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जल जीवन मिशन घोटाला: पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस, अब देश छोड़ने पर पाबंदी! जेल जाएंगे अफसर?

Jal Jeevan Mission Scam: राजस्थान के चर्चित 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाले मामले में 1988 बैच के पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल का नाम शामिल हैं. ACB उनके खिलाफ जांच कर रही है. लेकिन उनकी कोई जानकारी नहीं है. आशंका है वो देश छोड़कर भाग सकते हैं इस वजह से उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है.

पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस
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Jal Jeevan Mission Scam

By Neha Yadav

Jal Jeevan Mission Scam: जयपुर, राजस्थान के चर्चित 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाले मामले की जांच एसीबी, ईडी और सीबीआई कर रही है. वहीँ, एक बार फिर घोटाले को लेकर एसीबी की टीम ने आरोपियों की धड़ पकड़ शुरू कर दी है. इस जल जीवन मिशन घोटाले में 20 अधिकारियों के नाम सामने आये हैं. जिसमे पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल का नाम भी शामिल है. पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल का कोई अता-पता नहीं है. इसलिए उन्हें पकड़ने के लिए लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है. आशंका है कि सुबोध अग्रवाल देश छोड़कर भाग सकते हैं.

क्या है जल जीवन मिशन घोटाला

यह घोटाला केंद्र सरकार की प्रमुख योजना जल जीवन मिशन से जुड़ा है. जल जीवन मिशन का उद्देशय हर घर में नल पहुंचाना था. योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा टेंडर राशि तो उपलब्ध कराई गयी, लेकिन राज्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलार फर्जी दस्तावेज, अनुचित निविदा प्रक्रिया, घटिया सामाग्री, रिश्वतखोरी करके घोटाला किया है. राजस्थान में करीब 900 करोड़ के टेंडरों में फर्जीवाड़ा किया गया है. साल 2023 मेंकृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की शिकायत के बाद एसीबी, ईडी और सीबीआई मामले की जांच कर रही है.

जल जीवन मिशन घोटाला में कितने अफसरों का नाम शामिल

वित्तीय लेनदेन के डॉक्यूमेंट्स के आधार पर जल जीवन मिशन घोटाला में 20 लोगों के नाम सामने आये हैं. जिनमे 15 दिसंबर 2025 को रिटायर हुए आईएएस सुबोध अग्रवाल कई कार्यरत अधिकारी, रिटायर्ड अफसर और इंजीनियर शामिल है. इसी सिलसिले में एसीबी ने 17 फरवरी को दिल्ली, छत्तीसगढ़ और झारखंड के 15 ठिकानों पर छापा मारकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया.

सुबोध अग्रवाल के खिलाफ क्यों जारी हुआ लुक आउट नोटिस

एसीबी की टीम 17 फरवरी को सुबह 4 बजे जब जयपुर में सुबोध अग्रवाल के घर पहुंची तो वो वहां नहीं थे. जांच में पता चला सुबोध अग्रवाल एक दिन पहले ही रात में सुबोध अग्रवाल चले गए हैं. उनका मोबाईल भी बंद है. सुबोध अग्रवाल कहाँ है इसकी कोई जानकारी नहीं है. आशंका है वो देश छोड़कर विदेश भाग सकते हैं. जिस वजह से पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है.

लुक आउट नोटिस क्या होता है?

लुकआउट नोटिस (LOC) एक सर्कुलर है जिसे सरकारी जांच एंजेंसी एयरपोर्ट, सी-पोर्ट, लैंड बॉर्डर पर इमिग्रेशन अधिकारियों को जारी करती है. ताकि किसी संदिग्ध या आरोपी को देश छोड़कर भागने से रोका जा सके. यह तब जारी किया जाता है जब आशंका होती है कि कोई आरोपी/संदिग्ध देश छोड़कर भाग सकता है.

कौन है आईएएस सुबोध अग्रवाल

सुबोध अग्रवाल 1988 बैच के अफसर हैं. जो 31 दिसंबर, 2025 को रिटायर हुए थे. सुबोध अग्रवाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. उन्होंने ग्वालियर के मशहूर सिंधिया स्कूल में 12वी तक पढाई की. इसके बाद IIT दिल्ली में सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली. 1987 में बीटेक करने के बाद सुबोध अग्रवाल 1988 में IIT दिल्ली से ही पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन सिस्टम्स एंड मैनेजमेंट किया. इसी दौरान वे यूपीएसी परीक्षा की तैयारी करने लगे, 1988 में सिविल सेवा परीक्षा पास करके वो आईएएस बन गए और उन्हें राजस्थान कैडर मिला.

सुबोध अग्रवाल ने 1999 में यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान से अर्थशास्त्र में मास्टर्स किया. वहीँ, उन्होंने राजस्थान में करीब 35 साल तक सेवा दी है. अपने कार्यकाल में वे मेडिकल एजुकेशन से लेकर नेशनल फूड विभाग 40 से ज्यादा पदों पर रहे हैं. सुबोध अग्रवाल लोक स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद भी रहे हैं. कई बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के बाद वो 2025 को रिटायर हो गए. अब उनका नाम घोटाला मामले में शामिल है.



Neha Yadav

नेहा यादव रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी से बीएससी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएट करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। पिछले 6 सालों से विभिन्न मीडिया संस्थानों में रिपोर्टिंग करने के बाद NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहीं है।

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