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BSF DG से रिटायर्ड होने वाले IPS पंकज सिंह बनें डिप्टी NSA, दे चुके हैं छतीसगढ़ में सेवाएं

BSF DG से रिटायर्ड होने वाले IPS पंकज सिंह बनें डिप्टी NSA, दे चुके हैं छतीसगढ़ में सेवाएं
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एनपीजी डेस्क। बीएसएफ में महानिदेशक के पद से रिटायर हुए आईपीएस पंकज सिंह को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( एनएसए) के पद पर नियुक्त किया गया है। पंकज कुमार सिंह राजस्थान कैडर के 1988 बैच के अफसर हैं। वे हाल ही में बीएसएफ़ डीजी के पद से 31 दिसंबर 2022 को रिटायर हुए हैं। पंकज कुमार सिंह छतीसगढ़ में सीआरपीएफ आईजी के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं। उनका कार्यकाल डिप्टी एनएसए के रूप में दो साल का होगा। इस दौरान वह अजीत डोभाल के साथ काम करेंगे। वे विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक प्राप्त कर चुके हैं।

पंकज कुमार सिंह मूलतः उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। उनका जन्म भी यूपी की राजधानी लखनऊ में 19 दिसंबर 1962 को हुआ था। फिजिक्स में बीएससी ऑनर्स से स्नातक कर उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री ली है। जिसके बाद प्राइवेट सेक्टर में जाने के बजाय उन्होंने यूपीएससी फाइट कर आईपीएस की सर्विस को चुना। पंकज सिंह ने एलएलबी और एमफिल की डिग्री भी ली हुई है। उनके पिता प्रकाश सिंह भी 1959 बैच के आईपीएस अफसर रह चुके हैं। खास बात यह है कि पंकज सिंह जिस बीएसएफ के डीजी के पद से दिसंबर 22 में रिटायर हुए हैं। उसी बीएसएफ का नेतृत्व उनके करते हुए उनके पिता प्रकाश सिंह भी डीजी के पद से रिटायर हुए हैं। उन्होंने जून 1993 से जनवरी 1994 तक बीएसएफ का नेतृत्व किया था। पंकज सिंह के पिता प्रकाश सिंह को देश मे पुलिस सुधारों का जनक माना जाता है। 1996 में उन्होंने पुलिस प्रतिष्ठान में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद सरकार ने आईबी, सीबीआई, विदेश सचिव, रॉ प्रमुख और केंद्रीय गृह सचिव के पदों पर दो साल का निश्चित कार्यकाल देना शुरू किया था।

1988 बैच के आईपीएस पंकज कुमार सिंह ने राजस्थान में सेवाएं देने के साथ ही दिल्ली में सीआरपीएफ मुख्यालय में आईजी संचालन के रूप में कार्य किया था। इसके बाद वे छतीसगढ़ सीआरपीएफ के आईजी भी रहें। वे राजस्थान के एडीजी क्राइम भी रह चुके हैं। बीएसएफ के महानिदेशक बनने से पहले उन्होंने बीएसएफ़ में पूर्वी सीमांत के प्रमुख के रूप में कार्यकाल सम्हाल कर पश्चिम बंगाल व असम की सीमाओं में पशु तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक आंकड़ों के अनुसार 2015 से 21 के बीच उनके कार्यकाल के दौरान भारत- बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी में 87 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने 31 अगस्त 2021 को बीएसएफ डीजी के पद पर कमान सम्हाली और 31 दिसंबर 2022 को इस पद से रिटायर हुए। राजस्थान के जैसलमेर में 2021 में बीएसएफ का स्थापना दिवस मनाने के उनके विचार ने सरकार को इतना प्रभवित किया कि सरकार ने अब सभी अर्धसैनिक बलों और यहां तक कि सेना को भी दिल्ली से बाहर अपना स्थापना दिवस मनाने के निर्देश दे दिये।

पंकज सिंह के समय ही बीएसएफ की महिला सैनिकों को गणतंत्र दिवस परेड में मोटरसाइकिल की सवारी की कलाबाजी दिखाने की छूट व प्रोत्साहन मिली थी। जिसके बाद महिला मोटरसाइकिल सवारों ने देशव्यापी दौरा भी किया था। पंकज सिंह जब बीएसएफ में डीजी बने थे तो उन्हें बीएसएफ़ क्षेत्राधिकारी में विवादास्पद संसोधन पर बातचीत करनी पड़ी थी। बीएसएफ क्षेत्राधिकार को सीमा से 50 किलोमीटर तक बढा दिया गया क्योंकि कई राज्यों ने इसका विरोध किया था। वे नियुक्ति तिथि से दो वर्षों तक डिप्टी एनएसए के रूप में कार्य करेंगे।

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