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भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए मिशन मोड पर काम करें कलेक्टर, CM बोले- जिले से पंचायत स्तर पर बनाएं टीम, रेवेन्यू मामलों की मुख्य सचिव करें समीक्षा

भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए मिशन मोड पर काम करें कलेक्टर, CM बोले- जिले से पंचायत स्तर पर बनाएं टीम, रेवेन्यू मामलों की मुख्य सचिव करें समीक्षा
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रायपुर, 21 अक्टूबर 2021। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मज़दूर न्याय योजना छत्तीसगढ़ शासन की विशिष्ट परियोजना है। यह देश में अपने तरह की पहली योजना है। इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था तेज होगी। इस योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों, इसके लिए ग्राम स्तर पर वृहद् प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। कलेक्टर इसके लिए ज़िला स्तर से पंचायत वार टीम बना कर मिशन मोड़ पर काम करें। रोका छेका अभियान एक जन आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें रोका छेका अभियान केवल धान कटाई तक सीमित न रहे, उतेरा के चक्र पूर्ण होते तक यह सतत रूप से चलता रहे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत अन्य फसलों को शामिल किए जाने के शासन के निर्णय के आलोक में इसके प्रचार-प्रसार और किसानों को इस हेतु प्रोत्साहित करने हेतु कलेक्टर कृषि विभाग के समन्वय से व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें।

समय-सीमा पर करें राजस्व प्रकरणों का निराकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर स्थिति में राजस्व प्रकरणों का सिटीजन चार्टर में निर्धारित समय सीमा में निराकरण होना ही चाहिए। यह राजस्व अधिकारियों का मूल कार्य है। अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन जैसे सरल कार्य तत्काल किए जाएँ। सभी प्रकरणों का पंजीयन अनिवार्य रूप से हो। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय करें। जाति प्रमाण पत्र के कार्यों को पूर्ण करने के लिए विशेष अभियान चला कर कैम्प लगाए जाएं। इस कार्य को समय सीमा में पूर्ण करने हेतु राजस्व विभाग एवं ज़िला प्रशासन तत्काल कार्यवाही करें। आबादी भूमि के फ़्री होल्ड हेतु कलेक्टर विशेष ध्यान दें। यह शासन का महत्वपूर्ण निर्णय है। इसका क्रियान्वयन बेहतर ढंग से हो। राजस्व प्रशासन से संबंधित शासन स्तर पर लंबित विषयों की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर की जाए। समय सीमा का निर्धारण प्रत्येक स्तर पर निर्धारित किया जाए।

प्रशासन का इकबाल होना चाहिए, ज़िले का आसूचना तंत्र विकसित करें


मुख्यमंत्री कहा कि प्रशासन का इकबाल होना चाहिए। विरोध प्रदर्शन से परहेज़ नहीं है, लेकिन योजनाबद्ध रूप से माहौल बिगाड़ने की साज़िश को सफल नहीं होने दिया जाना है। ज़िले का आसूचना तंत्र विकसित करें। प्रशासन की सजगता से ही क़ानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सकती है। संचार क्रांति के दौर में एक स्थान की घटना का असर प्रदेश और देश व्यापी होता है, इसलिए ज़िम्मेदारी बहुत अधिक है। छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, क़ानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर उचित पर्यवेक्षण ज़रूरी है। सूचना ही शक्ति है, ज़िला प्रशासन का सूचना तंत्र सुदृढ़ किया जाना ज़रूरी है। ग़लत तथ्यों का खंडन करें, अफ़वाह न फैलने दें। हर हाल में सौहार्द्र का वातावरण बना रहना चाहिए। सांप्रदायिक सद्भाव छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान है, किसी भी व्यक्ति या संस्था को इसे बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा।

कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी कलेक्टरों की, तल TL बैठक के पहले एसपी के साथ करें समीक्षा


इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट यानी कलेक्टरों की है। उन्होंने कहा कि कलेक्टरों को टीम लीडर के रूप में काम करना है। सोशल मीडिया के माध्यम से क़ानून व्यवस्था की निरंतर निगरानी और उसमें फैल रही अफ़वाह और दुष्प्रचार का कठोरता से खंडन ज़रूरी है। साप्ताहिक TL (टाइम लिमिट) बैठक के पूर्व पुलिस अधीक्षक, कार्यपालिक दंडाधिकारियों के साथ क़ानून-व्यवस्था की समीक्षा ज़िला दंडाधिकारी करें। इस बैठक में पिछले सप्ताह की स्थिति की समीक्षा की जाए और आने वाले सप्ताह में क़ानून-व्यवस्था की स्थितियों का पूर्व-अनुमान लगाएँ और रणनीतिक योजनाएँ बनाएँ। शासन प्रशासन की पैठ स्थापित होनी चाहिए।

बेसिक एडमिनिस्ट्रेशन पर दें ध्यान, आंकड़े नहीं लोगों को योजनाओं के सीधे लाभ से परफॉर्मेंस का आंकलन


मुख्यमंत्री ने ग्रास रूट पर बेसिक एडमिनिस्ट्रेशन पर ज्यादा ध्यान देने पर जोर दिया है। साथ ही, कलेक्टरों से दो टूक कहा कि मंत्रालय से लिए गए निर्णय को धरातल पर पहुंचाने का बीड़ा जिला प्रशासन पर है। इसकी समीक्षा आंकड़ों से नहीं, छत्तीसगढ़ के नागरिकों को इन योजनाओं से पहुंचे प्रत्यक्ष लाभ से कलेक्टरों के परफॉर्मेंस का आंकलन किया जाएगा। राजस्व प्रशासन के कार्य सीधे तौर पर किसानों, नागरिकों से जुड़े हुए हैं। ज़िला प्रशासन इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन के मध्य परस्पर संवाद आवश्यक है, इसीलिए आज हम सब यहां एक परिवार की भांति उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना मैनेजमेंट पर कलेक्टरों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी में प्रशासन ने बहुत बेहतर ढंग से कार्य किया है। आज छतीसगढ़ की अभिनव परियोजनाओं के कारण छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा देश में हो रही है।

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