How To Become an IAS Officer: कैसे बनते हैं आईएएस अधिकारी, जाने योग्यता से लेकर ट्रेनिंग के बारे में सब कुछ...
How To Become an IAS Officer: आईएएस अफसर बनने के लिए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (CSE) क्लियर करना होता है. यह परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है. सिविल सेवा परीक्षा तीन चरों में होती है. आइए जानते है...

IAS Officer
How To Become an IAS Officer: भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service) यानी आईएएस ऑफिसर भारतीय नौकरशाही में टॉप पर होता है. मंत्री के बाद सबसे ज्यादा ताकतवर एक आईएएस अधिकारी ही होता है. इस वजह से पढ़ाई करने वाला हर स्टूडेंट पढ़ लिखकर आईएएस अफसर बनना चाहता है. लेकिन यह इतना आसान नहीं है. आईएएस बनने के लिए दी जाने वाली परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है. जिसके लिए बहुत मेहनत और अच्छी स्ट्रेटजी की जरूरत होती है. तो आइए जानते हैं आईएएस ऑफिसर कैसे बनते हैं और इसके लिए किन योग्यता की आवश्यकता होती है.
कौन होता है आईएएस अधिकारी
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस ) के अधिकारी, भारत सरकार के सिविल सेवक होते हैं. यह भारत सरकार की अखिल भारतीय सेवाओं की प्रशासनिक शाखा है. इसे केंद्रीय सिविल सेवा माना जाता है. भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी केंद्र के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों में सेवा करते हैं. जिसमे मुख्य सचिव, कलेक्टर जैसे अहम पद शामिल है. यह अधिकारी विभिन्न विभागों में सेवा देते हैं. इतना ही नहीं केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा पॉलिसियों को बनाने से लेकर लागू करने में भी एक आईएएस अधिकारी का महत्वपूर्ण योगदान होता है.
कैसे बनते हैं आईएएस
आईएएस अफसर बनने के लिए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (CSE) क्लियर करना होता है. यह परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है. सिविल सेवा परीक्षा तीन चरों में होती है. जिसमे प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary examination), सिविल सर्विस (मेन्स) (Civil Services Mains) और आखरी चरण में इंटरव्यू (Interview) होता है. प्रारंभिक परीक्षा मई के आखिर या जून की शुरुआत में आयोजित होती हैं. जिसमे सामान्य अध्ययन के प्रश्न पूछे जाते हैं. इसी तरह यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सितंबर के बीच होती है. सिविल सर्विस मेन्स क्लियर करने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को तीसरे चरण यानी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है.
बता दें, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने के लिए अभ्यर्थियों को तीनों चरण में सफल होना आवश्यक है. वहीँ, यूपीएससी हर साल जनवरी-फरवरी माह में परीक्षा के लिए आवेदन के लिए नोटिफिकेशन जारी करता है. परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन आधिकारिक वेबसाइट https://upsc.gov.in पर जारी किया जाता है.
क्या योग्यता चाहिए
आईएएस बनने के लिए कुछ योग्यता मानदंडों को यूपीएससी आयोग द्वारा निर्धारित किया गया है. जिसमे शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, मेडिकल टेस्ट, शारीरिक मापदंड आदि शामिल है. आईएएस अधिकारी बनने के लिए इन सभी मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है.
आयु सीमा
यूपीएससी सीएसई परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम आयु मानदंड कम से कम 21 वर्ष है.
सामान्य वर्ग के लिए एक उम्मीदवार की अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष है.
ओबीसी वर्ग के लिए भी अधिकतम सीमा 35 वर्ष है, और एससी/एसटी वर्ग के लिए अधिकतम सीमा 37 वर्ष है.
शिक्षा
उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री या इसके समकक्ष डिग्री होनी चाहिए.
नम्बर ऑफ अटेम्प्ट्स
सामान्य वर्ग के लिए, उम्मीदवार 6 अटेम्प्ट्स तक की अनुमति है.
ओबीसी के लिए, उम्मीदवार के पास 9 प्रयासों की सीमा है.
एससी/एसटी उम्मीदवार के लिए 37 वर्ष की आयु तक कोई सीमा नहीं है.
सिविल सेवा परीक्षा के बाद होती है ट्रेनिंग
सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद चयनित उम्मीदवारों को आईएएस ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है. जिसमे सिविल सेवा अधिकारियों को प्रशिक्षित करते हैं. ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों को व्यावसायिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित शासन, व्यवस्था, और प्रशासनिक क्षमता को विकसित करना होता है. आईएएस की ट्रेनिंग दो साल की होती है. उम्मीदवारों को आईएएस ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration, LBSNAA), में भेजा जाता है जो मसूरी, उत्तराखंड में स्थित है. यहाँ नए अफ़सरों को ट्रेनिंग दी जाती है. बता दें, आईएएस ट्रेनिंग के लिए संस्थान विभाग और उनके कार्यक्रमों के आधार पर बदलते रहते हैं.
हर अफसर को पहले एक फाउंडेशन कोर्स करना होता है, जिसकी ड्यूरेशन चार महीने होती है. इस दौरान उन्हें प्रशासनिक सेवा की मूल बातें सिखाई जाती है. उसके बाद अधिकारियों को कानून, लोक प्रशासन, अर्थशास्त्र और भारतीय राजनीति के बारे में भी सिखाया जाता है. इसके साथ ही ट्रेनिंग ट्रीप पर भी भेजा जाता है. जिसमे अधिकारी समाज की कठिनाइयों को बेहतर ढंग से समझ सके. ट्रेनिंग में सांस्कृतिक, ट्रैकिंग और साहसिक खेल, घुड़सवारी, स्वयंसेवा, क्रॉस-कंट्री रन आदि गतिविधियाँ भी शामिल है.
ट्रेनिंग के बाद होती नियुक्ति
मसूरी LBSNAA में आईएएस की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ट्रेनी आईएएस को अलॉट किए गए कैडर के किसी जिले में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है. ट्रेनिंग के बाद वापस संसथान लौटते हैं. फिर प्रैक्टिकल और ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस के आधार पर उनको अलॉट किए गए कैडर में बतौर असिस्टेंट कलेक्टर या एसडीएम के पद पर नियुक्त किया जाता है.