CG Good Governance: 9 दिसंबर को मुख्य सचिव लेने जा रहे सचिवों और विभागाध्यक्षों की बड़ी बैठक, बताने होंगे अपने काम, अफसरों में खलबली

CG Good Governance: 9 दिसंबर को मुख्य सचिव लेने जा रहे सचिवों और विभागाध्यक्षों की बड़ी बैठक, बताने होंगे अपने काम, अफसरों में खलबली
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CG Good Governance: मुख्यसचिव विकास शील बैठकों का अब फॉलोअप भी लेने लगे हैं। 9 दिसंबर को वे दिन भर की एक बड़ी बैठक लेने जा रहे हैं, जिसमें सचिवों को बताना होगा, उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन और बजट के पैसों का कितना खर्च किया और नहीं किया तो क्यों नहीं किया। वित्त सचिव मुकेश कुमार बंसल ने एजेंडा के साथ इस संदर्भ में सभी सचिवों के लिए लेटर जारी कर दिया है।

CG Good Governance: रायपुर। मंत्रालय के गेट पर बायोमेट्रिक डिवाइस लगा अफसरों के आने-जाने की टाईमिंग ठीक कराने के बाद अब अफसरों के परफर्मेंस को लेकर सिस्टम गंभीर हो गया है। पता चला है, सचिवों को अब काम करने का टारगेट दिया जाएगा और उसका लगातार फॉलोअप लिया जाएगा।

13 नवंबर को मुख्य सचिव विकास शील ने मंत्रालय में सचिवों की बैठक ली थी, उसमें उन्होंने पूंजीगत व्यय की समीक्षा की थी। पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायत योजना का रिव्यू करते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को टाईम लिमिट में आवश्यक कार्यवाही करने कहा था।

वित्त सचिव मुकेश कुमार बंसल के पत्र में स्पष्ट तौर पर इस बात का उल्लेख है कि मुख्य सचिव ने 13 नवंबर की बैठक में जो निर्देश दिए थे, उसका कितना पालन हुआ, उसकी अद्यतन स्थिति की समीक्षा के लिए 9 जनवरी की बैठक बुलाई गई है।

बैठक मंत्रालय के पांचवे फ्लोर पर नवनिर्मित ऑडिटोरियम में सुबह 10 बजे से प्रारंभ हो जाएगी। वित्त सचिव ने लिखा है, एजेंडा में दिए गए बिंदुओं के अनुसार जानकारी एकत्र कर बैठक में आएं। साथ ही विभागाध्यक्षों याने डायरेक्टर, एमडी को भी लाने का अनुरोध है। याने उन्हें भी साथ लेकर आना होगा। ऐसा इसलिए किया गया है कि सचिव अपने किसी बात या जानकारी को लेकर अपने एचओडी पर न टाल दें। डायरेक्टर, कमिश्नर, और एमडी मीटिंग में मौजूद रहेंगे तो फिर मौके पर ही सब्जेक्ट क्लियर हो जाएगा।

बजट खर्च को लेकर सचिव गंभीर नहीं

बता दें, कई विभागों के सचिव बजट तो मांग लेते हैं, मगर उसे खर्च नहीं करते। यहां तक कि पैसे होने के बाद भी ठेकेदारों, सप्लायरों को भुगतान नहीं हो पाता। पिछले साल वित्त सचिव मुकेश कुमार बंसल ने कई सचिवों को पत्र लिख आगाह किया था कि टाईम से बजट के पैसे खर्च करें। उन्होंने यह भी लिखा था कि ठेकेदारों और सप्लायरों का भुगतान रोके जाने से करप्शन बढ़ता है। इसलिए पेमेंट लटकाया न जाए। इसके बाद भी अधिकांश विभागों के सचिवों ने इसे अनसूना कर दिया। मगर अब मुख्य सचिव विकास शील ने मोर्चा संभाल लिया है तो सचिवों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

ये है वित्त सचिव का पत्र और मीटिंग का एजेंडा






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