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CS Posting News: इकबाल सिंह बैस को दूसरी बार मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेट्री पद पर मिला एक्सटेंशन

CS Posting News:  इकबाल सिंह बैस को दूसरी बार मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेट्री पद पर मिला एक्सटेंशन
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By Sandeep Kumar

भोपाल। भोपाल के चीफ सेक्रेटरी इकबाल सिंह बैंस को दूसरी बार एक्सटेंशन मिल गया है। 30 नवंबर 2022 को इकबाल सिंह रिटायर हुए थे। जिसके बाद उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। चुनावी वर्ष को देखते हुए उनका दोबारा एक्सटेंशन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने 8 मई को केंद्र को पत्र लिखा था। जिसके जवाब में 17 मई को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने रिप्लाई देते हुए बताया कि राज्य सरकार का निवेदन मान लिया गया है और इकबाल सिंह बैंस को 6 माह के लिए फिर से सेवा विस्तार दिया गया है। वे 30 नवंबर 2023 तक के मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेट्री बने रहेंगे।

इकबाल सिंह बैंस 1985 बैच के आईएएस अफसर हैं। वह बेहद सख्त मिजाज के अफसर माने जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान के करीबी व विश्वस्त अफसरों में इकबाल सिंह बैंस शुमार होते हैं। 2005 में शिवराज सिंह के मुख्यमंत्री बनने पर वे उनके प्रमुख सचिव थे। 30 नवंबर 2022 को वे रिटायर हो गए थे, जिसके बाद उन्हें सेवा विस्तार देते हुए 31 मई 2023 तक उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था, जो अब खत्म होने वाला है। मुख्य सचिव के पद की दौड़ में 1989 बैच के आईएएस अफसर अनुराग जैन पहले नंबर पर है। वह फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में पोस्टेड हैं। शिवराज सिंह चौहान उन्हें मुख्य सचिव बनाना चाहते थे पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनके द्वारा अहम योजनाओं की जिम्मेदारी संभालने के चलते उन्हें लौटाने से इंकार कर दिया। जिसके बाद मोहम्मद सुलेमान का सीएस बनने के लिए नंबर था पर ऐसी आशंका थी कि उनके नाम में भी कहीं पेंच ना फंस जाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनावी वर्ष होने के चलते कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। मध्यप्रदेश में नवंबर दिसंबर में चुनाव होने हैं इसलिए इकबाल सिंह बैंस को ही सेवा विस्तार देने का फैसला किया गया।

इकबाल सिंह बैंस के एक्सटेंशन के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय पहुंचे थे उनके प्रयासों के बाद दूसरी बार एक्सटेंशन(सीएस-आरएम) रूल्स 1960 के तहत एआईएस (डीसीआरबी) रूल्स 1958 के नियम 16(1) को शिथिल करते हुए दिया गया है। हालांकि उनके सेवा विस्तार से कई अफसरों को हताशा हाथ लगी है। वह अफसर सबसे ज्यादा दुखी हैं जो मुख्य सचिव बनने की कतार में थे। उनके अनुसार ऐसी परिपाटी चला योग्य डिजर्विंग अफसरों को काम करने का मौका नहीं दिया जा रहा है। और वे बिना मुख्य सचिव बने ही रिटायर हो जाएंगे। इकबाल सिंह बैंस का जन्म 13 नवंबर 1965 को पंजाब में हुआ था। इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रथम श्रेणी में ग्रेजुएशन करने के बाद उनका यूपीएससी में सिलेक्शन हुआ और उन्हें मध्यप्रदेश कैडर अलॉट हुआ। इकबाल सिंह 1985 बैच के अफसर है। उनकी पहली पोस्टिंग 1993 में सीहोर में हुई थी। सीहोर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का गृह जिला है। यही कि बुधनी विधानसभा से शिवराज सिंह विधायक भी हैं। वे गुना व भोपाल तथा सीहोर के भी कलेक्टर रहे है। वह चीफ सेक्रेटरी बनने से पहले कृषि, उद्यानिकी, ऊर्जा, विमानन, आबकारी आयुक्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जवाबदारी संभाल चुके हैं। 2005 में जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को अपना प्रमुख सचिव बनाया था।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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