिक पे सीधे ₹18,000 तय हुआ, पुराना 125% डीए बेसिक में मर्ज कर दिया गया HRA और अन्य भत्ते नए बेसिक पर जुड़े इस बदलाव के बाद शुरुआती ग्रॉस सैलरी पहुंची:

  • X शहर: ₹24,000
  • Y शहर: ₹22,000
  • Z शहर: ₹20,200

असल में सैलरी कितनी बढ़ी थी?

6वें वेतन आयोग के आखिरी दौर और 7वें वेतन आयोग की शुरुआत की तुलना करें तो:

  • X शहर में करीब ₹4,800
  • Y शहर में लगभग ₹3,950
  • Z शहर में करीब ₹2,850

यानी लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी में 16% से 25% तक की बढ़ोतरी देखने को मिली थी। यही आंकड़े अब 8वें वेतन आयोग के अनुमान का आधार बन रहे हैं।

2026 तक लेवल-1 की मौजूदा सैलरी कितनी है?

7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-1 का बेसिक पे आज भी ₹18,000 है, लेकिन महंगाई भत्ता (DA) लगातार बढ़ता गया है। फिलहाल DA करीब 58% माना जा रहा है, जिससे ग्रॉस सैलरी लगभग ₹34,440 हो चुकी है। अगर 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक DA 68% के आसपास पहुंचता है, तो ग्रॉस सैलरी करीब ₹36,240 प्रति माह हो सकती है। अगर 8वां वेतन आयोग 7वें जैसा ही रहा तो? मान लीजिए:

  • फिटमेंट फैक्टर करीब 2.57 रहता है
  • कुल सैलरी में लगभग 25% की बढ़ोतरी होती है

ऐसी स्थिति में लेवल-1 कर्मचारी की नई ग्रॉस सैलरी करीब ₹45,300 प्रति माह हो सकती है। यानी मौजूदा सैलरी से हर महीने करीब ₹9,060 ज्यादा।

24 महीने का एरियर कितना बनेगा?

अगर नई सैलरी 24 महीने पिछली तारीख से लागू होती है, तो गणित सीधा है:

  • ₹9,060 × 24 महीने = ₹2,17,440

यानि एक लेवल-1 केंद्रीय कर्मचारी को करीब 2.17 लाख रुपये का एरियर मिल सकता है। ऊपर के लेवल पर यह रकम और ज्यादा होगी। यह पूरा कैलकुलेशन अनुमानों पर आधारित है किसी सरकारी फैसले पर नहीं। फिटमेंट फैक्टर कम-ज्यादा हो सकता है, कुछ भत्ते बदले या खत्म किए जा सकते हैं, और सरकार कोई नया वेतन फार्मूला भी ला सकती है।

कुछ रिपोर्ट्स क्या कहती हैं?

Ambit Capital के मुताबिक फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है, Kotak की रिपोर्ट मानती है कि अगर फैक्टर 1.8 रहा, तो बढ़ोतरी सिर्फ 13% तक सीमित हो सकती है, यानी एरियर की पूरी कहानी एक ही शब्द पर टिकी है फिटमेंट फैक्टर।

उम्मीदें बड़ी हैं, लेकिन तस्वीर अभी साफ नहीं

8वां वेतन आयोग अगर दो साल की देरी से लागू होता है और पिछली तारीख से फायदा मिलता है, तो लेवल-1 जैसे एंट्री-लेवल कर्मचारियों के लिए भी एरियर की रकम लाखों में हो सकती है।लेकिन असली तस्वीर तभी सामने आएगी, जब वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट देगा और सरकार उस पर अंतिम मुहर लगाएगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि कर्मचारियों की ये उम्मीदें हकीकत में कितना रंग लाती हैं।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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