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IAS Subodh Kumar Singh Biography: IAS सुबोध कुमार सिंह का जीवन परिचय, IIT रुड़की से इंजीनियरिंग और फिर IAS, जानें शिक्षक के बेटे से लेकर प्रमुख सचिव तक का सफर

IAS Subodh Kumar Singh Biography: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और 1997 बैच के IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह की बायोग्राफी। IIT रुड़की से IAS बनने तक की पूरी कहानी पढ़ें।

IAS Subodh Kumar Singh Biography: IAS सुबोध कुमार सिंह का जीवन परिचय,  IIT रुड़की से इंजीनियरिंग और फिर IAS, जानें शिक्षक के बेटे से लेकर प्रमुख सचिव तक का सफर
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By Ragib Asim

IAS Subodh Kumar Singh Biography: छत्तीसगढ़ कैडर के 1997 बैच के सीनियर आईएएस (IAS) अफसर सुबोध कुमार सिंह मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव (Principal Secretary) के तौर पर काम कर रहे हैं। आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) से पढ़े इस तेजतर्रार अफसर ने राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक अपनी धाकड़ प्रशासनिक स्किल्स और काम करने के स्मार्ट तरीके से अलग पहचान बनाई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डीजी पद से लेकर इस्पात मंत्रालय तक काम कर चुके सुबोध कुमार सिंह की गिनती सिस्टम को डिजिटल और पारदर्शी बनाने वाले अफसरों में होती है।

टीचर के बेटे से IIT और फिर IAS तक का सफर

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 15 अगस्त 1973 को जन्मे सुबोध कुमार सिंह का फैमिली बैकग्राउंड बहुत ही साधारण रहा है। पिता प्राइमरी स्कूल में टीचर थे इसलिए घर में कोई पॉलिटिकल या प्रशासनिक रसूख नहीं था। इसके बावजूद पढ़ाई पर उनका फोकस एकदम क्लीयर था। सुबोध सिंह ने देश के टॉप संस्थान आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (BE और ME) की पढ़ाई फर्स्ट डिवीजन के साथ पूरी की। इसके बाद उन्होंने इग्नू (IGNOU) से एमबीए (MBA) भी किया। यही टेक्निकल और मैनेजमेंट बैकग्राउंड आगे चलकर ब्यूरोक्रेसी में उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

छत्तीसगढ़ में शुरुआती करियर और जमीन पर काम

साल 1997 में यूपीएससी (UPSC) क्रैक करने के बाद सुबोध कुमार सिंह की पहली पोस्टिंग 1998 में मंडला (अविभाजित मध्य प्रदेश) में असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर हुई। जब छत्तीसगढ़ नया राज्य बना तो सरकार ने उन्हें बस्तर के पहले जिला पंचायत सीईओ (CEO) की जिम्मेदारी सौंपी। साल 2002 में रायगढ़ के कलेक्टर रहते हुए उन्होंने रोजगार गारंटी योजना में इतना शानदार काम किया कि केंद्र सरकार ने उन्हें स्पेशल अवॉर्ड से नवाजा।

स्मार्ट गवर्नेंस: सिटी बस से लेकर ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम तक

रायपुर और बिलासपुर के कलेक्टर रहते हुए सुबोध कुमार सिंह ने ही पहली बार शहरों में सिटी बस सर्विस शुरू कराई थी जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। साल 2009 से 2018 के बीच मुख्यमंत्री सचिवालय में रहते हुए उन्होंने पुराने सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल किया। जनदर्शन और लोक सुराज जैसी योजनाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग शुरू कराई। इसके अलावा बिजली विभाग के पुनर्गठन में अपने इंजीनियरिंग बैकग्राउंड का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने एटीपी (ATP) मशीन और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम लागू किया, जिससे आम जनता को लंबी लाइनों से छुटकारा मिला।

NTA के महानिदेशक और दिल्ली में पावरफुल जिम्मेदारियां

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) के दौरान सुबोध कुमार सिंह ने दिल्ली में कई अहम और बड़े पोर्टफोलियो संभाले। भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) प्रोग्राम को प्रमोट किया। इसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का महानिदेशक (DG) बना दिया जहां उन पर नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसे देश के सबसे बड़े एग्जाम्स कराने की जिम्मेदारी थी। इसके बाद वे इस्पात मंत्रालय में बतौर एडिशनल सेक्रेटरी रहे और अब दिसंबर 2024 से वे दोबारा छत्तीसगढ़ लौटकर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव का अहम रोल निभा रहे हैं।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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