8th Pay Commission Update: कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! बजट में 8वें वेतन आयोग को फंड, सैलरी-पेंशन बढ़ोतरी का रास्ता साफ, सरकार ने दिए इतने करोड़!
केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी तैयारी का इशारा दे दिया है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़े खर्चों के लिए 23.42 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

नई दिल्ली 1 फरवरी 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी तैयारी का इशारा दे दिया है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़े खर्चों के लिए 23.42 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इसे सैलरी और पेंशन में भविष्य में बढ़ोतरी की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। यह राशि वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की डिमांड फॉर ग्रांट्स में अलग से दिखाई दी है जिससे साफ है कि आयोग के गठन और कामकाज की प्रक्रिया अब कागजों से आगे बढ़ चुकी है।
कितना पैसा, किस काम के लिए?
बजट दस्तावेज के मुताबिक 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए कुल 23.42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से लगभग 21.32 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 2.10 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के तौर पर रखे गए हैं। यह पैसा वेतन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि आयोग के गठन, स्टाफ, दफ्तर, रिसर्च और प्रशासनिक खर्चों के है। यानी आयोग के काम शुरू करने की औपचारिक तैयारी।
कितने लोगों को होगा असर?
इस कदम का सीधा संबंध करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स से है। वेतन आयोग आमतौर पर महंगाई, जीवन-यापन की लागत, कर्मचारियों की जरूरतों और सरकार की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए नई सिफारिशें करता है। इन सिफारिशों के आधार पर ही आगे चलकर बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन में बदलाव होते हैं।
सैलरी और पेंशन में क्या बदल सकता है?
अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ जाएगी है। इसका असर महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों पर भी पड़ता है। वहीं पेंशनर्स के लिए बेसिक और फैमिली पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।
आयोग की रिपोर्ट पर टिकी नजर
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अब फंड जारी हो चुका है तो आयोग को जल्द काम शुरू करना चाहिए। ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल के मुताबिक उम्मीद है कि आयोग 200 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकेगा, ताकि पहले से हो चुकी देरी और न बढ़े।
अभी क्या समझें?
फिलहाल बजट में दी गई राशि सीधे वेतन या पेंशन बढ़ोतरी का एलान नहीं है। लेकिन यह इशारा है कि 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में आयोग की सिफारिशें ही तय करेंगी कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब में कितनी राहत पहुंचेगी।
Budget 2026 में 8वें वेतन आयोग के लिए किया गया यह प्रावधान लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए उम्मीद की नई किरण माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें आयोग के गठन, उसकी रिपोर्ट और उस पर सरकार के फैसले पर टिकी है।
