छत्तीसगढ़ का ''बोरे-बासी'' छाया सोशल मीडिया पर...अबूझमाड़ में तैनात जवानों ने कहा : धन्यवाद सीएम सर, आपने बचपन और घर की याद दिला दी

ट्विटर पर #borebaasi नंबर-1 पर कर रहा है ट्रेंड
रायपुर, 01 मई 2022/ सोशल मीडिया ट्विटर पर छत्तीसगढ़ का #borebaasi नंबर-1 पर ट्रेंड कर रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ियों से मजदूर दिवस पर बोरे-बासी खाकर अपनी छत्तीसगढ़िया संस्कृति और श्रमिकों को सम्मान देने की अपील पर देश-विदेश में बसे छत्तीसगढ़वासियों द्वारा बोरे-बासी खाकर अपनी फोटो-वीडियो रोचक कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर हैश टैग #borebaasi के साथ शेयर की जा रही है।
बोरे-बासी छत्तीसगढ़ का पारंपरिक भोजन है, पोषक तत्वों से भरपूर इस व्यंजन का छत्तीसगढ़ में किसान, मजदूर, अमीर-गरीब सहित सभी लोग, हमेशा से सभी बड़े चाव से खाते हैं। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपील पर कोने-कोने में बसे छत्तीसगढ़वासियों ने बोरे-बासी खाकर अपनी गौरवशाली परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए एकजुटता का प्रदर्शन किया है।
बोरे-बासी छत्तीसगढ़ का ऐसा भोजन है जो बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर रात भर रख कर बनाया जाता है। फिर सुबह उसमें हल्का नमक डालकर, भाजी, टमाटर की चटनी, अचार, कच्चे प्याज और बिजौरी के साथ खाया जाता है। छत्तीसगढ़ के लोग प्रायः सुबह बासी का ही नाश्ता करते हैं। बोरे बासी खाने से न सिर्फ गर्मी और लू से राहत मिलती है, बल्कि बीपी कंट्रोल रहता है डि-हाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है।
वहीँ नारायणपुर में तैनात जिला पुलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल और डीआरजी के जवानों ने बोरे बासी खाया। उल्लेखनीय है कि माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ शासन के आह्वान पर मजदूर दिवस के अवसर पर जवानों ने भी बोरे बासी खाया। बोरे बासी खाकर जवान आत्मविभोर हो गए और बोले धन्यवाद सीएम सर, आपने बचपन और घर की याद दिला दी। अब हम प्रयास करेंगे कि गर्मियों में अक्सर बोरे बासी खाएँ। डीआरजी टीम प्रभारी मुकेश्वर ध्रुव ने कहा कि गर्मी के दिनों में अगर किसी दिन रात चाँवल बच जाएगी तो वे जवानों के साथ सुबह बोरे बासी जरूर खाएँगे। जिला पुलिस बल, नारायणपुर के कुछ जवानों में अपने सोशल मीडिया अकॉउंट में बोरे बासी का फोटो भी शेयर किया है।
