Begin typing your search above and press return to search.

Saumya Chourasiya: सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत: जानिये.. किस आधार पर मंजूर हुई बेल

Saumya Chourasiya:

Saumya Chourasiya: सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत: जानिये.. किस आधार पर मंजूर हुई बेल
X
By Radhakishan Sharma

Saumya Chourasiya: रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को कोल लेवी वसूली मामले में जमानत मिल गई है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने अंतरिम जमानत दी है। बता दें इससे पहले आईएएस रानू साहू को भी सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत फिर रेगुलर जमानत दी थी। जमानत मिलने के बाद भी ईओडब्ल्यू द्वारा आय से अधिक संपत्ति और कोल लेवी मामले में दर्ज अपराध में सौम्या जेल में ही रहेंगी।

कोल परिवहन मामले में पीट पास के लिए ऑनलाइन आवेदन की जगह ऑफलाइन आवेदन कर कोल परिवहनकर्ताओ से वसूली की जाती थी। प्रतिटन 25 रुपए वसूले जाते थे। जो व्यापारी पैसे नहीं देता था उसे पीट पास जारी नहीं किए जाते थे। इस पूरे मामले का किंगपीन सूर्यकांत तिवारी था। उसे यह असीमित शक्ति सौम्या चौरसिया से मिलती थी। सौम्या चौरसिया के संरक्षण में कुल 540 करोड रुपए की वसूली की गई थी। इस मामले में ईडी ने सौम्या चौरसिया के अलावा आईएएस समीर बिश्नोई,रानू साहू के अलावा सुनील अग्रवाल, हेमंत जायसवाल एवं अन्य को भी गिरफ्तार किया था। मामले में दिसंबर 22 से सौम्या चौरसिया जेल में है।

सेशन कोर्ट और हाई कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। बता दे इसी मामले में रानू साहू को पूर्व से जमानत मिल चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में सौम्या चौरसिया की याचिका पर जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस भुईयां और जस्टिस दीपंकर दत्ता की बेंच में सुनवाई हुई। बस के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री मनीष सिसोदिया को दिए गए जमानत आदेश को आधार बनाया गया था। जमानत के लिए बहस के दौरान बताया गया कि दिसंबर 2022 से सौम्या जेल में है। पर अब तक ट्रायल भी शुरू नहीं हो सका है,और ना ही जल्द शुरू होने की संभावना है। जेल में ईडी के द्वारा सौम्या से पूछताछ भी नहीं की गई थी, न ही इसकी कोई जरूरत भी महसूस होती है।

सौम्या के अधिवक्ताओं ने बताया कि इसी मामले में रानू साहू को भी जमानत मिल चुकी है। ईडी की ओर से जमानत का विरोध करते हुए सौम्या की भूमिका को अन्य आरोपियों से अलग बताया गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से विस्तृत रिपोर्ट शपथ पत्र के माध्यम से मांगी है और पूछा है कि सौम्या चौरसिया का मामला अन्य आरोपियों से किस तरह अलग है। तब तक के लिए सौम्या चौरसिया को अंतिम जमानत दे दी गई।

हालांकि जमानत मिलने के बाद भी ईओडब्ल्यू द्वारा आय से अधिक संपत्ति और कोल लेवी मामले में जमानत नहीं मिलने के चलते जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी। उक्त मामले में रानू साहू को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, पर ईओडब्ल्यू में दर्ज अपराध के चलते वे अभी भी बाहर नहीं आ पाई है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

Read MoreRead Less

Next Story