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क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन, कैंसर से हार गए जिंदगी की जंग...

Rinku Singh Father Death : भारतीय क्रिकेट के फिनिशर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह जिंदगी की जंग हार गए. अलीगढ़ की गलियों में गैस सिलेंडर ढोकर अपने बेटे को टीम इंडिया तक पहुँचाने वाले इस कर्मयोगी पिता ने ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में अंतिम सांस ली. लिवर कैंसर के चौथे स्टेज से जूझ रहे खानचंद पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे.

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क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन, कैंसर से हार गए जिंदगी की जंग...

By Uma Verma

Rinku Singh Father Death : नोएडा : भारतीय क्रिकेट के उभरते खिलाड़ी रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे. आज शुक्रवार सुबह ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली. वह पिछले काफी समय से लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.

कैंसर के चौथे स्टेज पर थे खानचंद

रिंकू सिंह के पिता का लिवर कैंसर स्टेज-4 पर था. बीमारी की गंभीरता को देखते हुए उन्हें कुछ समय पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक, उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी. यथार्थ अस्पताल के विशेषज्ञों की एक पूरी टीम उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन शुक्रवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया.

पिता के लिए मैच छोड़कर भागे आए थे रिंकू

रिंकू सिंह के लिए यह समय मानसिक रूप से बहुत कठिन रहा है. वह टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए टीम इंडिया के साथ चेन्नई में थे. 24 फरवरी को जब पूरी टीम एमए चिदंबरम स्टेडियम में अभ्यास कर रही थी, तब रिंकू वहा नजर नहीं आए. जैसे ही उन्हें पिता की हालत बिगड़ने की खबर मिली, वह तुरंत सब कुछ छोड़कर नोएडा पहुंचे थे. हालांकि, कोच और टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि वह जल्द वापस लौटेंगे, लेकिन पिता के जाने के बाद अब उनके वर्ल्ड कप के अगले मैचों में खेलने पर संशय बना हुआ है.

संघर्षों की मिसाल थे खानचंद सिंह

रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह ने अपनी सादगी कभी नहीं छोड़ी. अलीगढ़ के रहने वाले खानचंद सिंह ने सालों तक घर-घर जाकर गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम किया. रिंकू की कामयाबी के बाद भी उन्होंने इस काम को बंद नहीं किया था. वह अक्सर कहते थे कि इसी मेहनत ने उनके बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाया है. रिंकू की हर सफलता के पीछे उनके पिता का वह कड़ा संघर्ष था, जिसने उन्हें जमीन से जुड़े रहना सिखाया.

अलीगढ़ में शोक की लहर

पिता के निधन की खबर मिलते ही रिंकू सिंह के पैतृक आवास अलीगढ़ में मातम पसर गया है. रिश्तेदारों और पड़ोसियों का कहना है कि खानचंद एक बेहद नेक इंसान थे. फिलहाल रिंकू सिंह अस्पताल की औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं और जल्द ही पिता के पार्थिव शरीर को लेकर अलीगढ़ रवाना होंगे, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. भारतीय क्रिकेट जगत और रिंकू के फैंस सोशल मीडिया के जरिए उन्हें सांत्वना दे रहे हैं.


कौन हैं रिंकू सिंह भारतीय टीम में भूमिका

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से आने वाले रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अभावों से निकलकर अपनी पहचान बनाई है. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को आज दुनिया के बेहतरीन फिनिशर के रूप में जाना जाता है. मैदान पर उनकी भूमिका मैच की आखिरी गेंदों पर आकर बड़े शॉट खेलने और टीम को जीत दिलाने की होती है. रिंकू अपनी गजब की ताकत और शांत दिमाग के लिए मशहूर हैं, जो दबाव के समय भी छक्कों की बरसात करने का दम रखते हैं.

भारतीय टीम में रिंकू सिंह मिडल ऑर्डर की मजबूत कड़ी हैं. वह न केवल एक आक्रामक बल्लेबाज हैं, बल्कि मैदान पर एक फुर्तीले फील्डर भी हैं, आईपीएल में एक ओवर में लगातार पांच छक्के मारकर रातों-रात चर्चा में आए रिंकू ने बहुत ही कम समय में टीम इंडिया के भरोसेमंद खिलाड़ी का दर्जा हासिल कर लिया है.

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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