IPS aprna kumar: IPS अपर्णा कुमार: लखनऊ की पहली महिला ज्वाइंट कमिश्नर बनीं 'माउंटेनियर कॉप'
IPS aprna kumar:7 महाद्वीपों की चोटियां फतह करने वाली देश की पहली महिला IPS ने संभाली राजधानी की कमान

IPS aprna kumar: लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को अपनी पहली महिला ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (JCP) मिल गई है। 2002 बैच की तेजतर्रार IPS अधिकारी अपर्णा कुमार को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में ज्वाइंट कमिश्नर (अपराध एवं मुख्यालय) के पद पर तैनात किया गया है। अपनी प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने के लिए मशहूर अपर्णा कुमार की यह नियुक्ति शहर की पुलिसिंग में एक नया अध्याय जोड़ रही है।
कौन हैं अपर्णा कुमार?
मूल रूप से कर्नाटक के शिमोगा की रहने वाली अपर्णा कुमार उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी हैं। उन्होंने बीए (ऑनर्स) और एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद साल 2002 में अपने पहले ही प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में सफलता हासिल की थी। नई जिम्मेदारी संभालने से पहले वे पुलिस महानिरीक्षक (IG) मानवाधिकार के पद पर तैनात थीं।
पर्वतारोहण में रचे कीर्तिमान
अपर्णा कुमार की पहचान केवल एक पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं है; वे एक विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही भी हैं। उनके नाम कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हैं:
सेवन समिट्स चैलेंज: वे सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची पर्वत चोटियों (माउंट एवरेस्ट, किलिमंजारो, एल्ब्रस, एकांकागुआ, विंसन मैसिफ, कारस्टेंज़ पिरामिड और माउंट डेनाली) को फतह करने वाली देश की पहली महिला IPS अधिकारी हैं।
साउथ पोल फतह: 2019 में वे अंटार्कटिका में साउथ पोल (दक्षिणी ध्रुव) तक पहुंचने वाली पहली महिला IPS बनीं। इस दुर्गम यात्रा के दौरान उन्होंने करीब 35 किलो वजन के साथ बर्फ पर 111 मील की दूरी तय की थी।
सम्मान: उनकी इन अदम्य साहसिक उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'तेनजिंग नोरगे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार' (2018) और उत्तर प्रदेश सरकार के 'रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार' (2015) से सम्मानित किया जा चुका है।
नई जिम्मेदारी और प्राथमिकताएं
ज्वाइंट कमिश्नर का पद संभालते हुए अपर्णा कुमार ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता पेशेवर और साक्ष्य-आधारित पुलिसिंग पर होगी। उन्होंने कहा:"मेरा ध्यान निष्पक्ष, पारदर्शी और पेशेवर जांच पर रहेगा। अपराध अनुसंधान में तकनीक, वैज्ञानिक साक्ष्यों और डेटा-संचालित पुलिसिंग का उपयोग मुख्य होगा ताकि अदालतों में मामले मजबूत रहें और जनता का विश्वास बढ़े।
