IAS की भारी किल्लत: छत्तीसगढ़ में 38 और MP में 68 पद खाली, देशभर में 1300 अफसरों की कमी! जानिए आपके राज्य में कितने पद हैं खाली?
IAS Vacancy Data 2026 India: देश की शीर्ष प्रशासनिक सेवा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में 1,300 पद रिक्त हैं। राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 12 फरवरी 2026 को राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी थी।

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रायपुर 19 फरवरी 2026। देश की शीर्ष प्रशासनिक सेवा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में 1,300 पद रिक्त हैं। राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 12 फरवरी 2026 को राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी थी। 1 जनवरी 2025 की सिविल लिस्ट के अनुसार 6,877 अधिकृत पदों में 5,577 अधिकारी तैनात हैं। यानी 18.9 प्रतिशत पद खाली हैं।
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में 505 और भारतीय वन सेवा (IFoS) में 1,029 पद रिक्त हैं। तीनों अखिल भारतीय सेवाओं को मिलाकर कुल 2,834 पदों पर अधिकारी तैनात नहीं हैं। यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार हर वर्ष सीमित संख्या में ही नई नियुक्तियां करती है और बड़ी संख्या में अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में तीनों सेवाओं की क्या है हालत?
छत्तीसगढ़
सेवा | अधिकृत पद | तैनात | कमी |
IAS | 202 | 164 | 38 |
IPS | 142 | 135 | 7 |
IFoS | 153 | 116 | 37 |
छत्तीसगढ़ में IAS के 38 पद रिक्त हैं। संख्या सीमित दिख सकती है लेकिन बस्तर और सरगुजा जैसे दुर्गम संभागों की प्रशासनिक जरूरतों को देखें तो यह अंतर बड़ा है। कई जिलों में अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है। वन सेवा में 37 पद खाली हैं। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र है, ऐसे में IFoS की कमी प्रशासनिक और पर्यावरणीय प्रबंधन पर असर डाल सकती है।
मध्य प्रदेश:
सेवा | अधिकृत पद | तैनात | कमी |
IAS | 459 | 391 | 68 |
IPS | 319 | 271 | 48 |
IFoS | 296 | 209 | 87 |
मध्य प्रदेश में IFoS की 87 पदों की कमी सबसे अधिक है। IAS में 68 और IPS में 48 पद रिक्त हैं। कुल मिलाकर तीनों सेवाओं में 203 पद खाली हैं।
देशभर में कहाँ कितनी IAS कमी
संसद में पेश डेटा, IAS कमी के हिसाब से:
कैडर अधिकृत तैनात कमी
- AGMUT 542 406 136
- उत्तर प्रदेश 652 571 81
- महाराष्ट्र 435 359 76
- पश्चिम बंगाल 378 303 75
- केरल 231 157 74
- मध्य प्रदेश 459 391 68
- राजस्थान 332 268 64
- ओडिशा 248 185 63
- गुजरात 313 255 58
- बिहार 359 303 56
- तमिल नाडु 394 343 51
- असम-मेघालय 263 214 49
- झारखंड 224 177 47
- आंध्र प्रदेश 239 195 44
- हरियाणा 215 172 43
- कर्नाटक 314 273 41
- नागालैंड 94 53 41
- छत्तीसगढ़ 202 164 38
- हिमाचल प्रदेश 153 117 36
- मणिपुर 115 80 35
- तेलंगाना 208 174 34
- पंजाब 231 198 33
- त्रिपुरा 102 74 28
- उत्तराखंड 126 109 17
- सिक्किम 48 36 12
- कुल 6,877 5,577 1,300
AGMUT कैडर (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिज़ोरम और केंद्र शासित प्रदेश) में सबसे ज़्यादा 136 पद ख़ाली हैं । उत्तर प्रदेश (81), महाराष्ट्र (76) और इसके बाद पश्चिम बंगाल (75)। सबसे कम कमी सिक्किम (12) और उत्तराखंड (17) में है।
IPS और IFoS में कहाँ सबसे ज़्यादा संकट
IPS में सबसे ज़्यादा कमी ओडिशा (63), मध्य प्रदेश (48), असम-मेघालय (38), पंजाब और तमिल नाडु (34-34) में है। IFoS सबसे बुरी हालत में है 3,193 पदों पर सिर्फ़ 2,164 अफ़सर हैं। उत्तर प्रदेश (103), AGMUT (101), मध्य प्रदेश (87), महाराष्ट्र (67) और ओडिशा (59) में सबसे ज़्यादा IFoS पद ख़ाली हैं।
SC-ST-OBC से कितनी भर्ती हुई
- सेवा OBC SC ST
- IAS 245 135 67
- IPS 255 141 71
- IFoS 231 95 48
पाँच साल में IAS पद पर कुल 447 आरक्षित वर्ग के अफ़सर सीधी भर्ती से आए, इसमें OBC सबसे आगे (245), इसके बाद SC (135) और ST (67) अधिकारी हैं। IPS में भी OBC की भर्ती सबसे ज़्यादा (255) रही।
हर साल सिर्फ़ 180 IAS क्यों चुने जाते हैं?
बासवान समिति की सिफ़ारिश पर यह संख्या तय हुई थी। इसमें सबसे बड़ी अड़चन लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) मसूरी की प्रशिक्षण क्षमता है जिसमे 180 से ज़्यादा प्रशिक्षुओं (Trainee) को एक साथ दो साल का प्रशिक्षण नहीं दिया जा सकता।
कब तक पूरी होगी कमी?
मौजूदा कैलकुलेशन के हिसाब से 1,300 IAS अफसरों की कमी है, प्रति वर्ष 180 नियुक्ति होती ऐसे में सात साल से ज़्यादा लगेंगे। और इस बीच हर साल 300-350 अफ़सर सेवानिवृत्त भी होते हैं। संसद की स्थायी समिति (कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय) ने 112वीं रिपोर्ट में DoPT से सालाना भर्ती बढ़ाने की सिफ़ारिश की है।
चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण कैसे होता है?
UPSC सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार। इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक और न्यूनतम 21 वर्ष आयु ज़रूरी है। मेरिट और वरीयता के आधार पर IAS, IPS, IRS आदि में नियुक्ति होती है।
UPSC CSE 2026 की प्रारंभिक परीक्षा 24 मई और मुख्य परीक्षा 21 अगस्त 2026 से निर्धारित है। आवेदन 4 फरवरी से शुरू हो चुके हैं, अंतिम तिथि 24 फरवरी है।
IAS चयनित अफ़सरों को LBSNAA मसूरी में दो साल प्रशिक्षण मिलता है। शुरुआती तीन महीने IPS उम्मीदवारों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण दिया जाता है, उसके बाद IPS अफ़सर हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी चले जाते हैं। प्रशिक्षण पूरा होने पर आवंटित कैडर में तैनाती होती है।
2026 से क्यों कैडर आवंटन नीति बदल रही है?
DoPT ने नई ज़ोन-आधारित प्रणाली अधिसूचित की है। पहले काफ़ी हद तक रैंक से कैडर तय होता था अब सभी कैडर चार समूहों में बँटे हैं जो हर साल रोटेट करेंगे। छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार और गुजरात के साथ Group 1 में है। मध्य प्रदेश महाराष्ट्र, मणिपुर-त्रिपुरा, नागालैंड और ओडिशा के साथ Group III में है। रोटेशन का मक़सद है कि कोई कैडर हमेशा आवंटन क्रम में ऊपर या नीचे न रहे।
हर कैडर में इनसाइडर-आउटसाइडर का 1:2 अनुपात बना रहेगा यानी एक-तिहाई अफ़सर अपने गृह राज्य से और दो-तिहाई बाहर के राज्यों से होंगे।
FAQ
देश में कुल कितने IAS पद ख़ाली हैं?
12 फरवरी 2026 को संसद में पेश डेटा के अनुसार 6,877 अधिकृत पदों पर 5,577 अफ़सर तैनात है और 1,300 पद ख़ाली है। IPS में 505 और IFoS में 1,029 पद भी रिक्त हैं।
छत्तीसगढ़ में IAS-IPS-IFoS की कितनी कमी है?
IAS में 38, IPS में 7 और IFoS में 37 पद ख़ाली। कुल 82 अखिल भारतीय सेवा के पद रिक्त हैं।
मध्य प्रदेश में कितनी कमी है?
IAS में 68, IPS में 48 और IFoS में 87 पद ख़ाली। कुल 203 पद रिक्त — MP में IFoS की कमी सबसे गंभीर (29% vacancy)।
UPSC हर साल कितने IAS चुनता है?
करीब 180। LBSNAA की प्रशिक्षण क्षमता सीमित होने से यह संख्या नहीं बढ़ती। संसदीय स्थायी समिति ने इसे बढ़ाने की सिफ़ारिश की है।
UPSC CSE 2026 कब है?
प्रीलिम्स: 24 मई 2026। Mains: 21 अगस्त 2026 से। आवेदन 4 फरवरी से शुरू, अंतिम तिथि 24 फरवरी 2026।
2026 से कैडर आवंटन कैसे बदलेगा?
नई ज़ोन-आधारित प्रणाली लागू। चार समूह, हर साल रोटेशन। छत्तीसगढ़ Group I, मध्य प्रदेश Group III। Insider-outsider अनुपात 1:2 रहेगा।
SC-ST-OBC से कितने IAS बने हैं?
CSE 2020-2024 में सीधी भर्ती से IAS में 245 OBC, 135 SC और 67 ST अफ़सर नियुक्त हुए हैं।
