ब्रेकिंग : लोकसभा अध्यक्ष की बेटी बनी IAS …… ओम बिरला की बेटी अंजलि पहले प्रयास में ही हुई सेलेक्ट… 10-12 घंटे की मेहनत कर पाया मुकाम… पढ़िये राजनेता की बेटी कैसे बनी IAS

नयी दिल्ली 5 जनवरी 2021। UPSC ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा IAS और भारतीय वन सेवा IFS भर्ती 2019 के लिए अंतिम वर्ष के उम्मीदवारों की UPSC  रिजर्व लिस्ट जारी कर दी है। 4 जनवरी 2021 को यूपीएससी द्वारा जारी की गई सूची में कुल 89 उम्मीदवार शामिल हैं। जिसमें एक नाम लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की छोटी बेटी अंजलि बिरला का भी है। अंजलि का रोल नंबर 0851876 है और सूची में उनका 67वां नंबर है। ओम बिरला की दो बेटियां हैं, बड़ी बेटी आकांक्षा CA है और अब छोटी बेटी अंजलि का सिविल सर्विसेज में सिलेक्शन हुआ है। यह उनका पहला अटेंप्ट था।

दरअसल, IAS, IFS, IPS और केंद्रीय सेवा समूह ‘A’ और समूह ‘B’ में कुल 927 रिक्तियां हैं। जिन्हें भरने के लिए 19 फरवरी 2019 से आवेदन शुरू किए गए थे। प्रीलिमनरी एग्जाम 06 जून 2019 को, सिविल सर्विसेज मेन्स एग्जाम 20 सितंबर 2019 को, इंटरव्यू 20-30 जुलाई 2020 और मेडिकल के बाद फाइनल रिजल्ट 04 अगस्त 2020 को जारी किया गया था। नियुक्ति के लिए मेरिट के क्रम में 829 उम्मीदवारों की सिफारिश करते हुए, प्रेस नोट घोषित किया गया था।

पहले ही प्रयास में बनी IAS 

अंजली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व डॉ. अमिता की बिरला की छोटी बेटी हैं। यूपीएससी की ओर से सोमवार को जारी सूची में नाम आने के बाद उनके शक्ति नगर स्थित निवास पर अजंली को बधाई देने वालों का तांता लग गया।पत्रकारों से चर्चा करते हुए अंजली बिरला ने बताया कि उन्होंने कोटा के सोफिया स्कूल से आर्ट्स में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दिल्ली के रामजस कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) में डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने एक वर्ष दिल्ली में रहकर ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की।

10 से 12 घंटे की पढ़ाई, नए क्षेत्र में परिवार का नाम करना है रोशन

अंजली ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन 10 से 12 घंटे परीक्षा की तैयारी की। परीक्षा के लिए भी उन्होंने पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन्स विषय चुने थे। परिवार में राजनीतिक माहौल होने के बाद भी प्रशासनिक सेवाओं के क्षेत्र में जाने के सवाल पर अंजली ने कहा कि पिता राजनीतिज्ञ हैं, मां चिकित्सक हैं । परिवार के सभी अन्य सदस्य भी किसी न किसी रूप में सामाजिक सेवा के क्षेत्र से जुड़े हैं। वे भी अपनी मेहनत से स्वयं के पैरों पर खड़ा होकर एक अलग दृष्टिकोण से परिवार से अलग एक नए क्षेत्र में समाज की सेवा करना चाहती थीं। लिहाजा यूपीएससी परीक्षाओं की ओर रूख किया।

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