ब्रेकिंग: गरीबों को अगले 5 महीने तक मुफ्त राशन……PM मोदी बोले- गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, कोई नियमों से ऊपर नहीं…

नईदिल्ली 30 जून 2020. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के नाम संबोधन पूरा हो चुका है. करीब 16 मिनट चले इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए राशन वितरण की गरीब अन्य कल्याण योजना का विस्तार करने का फैसला किया और ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ का भी जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने अनलॉक-2 के दौरान बढ़ती लापरवाही पर भी बात की और ऐसा करने वालों को समझाने के लिए कहा. पीएम ने कहा कि त्योहारों का समय खर्च भी बढ़ाता है. फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दिवाली और छठ पूजा तक, यानी नवंबर के आखिरी तक कर दिया जाएगा. वर्षा ऋतु के बाद कृषि क्षेत्र में ज्यादा काम होता है.  जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनता है. सावन शुरू हो रहा है. रक्षाबंधन आएगा, कृष्ण जन्माष्मी आएगी. प्रत्येक परिवार को हर महीने पांच किलो गेहूं या चावल और एक किलो चना दिया जाएगा. इसमें 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे. पिछले महीने का खर्च भी जोड़ दें तो करीब 1.5 लाख करोड़ हो जाता है.

पीएम ने कहा कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में 80 करोड़ लोगों को तीन महीने का राशन मुफ्त दिया गया है. इसके अतिरिक्त प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो दाल भी दी गई. एक तरह देखें तो अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को, और यूरोपीय यूनियन की आबादी से दोगुने से ज्यादा लोगों को सरकार ने मुफ्त अनाज दिया.

पीएम मोदी ने कहा कि देश हो या व्यक्ति समय पर और संवेदनशीलता से फैसला लेने पर संकट का मुकाबला करने की शक्ति अनेक गुना बढ़ जाती है. इसलिए लॉकडाउन होते ही सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई. इस योजना के तहत गरीबों के लिए पौने दो लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया. बीते तीन महीनों में जनधन खातों में 31 हजार करोड़ रुपये जमा करवाए गए. 9 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपये जमा हुए हैं.

पीएम ने कहा कि आज मैं इसी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा करने जा रहा हूं। हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर कृषि क्षेत्र में ही ज्यादा काम होता है। अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है। जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है। 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा, उसके बाद श्रावण है, फिर 15 अगस्त, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, ओनम, नवरात्र है, दशहरा, दीपावली, छठी मइया की पूजा है, त्योहारों का यह समय खर्च भी बढ़ाता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का विस्तार दिपावली और छठ पूजा यानी नवंबर के आखिरी तक कर दिया जाएगा। यानी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने वाली योजना जुलाई , अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर में भी लागू रहेगी। सरकार द्वारा इन पांच महीनों के लिए 80 करोड़ से ज्यादा गरीब भाई बहनों, परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेंहू या 5 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा।

साथ ही प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे। इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो, हम दूसरे राज्यों से भी इस काम को आगे बढ़ाने को कह रहे हैं, पूरे देश के लिए एक राशन कार्ड की व्यवस्था हो रही है। इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा जो रोजगार या अन्य जरूरत के लिए अपना गांव छोड़कर किसी और राज्य में जाते हैं। आज गरीब को जरूरतमंद को सरकार यदि मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है, पहला हमारे देश के मेहनती किसान हमारे अन्नदाता और दूसरा हमारे देश के ईमानदार टैक्सपेयर। आपका परिश्रम और आपका समपर्ण ही, जिसकी वजह से देश यह मदद कर पा रहा है। आपने देश का अन्न भंडार भरा है, इसलिए आज गरीब और श्रमिक का चूल्हा जल रहा है। आपने ईमानदारी से टैक्स भरा है, अपना दायित्व निभाया है, इसलिए देश का गरीब इतने बड़े संकट से मुकालबा कर पा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज गरीब के साथ ही देश के हर किसान, हर टैक्स पेयर्स का हृदय से बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं, नमन करता हूं। आने वाले समय में हम अपने प्रयासों को और तेज करेंगे। हम करीब, पीड़ित, वंचित को सशक्त करने के लिए निरंतर काम करेंगे। हम सारी अहतियात रखते हुए आर्थिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाएंगे। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन रात एक करेंगे। हम सब लोकल के लिए वोकल होंगे। इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को संकल्प के साथ काम करना है और आगे भी बढ़ना है.

पीएम मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था. अब देश के नागरिकों को फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है. जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उन्हें रोकना होगा और समझाना होगा. आपने खबरों में देखा होगा कि एक देश के प्रधानमंत्री पर 13 हजार का जुर्मान लग गया क्योंकि वे सार्वजनिक स्थान पर बिना मास्क पहने गए थे. भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती से काम करना चाहिए.

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