CG IAS ट्रांसफर: छत्तीसगढ़ में आजकल में होगा अहम प्रशासनिक फेरबदल, नए CPR की नियुक्ति के साथ CM सचिवालय में होगी नई पोस्टिंग
CG IAS Transfers: छत्तीसगढ़ में बहुत जल्द बड़ी प्रशासनिक सर्जरी हो सकती है। इसमें कई प्रशासनिक अफसर प्रभावित होंगे। सबसे महत्पूर्ण है जनसंपर्क आयुक्त और सीएम सचिवालय में नई नियुक्ति। इन दोनों जगहों के लिए इन अधिकारियों के नामों की चर्चा है।

IAS Transfer (Photos: Edit) NPG.News
CG IAS Transfers: रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से प्रशासनिक तबादले प्रतीक्षित है। कलेक्टर लेवल पर और मंत्रालय के सचिव स्तर पर भी। हालांकि, विधानसभा के बजट सत्र के बाद ट्रांसफर होने की चर्चाएं थी। मगर इतनी हड़बड़ी भी नहीं थी। लेकिन जनसंपर्क आयुक्त डॉ0 रवि मित्तल की प्रधानमंत्री कार्यालय में पोस्टिंग ने सरकार को यथाशीघ्र तबादला लिस्ट जारी करने पर विवश कर दिया।
रवि के डेपुटेशन से बदला समीकरण
बता दें, 2016 बैच के आईएएस अधिकारी रवि मित्तल पीएमओ में डिप्टी सिकेट्री बनाए गए हैं। रवि के पास सीएम सचिवालय में ज्वाइंट सिकेट्री का भी दायित्व था। इस लिहाज से उनका पीएमओ जाना सरकार के लिए झटका माना जा रहा है। रवि जनसंपर्क के साथ ही सीएम सचिवालय में स्थापित होने लगे थे, मगर इस बीच आश्चर्यजनक तौर पर उनका डेपुटेशन पर पीएमओ में पोस्टिंग हो गई। हालांकि, सीएमओ से पीएमओ में जाना एक्सपोजर के हिसाब से काफी बढ़ियां हैं। किन्तु सरकार के समक्ष फिर से नया जनसंपर्क आयुक्त और सीएम सचिवालय में ढंग के अफसर को तलाशने मशक्कत करनी पड़़ रही है।
नया सीपीआर कौन?
छत्तीसगढ के नए जनसंपर्क आयुक्त के लिए अवनीश शरण, चंदन कुमार, रजत बंसल, प्रभात मलिक का नाम चर्चा में है। हालांकि, नाम रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह का भी खूब चल रहा था। मगर समझा ये जा रहा कि गौरव अभी एकाध जिले की कलेक्टरी और कर सकते हैं। रायपुर में ही उनका दो साल क्रॉस किया है बाकी छोटे-छोटे जिलों में वे बड़े कम समय के लिए कलेक्टर रहे। रही बात अवनीश शरण की तो उनके पास अभी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड का प्रभार हैं। जनसंपर्क आयुक्त डॉ0 रोहित यादव 2002 बैच के हैं और अवनीश 2009 बैच के। याने दोनों सचिव जरूर हैं मगर बैच में सात साल का अंतर है।
वैसे 2012 बैच के आईएएस अधिकारी रजत बंसल का नाम भी जनसंपर्क आयुक्त के लिए उपर चल रहा है। रजत अगर सीपीआर बनाए गए तो फिर प्रभात मलिक सीएम सचिवालय में रवि मित्तल की जगह ले सकते हैं। 2011 बैच के चंदन कुमार का नाम की अटकलें भी लगाई जा रही है। मगर चंदन कुमार के पास एनआरडीए के साथ ही स्टेट कैपिटल रीजन का प्रभार है। फिर फायनेंस में वे स्पेशल सिकरेट्री हैं। अगर उन्हें सीपीआर बनाया जाएगा तो फिर काफी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करनी पड़ेगी। इसलिए, चंदन कुमार का चांस कम लग रहा।
सचिवों का ट्रांसफर
मंत्रालय में सचिव स्तर पर भी सर्जरी होनी है। कई सचिवों का कार्यकाल दो साल से अधिक हो गया है। इनमें मनोज पिंगुआ, ऋचा शर्मा का तो तीन साल क्रॉस हो गया है। वहीं निहारिका बारिक, शहला निगार, कमलप्रीत सिंह, सिद्धार्थ कोमल परदेशी, शम्मी आबिदी, कैसर हक, भूवनेश यादव जैसे कई अधिकारियों का एक विभाग में दो साल से अधिक हो गया है। इनमें से कई अधिकारी चुनाव कराने विभिन्न राज्यों में गए हैं। अब देखना होगा कि सरकार उनके आने के बाद मंत्रालय में ट्रांसफर करेगी या अभी एक साल लिस्ट निकाल देगी।
एमडी, डायरेक्टर भी चेंज!
छत्तीसगढ़ के कई बोर्ड और निगमों में एमडी और डायरेक्टरों का कार्यकाल दो साल से अधिक हो गया है। कुछ में अध्यक्ष के साथ एमडी की पटरी नहीं बैठ रही। सो, कई अध्यक्षों ने सरकार से एमडी, डायरेक्टर बदलने का आग्रह किया है। अंदेशा है कि लिस्ट निकलेगी तो कुछ बोर्ड और निगमों के एमडी प्रभावित होंगे।
सीईओ और डीएफओ
आईएएस के तबादले होंगे तो कई जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के भी ट्रांसफर किए जाएंगे। कई सीईओ के दो से ढाई साल हो गए हैं। वहीं जिलों के वन मंडलाधिकारियों की लिस्ट भी काफी समय से प्रतीक्षित है। डीएफओ के भी ट्रांसफर होंगे।
