ब्रेकिंग : कांग्रेस ने BJP नेताओं की लिस्ट की जारी……धान खरीदी पर सवाल उठाने वाले नेताओं ने शुरूआती दिनों में ही बेच दिय़े अपने सारे धान…. रमन सिंह और अभिषेक लिस्ट में सबसे उपर…. देखिये लिस्ट में किस नेता ने कितने के बेचे धान

रायपुर 20 जनवरी 2021। किसान आंदोलन की गूंज छत्तीसगढ़ में भी खूब सुनाई पड़ रही है। कांग्रेस इस मामले में भाजपा पर बयानों से हमला बोल रही है, तो वहीं दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर भाजपा को बेनकाब करने में भी जुटी हुई है। इसी कड़ी में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह ने भाजपा नेताओं की एक लिस्ट के साथ ट्वीट किया है। भाजपा के शीर्ष नामों वालों इस लिस्ट में धान खरीदी प्रदेश में शुरू होते ही समर्थन मूल्य पर धान बेचने और न्याय योजना का लाभ लेने वाले शामिल हैं।

दो दिन पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लेकर भाजपा नेताओं पर निशाना साधा था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कि

“भाजपा के नेताओं को न्याय योजना का लाभ लेना है या नहीं, समर्थन मूल्य में बेचना है या नहीं….अगर नहीं बेचना है तो नाम बतना चाहिये, अगर समर्थन मूल्य पर उन्हें विश्वास नहीं है तो बोलना चाहिये छत्तीसगढ़ सरकार के समर्थन मूल्य उन्हें नहीं बेचना है, वो मंडियों में बेचना चाहते हैं”

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस बयान के बाद कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने भाजपा नेताओं के नामों की लिस्ट सार्वजनिक की है, जिन्होंने शुरुआती दिनों में ही लाखों रूपये का अपना धान बेच दिया है। लिस्ट के मुताबिक रमन सिंह ने 6.25 लाख रुपये से ज्यादा के धान जनवरी के पहले सप्ताह में ही बेच दिये थे, तो वहीं उनके बेटे पूर्व सांसद अभिषेक ने पांच लाख से ज्यादा के धान दिसंबर में ही बेच दिये थे। उसी तरह से नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने 2.25 लाख, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने 1.75 लाख, सांसद संतोष पांडेय ने 3.33 लाख से ज्यादा, सांसद गोमती साय ने 2.20 लाख, सांसद विजय बघेल ने 4.65 लाख, पूर्व सांसद नंदकुमार साय ने 4 लाख, राम प्रताप सिंह ने 1.85 लाख, विजयशंकर पटनायक ने 5.23 लाख, रामसेवक पैकरा ने 1.21 लाख, रणविजय जूदेव 2.93 लाख, पुन्नूलाल मोहले 6.11 लाख, डमरूधर पुजारी ने 1.12 लाख,. रजनीश सिंह 4.70 लाख, कमलभान सिंह ने 2.05 लाख रुपये बेचे।

दरअसल दिल्ली की केंद सरकार जिस तरह से कृषि बिल को लेकर अड़ी हुई है और छत्तीसगढ़ बीजेपी केंद्र के साथ सुर में सुर मिला रही है साथ ही प्रदेश की भूपेश सरकार पर किसान अहितकारी बताने की कोशिश कर रही है, उसी को लेकर प्रदेश बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान मचा हुआ है। आरोप प्रत्यारोप के बाद नाम सहित लिस्ट के सार्वजनिक किया जाना उसी कड़ी का हिस्सा कहा जा रहा है।

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