Begin typing your search above and press return to search.

ब्रेकिंग : वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को लिखा पत्र……कोरोना वैक्सीन अभियान के लिए तैयारी शुरू करने के निर्देश….ये भी पत्र में कहा है…

ब्रेकिंग : वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को लिखा पत्र……कोरोना वैक्सीन अभियान के लिए तैयारी शुरू करने के निर्देश….ये भी पत्र में कहा है…
X
By NPG News

नयी दिल्ली 1 दिसंबर 2020। कोरोना वायरस महामारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने वैक्सीन को लेकर तैयारी तेज कर दी हैं. इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान करने के लिए कहा है जो वैक्सीन उपलब्ध होने पर टीकाकरण अभियान का हिस्सा होंगे.

केंद्र सरकार की तरफ से लिखे गए खत में राज्य से कहा गया है कि वो स्वास्थ्यकर्मियों को चिन्हित करना शुरू कर दें. इनमें डॉक्टर्स, फार्मसिस्ट, एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न, स्टाफ नर्स, मिडवाइफ और अन्य हेल्थ वर्कर्स को चिन्हित करने के लिए कहा है जो वैक्सीन वितरण में अहम भूमिका निभाएंगे. पत्र में कहा गया है कि इन लोगों को क्लिनिकल क्षेत्र का अनुभव है और इंजेक्शन लगाने में भी ऐसे स्वास्थ्यकर्मी दक्ष है. ऐसे में इन लोगों को कोरोना वैक्सीन आने पर लोगों को वैक्सीन लगाने में इनकी मदद ली जाएगी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी वंदना गुरनानी ने 23 नवंबर को लिखे पत्र में इस बात का भी जिक्र किया था कि वैक्सीन आने पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहे रिटायर्ड लोगों की भी मदद ली जा सकती है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियोंं के मुताबिक वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद यह लोगों के बीच विशेष कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत वितरित की जाएगी. यह Universal Immunisation Programme (UIP) के समानांतर होगा. पत्र में यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी कड़ी में कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का डेटा भी एकत्रित किया जा रहा है. इसे कोविड-19 वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क पर अपलोड किया जाएगा.

पत्र में लिखा गया है कि “आपसे विनम्र अनुरोध है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कि वे COVIN सॉफ्टवेयर पर अपलोड के लिए बनाए जा रहे स्वास्थ्यकर्मियों के डेटाबेस में संभावित वैक्सीनेटरों की पहचान सुनिश्चित करें. COVID-19 टीकाकरण के लिए उपयोग करने से पहले संभावित वैक्सीनेटरों को उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा.

सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों, एमबीबीएस छात्रों, नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं सहित लगभग एक करोड़ फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स की पहचान की गई है जिन्हें वैक्सीन उपलब्ध होने पर दी जाएगी.

Next Story