
नईदिल्ली 8 जनवरी 2022। वीरेश कुमार भवरा पंजाब के नया डीजीपी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज चुनाव आचार संहिता लागू होने से कुछ घंटे पहले ही उनके नाम पर मुहर लगाई। सरकार ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता को कैप्टन अमरेंद्र सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान पुलिस फोर्स का प्रमुख नियुक्त किया गया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता को छुट्टी पर जाने को कहा गया और बाद में उनकी जगह पर कार्यकारी डी.जी.पी. के तौर पर आई.पी.एस. सहोता को तैनात कर दिया गया। लेकिन डी.जी.पी. पद को लेकर चली मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के बीच की खींचतान के बाद आखिरकार आई.पी.एस. सहोता को भी हटा दिया गया और दिसम्बर के आखिरी पखवाड़े में सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को कार्यकारी डी.जी.पी. नियुक्त कर दिया गया था।
पंजाब में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने जब अपने पसंदीदा अधिकारी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को कार्यकारी डीजीपी नियुक्त किया तो पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को यह इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने प्रधान पद से अपना इस्तीफा पार्टी हाईकमान को भेज दिया। दरअसल, सिद्धू डीजीपी पद पर सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को नियुक्त कराना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने इस्तीफे जैसा अस्त्र भी इस्तेमाल कर डाला।
आखिरकार सिद्धू के दबाव में ही हाईकमान के इशारे पर चन्नी सरकार ने नए डीजीपी के लिए अफसरों का पैनल यूपीएससी को भेजा और इकबाल प्रीत सिंह सहोता को हटाकर सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को कार्यकारी डीजीपी लगा दिया, क्योंकि चट्टोपाध्याय को पक्के तौर पर डीजीपी लगाना था, इसलिए यूपीएससी को भेजे पैनल में उनका नाम प्रमुखता से रखा गया लेकिन इस पद पर नियुक्ति के तय नियमों ने नवजोत सिद्धू के इरादों पर पानी फेर दिया और यूपीएससी ने चट्टोपाध्याय का नाम डीजीपी पैनल से ही बाहर कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री चन्नी को भी झटका लगा है क्योंकि इकबाल प्रीत सिंह सहोता भी इस पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। राज्य सरकार के पैनल में सहोता का नाम सातवें स्थान पर रखा गया था।
