CG Balrampur News: कलेक्टर ने रिश्वतखोर राप्रसे अधिकारी को SDM कैसे बना दिया? रॉड, लाठी से आदिवासी की हत्या, 20 हजार घूस लेते हुए थे गिरफ्तार
CG Balrampur News: बलरामपुर के कुसमी में एसडीएम ने अपने प्रायवेट गुर्गो के साथ मिलकर आदिवासी की रॉड और डंडे से इतनी पिटाई कर दी कि एक आदिवासी की मौत हो गई। एसडीएम करूण डहरिया गरियाबंद जिले में पोस्टिंग के दौरान कांग्रेसी सरकार में कांग्रेसी ठेकेदार से 20 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार हुए थे। ऐसे में, सवाल उठता है कि रिश्वत कांड में जेल गए अफसर को बलरामपुर कलेक्टर ने कुसमी जैसे संवेदनशील इलाके का एसडीएम कैसे बना दिया। कुसमी घोर नक्सल इलाका रहा है।

(Deputy Collector Karun Dahariya) करुण डहरिया 2019 बैच राप्रसे अधिकारी हैं।
CG Balrampur News: बलरामपुर। कुसमी एसडीएम करूण डहरिया शुरू से ही विवादित रहे हैं। डहरिया 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। चांपा-जांजगीर जिले में पोस्टिंग के दौरान छात्रों के साथ उनका गंभीर विवाद हो गया था। छात्रों ने उन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था। इसके बाद सरकार ने उन्हें हटाकर गरियाबंद जनपद पंचायत का सीईओ बनाया था।
रिश्वत लेते गिरफ्तार
गरियाबंद के जनपद पंचायत सीईओ रहने के दौरान नलकूप बोरवेल खनन के लिए तीन लाख रुपए का बिल पास करने उन्होंने 40 हजार रुपए मांगा था। पहली किश्त के तौर पर 20 हजार रुपए लेते वे रंगे हाथ पकड़े गए थे। इस केस में एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। नवंबर 2022 का यह वाकया है। उस दौरान कांग्रेस की सरकार थी। और ठेकेदार भी सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा था। इसके बाद भी सीईओ ने बिना रिश्वत लिए बिल पास करने से इंकार कर दिया था।
कलेक्टर के प्रिय एसडीएम
कलेक्टर आमतौर पर एसडीएम बनाने से पहले अफसर की पूरी कुंडली देखते हैं मगर चार साल पहले रिश्वत कांड में धरे गए राप्रसे अधिकारी करूण डहरिया को कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने एसडीएम कैसे बना दिया, यह बड़ा सवाल है। सूत्रों से पता चला है कि एसडीएम कलेक्टर के करीबी अधिकारी हैं, इसलिए उन्हें एसडीएम बनने का मौका मिल गया।
उधर, बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक के हंसपुर में बाक्साइट खनन इलाके में एक बड़ी वारदात हो गई। कुसमी के एसडीएम करूण डहरिया की स्थानीय लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथ गए प्रायवेट लोग रॉड से ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इसमें एक आदिवासी की मौत हो गई। एसडीएम और उनके गुर्गों के हमले में घायला लोगों ने बताया कि वे गेंहू के खेत में पानी की सिंचाई कर लौट रहे थे। मामला कुसमी थाना क्षेत्र का है।
सवाल उठता है कि एसडीएम अगर अवैध माईनिंग की जांच करने गए थे तो वे सरकारी गाड़ी में क्यों नहीं गए? थार गाड़ी किसकी थी? उन्हें प्रायवेट गाड़ी में जाने की क्या जरूरत थी? राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी की बजाए उनके साथ प्रायवेट लोग क्यों गए थे? सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने फोन कर नायब तहलीदार को बुलाया ताकि बताया जा सके कि उनके साथ पूरा राजस्व अमला था।
अब तक जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक, कुसमी एसडीएम करूण डहरिया प्रायवेट गुर्गो के साथ थार गाड़ी से देर शाम हंसपुर पहुंचे। रात में हंसपुर के तीन ग्रामीण सरना के पास टीम को मिले। आरोप है कि एसडीएम और उनके गुर्गो ने आदिवासियों की रॉड से पिटाई कर दी।
हॉस्पिटल में एक की मौत, दो अन्य घायल
मारपीट में एक ग्रामीण के बेहोश हो जाने पर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी पहुंचाया गया। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक ग्रामीण राम नरेश राम (60 वर्ष) की मौत हो गई। दो अन्य ग्रामीण अजीत उरांव (60 वर्ष) एवं आकाश अगरिया (20 वर्ष) घायल हैं। घायल आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेंहू में पानी सिंचपई करने गए थे। रात करीब 8 बजे लौट रहे थे। वहां एसडीएम की गाड़ी एवं एक अन्य वाहन में सवार करीब 6 से 7 लोगों ने सरना के पास उन्हें रोका एवं पूछा कि कहां से आ रहे हो। इसके बाद रॉड, डंडे एवं लात से उनकी बेदम पिटाई कर दी। उन्हें गाड़ी में बैठाकर कुसमी लाया जा रहा था। रास्ते में राम नरेश राम बेहोश हो गया तो तीनों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया।
मारपीट में एक ग्रामीण की मौत एवं दो अन्य के घायल होने के बाद हंगामें की आशंका को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं कुसमी थाने में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। कुसमी में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। जांच के लिए बलरामपुर एडिशनल एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी कुसमी पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार कुसमी एसडीएम एवं नायब तहसीलदार सहित मारपीट में शामिल युवकों को राजपुर थाने में बैठाकर रखा गया है।
